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Pilibhit News: घेरा रिछोला में गूंजेगा परिंदों का कलरव, बनेगा बर्ड वॉचिंग का नया ठिकाना, पर्यटक उठाएंगे लुत्फ

Mon, 24 Aug 2026 01:38 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 24 Aug 2026 01:38 AM IST
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The chirping of birds will echo in Ghera Richhola; it will become a new bird-watching destination for tourists to enjoy.
घेरा रिछोला वेटलैंड। स्रोत विभाग
20 हेक्टेयर के वेटलैंड को संवारने की तैयारी, 40 लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा, पर्यटकों के लिए कैंटीन, बैठने की जगह और एप्रोच रोड, जलीय जीवों के लिए बनेगा प्राकृतिक आवास
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पीलीभीत। तराई की प्राकृतिक खूबसूरती अब पर्यटन के नए रंग में नजर आएगी। पीलीभीत-माधोटांडा मार्ग के किनारे स्थित करीब 20 हेक्टेयर में फैले घेरा रिछोला वेटलैंड को इको टूरिज्म और बर्ड वॉचिंग के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। वन विभाग ने इसके कायाकल्प, सौंदर्यीकरण और पर्यटक सुविधाओं के लिए 40 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। बजट को मंजूरी मिलते ही वेटलैंड को संवारने का काम शुरू होगा। योजना साकार हुई तो यहां सैलानियों के साथ पक्षी प्रेमियों की आवाजाही बढ़ेगी और घेरा रिछोला जिले में बर्ड वॉचिंग के लिए नया पहचान केंद्र बन सकता है।
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व और सामाजिक वानिकी प्रभाग के क्षेत्रों में 300 से अधिक वेटलैंड हैं। ये जलक्षेत्र तराई की जैवविविधता के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। कई वेटलैंड 50 हेक्टेयर से भी अधिक क्षेत्र में फैले हैं। इन स्थानों पर स्थानीय पक्षियों के साथ प्रवासी पक्षियों की भी आवाजाही रहती है। इन्हीं प्राकृतिक धरोहरों को पर्यटन से जोड़ने की कवायद में घेरा रिछोला वेटलैंड को प्राथमिकता दी गई है।
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बीते वर्ष मुख्य वन संरक्षक इको डेवलपमेंट नीरज कुमार ने वेटलैंड का निरीक्षण किया था। डीएफओ भरत कुमार डीके के साथ उन्होंने जलभराव, क्षेत्रफल और जैवविविधता की स्थिति देखी थी। निरीक्षण के बाद वेटलैंड के संरक्षण और विकास के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। वेटलैंड के विकास के लिए तैयार प्रस्ताव में सिर्फ पर्यटकों की सुविधाओं पर ही जोर नहीं दिया गया है, बल्कि जैवविविधता संरक्षण को भी प्राथमिकता दी गई है। जलीय जीव-जंतुओं के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए विशेष पौंड विकसित किया जाएगा।
वेटलैंड क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था और निगरानी के लिए वॉचर की तैनाती की जाएगी। पर्यटकों और पक्षी प्रेमियों के लिए बैठने के स्थान, कैंटीन और एप्रोच रोड जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कोशिश रहेगी कि पूरा विकास प्राकृतिक वातावरण के अनुरूप हो, ताकि वेटलैंड की मूल प्रकृति और पक्षियों के आवास पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। संवाद



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घेरा रिछोला वेटलैंड को इको टूरिज्म और जैवविविधता संरक्षण के मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए 40 लाख रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कराया जाएगा। भविष्य में यह स्थल बर्ड वॉचर्स और पर्यटकों के लिए जिले का प्रमुख आकर्षण बन सकता है।
- भरत कुमार डीके, डीएफओ, सामाजिक वानिकी प्रभाग
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