फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   tanda

टाडा बंदियों की हत्या के मामले में गृहसचिव की आज हाईकोर्ट में पेशी

Thu, 05 Mar 2020 07:18 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 05 Mar 2020 07:18 PM IST
विज्ञापन
tanda
पीलीभीत। वर्ष 1994 में जिला जेल में 10 टाडा बंदियों की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में प्रदेश के गृहसचिव बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट में पेश होंगे। हाईकोर्ट ने उन्हें व्यक्तिगत रुप से तलब किया है। उन्हें अपना स्पष्टीकरण भी दाखिल करना होगा। मामले की सुनवाई पर जनपदवासियों की निगाहें लगी है।
विज्ञापन

पीलीभीत जेल में वर्ष 1994 में सैकड़ों टाडा बंदी निरुद्ध थे। इनमें पीलीभीत के अलावा उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा के बंदी भी थे। नौ नवंबर 1994 की रात को कुछ टाडाबंदियों ने बैरक का जंगला काटकर भागने का प्रयास किया। उसके बाद जेलकर्मियों ने बैरक नंबर सात में निरुद्ध 28 टाडा बंदियों की बेरहमी से पिटाई की। इनमें से नौ बंदियों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दसवें टाडा बंदी की इलाज के दौरान केजीएमसी लखनऊ में मौत हुई थी। टाडा बंदियों की मौत और पिटाई की खबर जेल से बाहर आते ही हड़कंप मच गया। तत्कालीन डीएम ने शासन से सीबीसीआईडी जांच की सिफारिश की। सपा अध्यक्ष ज्ञानी त्रिलोचन सिंह ने अज्ञात जेल कर्मियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जेल कर्मियों ने भी टाडा बंदियों पर फरार होने का लिखित आरोप लगाया। जेल वालों ने टाडा बंदियों के जूते चप्पल और सामान को भी आग लगा दी थी।
विज्ञापन

सीबीसीआईडी ने जांच के बाद जेल अधीक्षक विंध्याचल सिंह यादव, जेलर शंहशाह हुसैन जाफरी सहित 48 जेल कर्मियों पर हत्या समेत विभिन्न धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। आरोपी हाईकोर्ट चले गए। वहां मुकदमे की सुनवाई पर रोक लगा दी गई। यह फाइल स्टे के आधार पर चलती रही। इस बीच प्रदेश में सपा की सरकार बनी और एक दशक पहले सरकार ने इस मुकदमे को वापस ले लिया। मुकदमा वापसी के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। उस पर हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा। जवाब दाखिल न करने पर उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति द्वय सुधीर अग्रवाल और राजीव मिश्रा ने 26 फरवरी को सुनवाई के दौरान इस बात पर आपत्ति जताई कि राज्य के प्रमुख सचिव गृह ने काउंटर शपथ पत्र दाखिल नहीं किया है। उन्हें हाईकोर्ट में पांच मार्च को यानी कि आज व्यक्तिगत रुप से तलब किया गया है। वह उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन न करने का स्पष्टीकरण भी दाखिल करेंगे। हाईकोर्ट में गुरुवार को होने वाली इस महत्वपूर्ण मुकदमे की सुनवाई पर टाडा बंदियों के परिवारों समेत समस्त जनपदवासियों की भी निगाहें लगी हुई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed