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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   The body of a young man addicted to gaming was found hanging; he was asking his mother for a new mobile phone.

Pilibhit News: फंदे से लटका मिला गेमिंग के लती युवक का शव, मां से मांग रहा था नया मोबाइल फोन

Thu, 26 Mar 2026 01:50 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 26 Mar 2026 01:50 AM IST
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The body of a young man addicted to gaming was found hanging; he was asking his mother for a new mobile phone.
तीन साल पहले लगी थी लत, पुराना फोन तोड़ने के बाद बकरी बेचने का बना रहा था दबाव
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बीसलपुर। कोतवाली के दुगीपुर बड़गवां निवासी 18 वर्षीय अरुण मिश्रा का शव घर में फंदे से लटका मिला। युवक मोबाइल पर ऑनलाइन गेम खेलने का लती था। मां से नया मोबाइल मांग रहा था। मोबाइल फोन न मिलने से आहत होकर घर के टिनशेड में फंदा लगाकर आत्महत्या करने की बात कही जा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

कोतवाली बीसलपुर क्षेत्र के मोहल्ला दुगीपुर बड़गवां निवासी अरुण मिश्रा (18) लंबे समय से ऑनलाइन गेम खेलने का आदी था। बताया जा रहा है कि वह काफी रुपये हार चुका था। दो दिन पूर्व उसकी मां सपना देवी ने उसे गेम खेलने को लेकर डांट दिया था। इससे नाराज होकर उसने अपना मोबाइल फोन तोड़ दिया था। इसके बाद से वह लगातार नया एंड्रॉयड मोबाइल दिलाने की जिद कर रहा था। बताया जाता है कि मां ने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए नया मोबाइल दिलाने से मना कर दिया। इससे अरुण मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। मां से बकरी बेचने को कहा।
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बुधवार को जब उसकी मां घर के बाहर झाड़ू लगा रही थी और छोटी बहन राधा बकरी चराने गई हुई थी। तभी अरुण घर के ऊपर टिनशेड पर पहुंच गया। थोड़ी देर बाद उसका शव गमछे के फंदे से लटका मिला। सूचना मिलने पर कोतवाल संजीव शुक्ला पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
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पुलिस के अनुसार, पोस्टमाॅर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। इधर, घटना की सूचना सुबह ही मृतक के पिता बाबूराम को दे दी गई थी। उन्होंने घर आने के लिए किराये के पैसे मांगे, जो परिजनों ने भेज भी दिए। संवाद

इकलौते बेटे की मौत से टूटा परिवार
मृतक अरुण अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसके पिता बाबूराम मिश्रा शराब के आदी बताए जाते हैं और फिलहाल दिल्ली में मजदूरी कर रहे हैं। परिवार की पूरी जिम्मेदारी मां सपना देवी पर थी, जो घरों में झाड़ू-पोछा और बर्तन धोकर परिवार का पालन-पोषण कर रही थीं। अब बेटे की मौत से उनका सहारा भी छिन गया है। परिवार में अरुण की तीन बहनें हैं, 24 वर्षीय कल्पना, 21 वर्षीय चांदनी और पांच वर्षीय राधा शामिल हैं। भाई की मौत से बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। चांदनी बार-बार यही कह रही है कि अब वह किसकी कलाई पर राखी बांधेगी।

अंतिम संस्कार के लिए भी नहीं थे पैसे
परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी दयनीय है कि अंतिम संस्कार के लिए भी पैसे नहीं थे। इस स्थिति को देखते हुए कोतवाल और दो अन्य लोगों ने ने मिलकर 5500 रुपये एकत्र किए और परिवार को सहायता प्रदान की।

अभिभावक रखें बच्चों पर नजर, कराएं काउंसलिंग

पीलीभीत। आजकल बच्चे मोबाइल पर अधिक समय गुजारने और ऑनलाइन गेमिंग की लत का शिकार हो रहे हैं। बच्चों के स्वभाव में भी बदलाव आ रहा है। मेडिकल कॉलेेज की मनोचिकित्सक डॉ. प्रियंका भटनागर ने बताया कि बच्चे कितनी देर तक मोबाइल का प्रयोग करते हैं। अभिभावकों को इस पर नजर रखनी चाहिए। ऑनलाइन गेमिंग में बच्चों को रुपये कमाने का लालच लग जाता है। उन्हें लगता है कि पैसे होंगे तो वह अपनी पसंद का सामान खरीद लेंगे। इसको लेकर अभिभावकों को अधिक सजगता बरतनी चाहिए। बच्चों को फोन का उपयोग सीमित समय तक करने दें। अगर बच्चा किसी लत का शिकार हो जाए तो उसकी काउंसलिंग कराएं। बच्चे को इससे होने वाले नुकसान बताएं और अधिक से अधिक समय दें। संवाद


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