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भुगतान में फिर फिसड्डी साबित हो रही चीनी मिलें, 101 करोड़ नया बकाया
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पीलीभीत। चीनी मिलें किसानों को भुगतान के नाम पर फिर रुलाने लगीं हैं। पिछले साल का पूरा बकाया नहीं दिया जबकि नए सत्र का भुगतान ही शुरू नहीं किया। नए पेराई सत्र का ही सौ करोड़ से ज्यादा बकाया है। अब एक सप्ताह बाद भुगतान शुरू कराने की बात कही जा रही है।
पिछले पेराई सत्र के भुगतान को लेकर शासन ने चिनी मिलों को लोन लेकर भुगतान करने के निर्देश दिए थे। विभाग द्वारा काफी फटकार लगाई जाने के बाद मिलों ने पिछला भुगतान शुरू किया। पिछले सत्र को 96 फीसदी भुगतान हो गया है, लेकिन बढ़ा मुद्दा है नए सत्र के भुगतान का है। एलएच शुगर मिल को छोड़ दें तो जिले की बाकी मिलें भुगतान में फिसड्डी साबित हो रही हैं। नए सत्र का सबसे ज्यादा 69.68 करोड़ बरखेड़ा चीनी मिल का बकाया है। पूरनपुर सहकारी चीनी मिल पर 14.95 करोड़ और बीसलपुर सहकारी मिल पर 16.56 करोड़ इस सत्र का बकाया है। कुल मिलाकर देखा जाए तो किसानों को नए सत्र में 101.19 करोड़ में से एक ढेला तक नहीं मिला है।
चौदह दिन के भीतर भुगतान का था आदेश
शासन के आदेश थे कि गन्ना तौल के चौदह दिन के भीतर किसानों को भुगतान किया जाएगा, लेकिन अफसरों की अनदेखी से मिल प्रशासन के कानों में जूं तक नहीं रेंगी। जिसका खामियाजा गन्ना किसानों को चुकाना पड़ रहा है।
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पिछले सत्र का भुगतान दो दिन में पूरा हो जाएगा। इसके बाद नया भुगतान कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि बरखेड़ा को थोड़ा वक्त लग सकता है लेकिन पूरनपुर और बीसलपुर मिल का भुगतान दो से तीन दिन में शुरू करा दिया जाएगा। - जितेंद्र कुमार मिश्र, जिला गन्ना अधिकारी
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पिछले पेराई सत्र के भुगतान को लेकर शासन ने चिनी मिलों को लोन लेकर भुगतान करने के निर्देश दिए थे। विभाग द्वारा काफी फटकार लगाई जाने के बाद मिलों ने पिछला भुगतान शुरू किया। पिछले सत्र को 96 फीसदी भुगतान हो गया है, लेकिन बढ़ा मुद्दा है नए सत्र के भुगतान का है। एलएच शुगर मिल को छोड़ दें तो जिले की बाकी मिलें भुगतान में फिसड्डी साबित हो रही हैं। नए सत्र का सबसे ज्यादा 69.68 करोड़ बरखेड़ा चीनी मिल का बकाया है। पूरनपुर सहकारी चीनी मिल पर 14.95 करोड़ और बीसलपुर सहकारी मिल पर 16.56 करोड़ इस सत्र का बकाया है। कुल मिलाकर देखा जाए तो किसानों को नए सत्र में 101.19 करोड़ में से एक ढेला तक नहीं मिला है।
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चौदह दिन के भीतर भुगतान का था आदेश
शासन के आदेश थे कि गन्ना तौल के चौदह दिन के भीतर किसानों को भुगतान किया जाएगा, लेकिन अफसरों की अनदेखी से मिल प्रशासन के कानों में जूं तक नहीं रेंगी। जिसका खामियाजा गन्ना किसानों को चुकाना पड़ रहा है।
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पिछले सत्र का भुगतान दो दिन में पूरा हो जाएगा। इसके बाद नया भुगतान कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि बरखेड़ा को थोड़ा वक्त लग सकता है लेकिन पूरनपुर और बीसलपुर मिल का भुगतान दो से तीन दिन में शुरू करा दिया जाएगा। - जितेंद्र कुमार मिश्र, जिला गन्ना अधिकारी