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Pilibhit News: पूरनपुर में अभियान, चार बाल श्रमिक कराए मुक्त
Thu, 08 Oct 2026 12:06 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Thu, 08 Oct 2026 12:06 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पूरनपुर। बाल श्रम के खिलाफ बुधवार को पूरनपुर में अभियान चलाया गया। श्रम प्रवर्तन अधिकारी अंजू अग्रवाल के निर्देशन में जिला प्रोबेशन अधिकारी के सहयोग से विभिन्न प्रतिष्ठानों की जांच की गई। अभियान के दौरान चार बाल श्रमिकों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया।
टीम ने मेडिकल, मैकेनिक शॉप, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, कपड़े की दुकान, किराना स्टोर और स्टील वर्क्स समेत अन्य प्रतिष्ठानों पर जांच की। मुक्त कराए गए सभी बच्चों को वर्चुअल माध्यम से बाल कल्याण समिति पीलीभीत के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति ने बच्चों के परिजनों को भविष्य में उनसे बाल श्रम न कराने की हिदायत देते हुए सभी को उनके सुपुर्द कर दिया।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी अंजू अग्रवाल ने बताया कि बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2016 के तहत खतरनाक प्रक्रिया में बाल श्रम कराने के दोषी सेवायोजकों के खिलाफ एक वर्ष तक की सजा या 50 हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किए जाने का प्रावधान है।
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अभियान में चाइल्ड हेल्पलाइन परियोजना समन्वयक निर्वान सिंह, एसजेपीयू प्रभारी निरीक्षक नितिन कुमार, डीसीपीयू परामर्शदाता अभिषेक शुक्ला, थाना पूरनपुर उपनिरीक्षक/बाल कल्याण अधिकारी पिंकी यादव समेत पुलिस और अन्य संबंधित कर्मचारी मौजूद रहे।
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पूरनपुर। बाल श्रम के खिलाफ बुधवार को पूरनपुर में अभियान चलाया गया। श्रम प्रवर्तन अधिकारी अंजू अग्रवाल के निर्देशन में जिला प्रोबेशन अधिकारी के सहयोग से विभिन्न प्रतिष्ठानों की जांच की गई। अभियान के दौरान चार बाल श्रमिकों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया।
टीम ने मेडिकल, मैकेनिक शॉप, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, कपड़े की दुकान, किराना स्टोर और स्टील वर्क्स समेत अन्य प्रतिष्ठानों पर जांच की। मुक्त कराए गए सभी बच्चों को वर्चुअल माध्यम से बाल कल्याण समिति पीलीभीत के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति ने बच्चों के परिजनों को भविष्य में उनसे बाल श्रम न कराने की हिदायत देते हुए सभी को उनके सुपुर्द कर दिया।
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श्रम प्रवर्तन अधिकारी अंजू अग्रवाल ने बताया कि बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2016 के तहत खतरनाक प्रक्रिया में बाल श्रम कराने के दोषी सेवायोजकों के खिलाफ एक वर्ष तक की सजा या 50 हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किए जाने का प्रावधान है।
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अभियान में चाइल्ड हेल्पलाइन परियोजना समन्वयक निर्वान सिंह, एसजेपीयू प्रभारी निरीक्षक नितिन कुमार, डीसीपीयू परामर्शदाता अभिषेक शुक्ला, थाना पूरनपुर उपनिरीक्षक/बाल कल्याण अधिकारी पिंकी यादव समेत पुलिस और अन्य संबंधित कर्मचारी मौजूद रहे।