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सुंदरवन की टीम करेगी जंगल से सटे गांव का अध्ययन

Fri, 30 Oct 2015 12:01 AM IST
Pilibhit
Pilibhit Updated Fri, 30 Oct 2015 12:01 AM IST
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जंगल से सटे क्षेत्र के लोगों का रहन-सहन और बेहतर बनाने के लिए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की ओर से सुंदरवन (पश्चिम बंगाल) की टीम यहां पहुंची है। टीम गांव में इनर्जी सिस्टम सहित मूल समस्याओं का अध्ययन कर रही है। चार दिवसीय अध्ययन के बाद टीम अपनी रिपोर्ट दिल्ली मुख्यालय भेजेगी।

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टाइगर रिजर्व बनने के बाद से ही डब्ल्यूडब्ल्यूएफ जंगल से क्षेत्र से जुड़े गांव के लोगों की जंगल पर निर्भरता कम करने के प्रयास में जुटा है। इसके लिए ग्रामीणों की पहली जरूरत ईंधन को पूरा करने के लिए एलपीजी गैस के कनेक्शन दिलवाए गए थे साथ विभाग भी स्वयं सहायता समूह के माध्यम से लोगों को रोजगार से जोड़ रहा है। अब डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इन गांव की बिजली पानी आदि की मूलभूत जरूरतों के संबंध में अध्ययन करेगा। इसके लिए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के इनर्जी सिस्टम के एक्पर्ट पश्चिम बंगाल के सुंदरवन में कार्यरत सुब्रो सेन दो सदस्यीय टीम के साथ पीलीभीत पहुंचे हैं। उन्होंने अमर उजाला को बताया कि सुंदरवन में जंगल से सटे क्षेत्रों में ईंधन के अलावा सबसे बड़ी समस्या बिजली की है। इसके लिए वहां सोलर सिस्टम, बैट्री लाइट एवं अन्य संसाधनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि टाइगर रिजर्व के साथ ही दुधवा नेशनल पार्क को मिलाकर पूरी तराई बेल्ट का अध्ययन किया जाएगा। सेन ने बताया कि चार दिन क्षेत्र में भ्रमण कर ग्रामीणों से भी उनकी आवश्यकताओं एवं उनके सुझाव मांगे जाएंगे। अध्ययन पूरा होने पर रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी।

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