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सोशल मीडिया पर उम्मीदवारों के समर्थक कर रहे वार और पलटवार
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पीलीभीत। प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने चुनाव प्रचार के लिए सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाए हैं। इनमें वार और पलटवार की राजनीति और चुनावी माहौल गर्माया हुआ है। उम्मीदवारों ने ग्रुप बनाकर पूरा सिस्टम खड़ा किया है। कई युवाओं को टीम को सक्रिय किया गया है। टीम प्रत्याशी के चुनाव प्रचार संबंधी फोटो और वीडियो को अपलोड करती है। साथ में जिस दल का उम्मीदवार है उसके बड़े नेताओं के भाषण संबंधी ऑडियो और वीडियो शेयर करती है। अगर विरोध में कमेंट आया है तो उसका जवाब देने का काम भी टीम करती है।
विधानसभा चुनाव की घोषणा होते ही जनपद की सियासत भी गरमा गई है। 23 फरवरी को चारों सीटों पर मतदान होना है। सभी राजनीतिक पार्टियों ने उम्मीदवारों की घोषणा भी कर दी है। नामांकन प्रक्रिया भी तेज है। इधर, कोविड को लेकर निर्वाचन आयोग की ओर से जनसभाओं पर रोक लगाई गई है। ऐसे में उम्मीदवारों के साथ समर्थकों ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल को तेज कर दिया। इसके लिए उम्मीदवारों ने सोशल मीडिया के सक्रिय युवाओं को चिह्नित कर जिम्मेदारी सौंपी है। जो उम्मीदवारों के नाम ग्रुप बनाकर युवाओं को जोड़ रहे हैं। ग्रुप में विधानसभा क्षेत्र के अधिकतर गांव के युवा व अन्य लोगों को जोड़ा गया है। व्हाट्स एप, फेसबुक पर ज्यादा सक्रियता देखी जा रही है। अपने-अपने उम्मीदवारों और पार्टी से संबंधित प्रचार करने में जुटे हैं।
सोशल मीडिया पर सबसे अधिक सक्रियता भाजपा और सपा के समर्थकों की देखी जा रही है। गीत के साथ अपनी पार्टियों के फोटो और वीडियो को अपलोड किया जा रहा है। इस पर समर्थक एक दूसरे की पोस्ट पर कमेंट कर पलटवार भी कर रहे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत को भी आधार बनाकर चर्चा की जा रही है। फिलहाल चुनाव का समय जैसे ही नजदीक आ रहा है। चुनावी गर्मी के साथ बार वार और पलटवार भी तेज हो गए हैं। सांप्रदायिक आधार पर कमेंट भी किए जा रहे हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर निगरानी के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है लेकिन अभी तक ऐसा कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है जिसमें आचार संहिता का उल्लंघन सामने आए।
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विधानसभा चुनाव की घोषणा होते ही जनपद की सियासत भी गरमा गई है। 23 फरवरी को चारों सीटों पर मतदान होना है। सभी राजनीतिक पार्टियों ने उम्मीदवारों की घोषणा भी कर दी है। नामांकन प्रक्रिया भी तेज है। इधर, कोविड को लेकर निर्वाचन आयोग की ओर से जनसभाओं पर रोक लगाई गई है। ऐसे में उम्मीदवारों के साथ समर्थकों ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल को तेज कर दिया। इसके लिए उम्मीदवारों ने सोशल मीडिया के सक्रिय युवाओं को चिह्नित कर जिम्मेदारी सौंपी है। जो उम्मीदवारों के नाम ग्रुप बनाकर युवाओं को जोड़ रहे हैं। ग्रुप में विधानसभा क्षेत्र के अधिकतर गांव के युवा व अन्य लोगों को जोड़ा गया है। व्हाट्स एप, फेसबुक पर ज्यादा सक्रियता देखी जा रही है। अपने-अपने उम्मीदवारों और पार्टी से संबंधित प्रचार करने में जुटे हैं।
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सोशल मीडिया पर सबसे अधिक सक्रियता भाजपा और सपा के समर्थकों की देखी जा रही है। गीत के साथ अपनी पार्टियों के फोटो और वीडियो को अपलोड किया जा रहा है। इस पर समर्थक एक दूसरे की पोस्ट पर कमेंट कर पलटवार भी कर रहे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत को भी आधार बनाकर चर्चा की जा रही है। फिलहाल चुनाव का समय जैसे ही नजदीक आ रहा है। चुनावी गर्मी के साथ बार वार और पलटवार भी तेज हो गए हैं। सांप्रदायिक आधार पर कमेंट भी किए जा रहे हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर निगरानी के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है लेकिन अभी तक ऐसा कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है जिसमें आचार संहिता का उल्लंघन सामने आए।
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