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दस किसानों का 56 बीघा गेहूं जलकर राख
ब्यूरो पीलीभीत/जहानाबाद।
Updated Tue, 12 Apr 2016 11:07 PM IST
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जलकर राख हो गया।
- फोटो : अमर उजाला
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माचिस की जलती तीली फेंकने से भड़की आग
खेत में जलती माचिस की तीली फेंक देने से गांव किशनपुरा गौनेरी निवासी जसवंत कुमार और उनके दो भाइयों समेत 10 किसानों का 56 बीघा गेहूं जलकर राख हो गया। महीनों की मेहनत पलक झपकते आग की भेंट चढ़ जाने से पीड़ित किसानों के परिवारों में हाहाकार मचा है।
मंगलवार दोपहर 12 बजे किसी ने जलती हुई माचिस की तीली खेत के किनारे फेंक दी। इससे जसवंत के खेत में पकी खड़ी गेहूं की फसल में आग लग गई। तेज हवा चल रही होने के कारण आग ने आसपास के खेतों को भी अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। आग का विकराल रूप देख किसानों में हड़कंप मच गया। तमाम किसान ट्रैक्टर, हैरों आदि उपकरण लेकर मौके पर पहुंच गए। किसान जब तक बढ़ रही आग को रोकने और बुझाने का प्रयास करते तब तक आग ने जसवंत, उनके भाई कालीचरन और शिवकुमार के खेत को अपने आगोश में ले लिया। इस अग्निकांड में तीनों भाइयों का 24 बीघा गेहूं आग की भेंट चढ़ गया। इसके अलावा लेखराज का चार बीघा गेहूं, चार बीघा गन्ना, खूबचंद्र का चार बीघा गेहूं, रामपाल, प्रेमराज का पांच -पांच बीघा गेहूं, रोहताश का चार बीघा गेहूं, कुंदनलाल का चार बीघा गन्ना, श्यामलाल का सात बीघा गेहूं जलकर राख हो गया। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने खेतों में सुलग रही आग बुझाई।
हे! भगवान अब क्या होगा
24 बीघा गेहूं जलने से किसान जसवंत, उनके भाई कालीचरन और शिवकुमार सहित सभी पीड़ित किसानों के परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। जसवंत कुमार की मां कैकेई देवी और बच्चे खेत में ही विलख रहे थे। कैकेई कह रही थीं कि अब वह कैसे कर्ज चुकाएंगी। खेतों में विलख रही महिलाओं के मुंह से बस यही निकल रहा था कि हे, भगवान अब क्या होगा।
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बिजली का तार टूटकर गिरने से लगी आग
गजरौला में वैबहा फार्म निवासी कारज सिंह ने बताया कि उसके खेत से एलटी लाइन निकली हुई है। खंभों पर खिंचे तार काफी ढीले हैं। उन्होंने कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से तार सही कराने की मांग की, लेकिन अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। सोमवार आधी रात को तेज हवाओं के बीच तार टूटकर गिर गया। इससे खेत में आग लग गई और तीन एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।
पूरनपुर में नवदिया नदी किनारे जुकना में गेहूं के खेतों में आग से किसानों में हड़कंप मच गया। आग में गांव निवासी बलविंदर सिंह, सतनाम सिंह, करम सिंह, सूर्ती सिंह आदि का कई एकड़ गेहूं और बिल्ला सिंह की गन्ना की फसल जल गई।
जराकोठी में गांव शिवनगर नवदिया में रोशन लाल के खेत में नरई की आग से समीप के किसानों के गेहूं के खेतों को चपेट में ले लिया। आग से ओम प्रकाश का तीन बीघा, रामपाल का दो एकड़, महिपाल सिंह का सात बीघा, मिश्रीलाल का एक एकड़, रीतराम का दो बीघा गेहूं जलकर राख हो गया। आग बुझने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची।
खेत में जलती माचिस की तीली फेंक देने से गांव किशनपुरा गौनेरी निवासी जसवंत कुमार और उनके दो भाइयों समेत 10 किसानों का 56 बीघा गेहूं जलकर राख हो गया। महीनों की मेहनत पलक झपकते आग की भेंट चढ़ जाने से पीड़ित किसानों के परिवारों में हाहाकार मचा है।
मंगलवार दोपहर 12 बजे किसी ने जलती हुई माचिस की तीली खेत के किनारे फेंक दी। इससे जसवंत के खेत में पकी खड़ी गेहूं की फसल में आग लग गई। तेज हवा चल रही होने के कारण आग ने आसपास के खेतों को भी अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। आग का विकराल रूप देख किसानों में हड़कंप मच गया। तमाम किसान ट्रैक्टर, हैरों आदि उपकरण लेकर मौके पर पहुंच गए। किसान जब तक बढ़ रही आग को रोकने और बुझाने का प्रयास करते तब तक आग ने जसवंत, उनके भाई कालीचरन और शिवकुमार के खेत को अपने आगोश में ले लिया। इस अग्निकांड में तीनों भाइयों का 24 बीघा गेहूं आग की भेंट चढ़ गया। इसके अलावा लेखराज का चार बीघा गेहूं, चार बीघा गन्ना, खूबचंद्र का चार बीघा गेहूं, रामपाल, प्रेमराज का पांच -पांच बीघा गेहूं, रोहताश का चार बीघा गेहूं, कुंदनलाल का चार बीघा गन्ना, श्यामलाल का सात बीघा गेहूं जलकर राख हो गया। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने खेतों में सुलग रही आग बुझाई।
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हे! भगवान अब क्या होगा
24 बीघा गेहूं जलने से किसान जसवंत, उनके भाई कालीचरन और शिवकुमार सहित सभी पीड़ित किसानों के परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। जसवंत कुमार की मां कैकेई देवी और बच्चे खेत में ही विलख रहे थे। कैकेई कह रही थीं कि अब वह कैसे कर्ज चुकाएंगी। खेतों में विलख रही महिलाओं के मुंह से बस यही निकल रहा था कि हे, भगवान अब क्या होगा।
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बिजली का तार टूटकर गिरने से लगी आग
गजरौला में वैबहा फार्म निवासी कारज सिंह ने बताया कि उसके खेत से एलटी लाइन निकली हुई है। खंभों पर खिंचे तार काफी ढीले हैं। उन्होंने कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से तार सही कराने की मांग की, लेकिन अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। सोमवार आधी रात को तेज हवाओं के बीच तार टूटकर गिर गया। इससे खेत में आग लग गई और तीन एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।
पूरनपुर में नवदिया नदी किनारे जुकना में गेहूं के खेतों में आग से किसानों में हड़कंप मच गया। आग में गांव निवासी बलविंदर सिंह, सतनाम सिंह, करम सिंह, सूर्ती सिंह आदि का कई एकड़ गेहूं और बिल्ला सिंह की गन्ना की फसल जल गई।
जराकोठी में गांव शिवनगर नवदिया में रोशन लाल के खेत में नरई की आग से समीप के किसानों के गेहूं के खेतों को चपेट में ले लिया। आग से ओम प्रकाश का तीन बीघा, रामपाल का दो एकड़, महिपाल सिंह का सात बीघा, मिश्रीलाल का एक एकड़, रीतराम का दो बीघा गेहूं जलकर राख हो गया। आग बुझने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची।