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Pilibhit News: चीनी मिल ने 109 दिन में पेरा 18.99 लाख क्विंटल गन्ना
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चीनी मिल पेराई सत्र बंद होने के बाद एकत्र अधिकारी और कर्मचारी- स्रोत - चीनी मिल
पूरनपुर। द किसान सहकारी चीनी मिल का पेराई सत्र शनिवार रात 1.30 बजे बंद हो गया। पेराई सत्र 109 दिन चला। क्षमता के अनुसार चीनी मिल को 27.25 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई करनी थी। नोकेन में बंद होने की वजह से मिल ने 18.99 लाख क्विंटल गन्ना पेरा। पंद्रह मार्च तक मिल ने 1.91 लाख क्विंटल चीनी बनाई।
चीनी मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ 28 नवंबर को पटला पूजन के साथ किया गया था। हालांकि मिल किसानों के धरना-प्रदर्शन के बाद नियमित रूप से चार दिसंबर से चली। शुरूआत में चार-पांच दिन तक चीनी मिल अक्सर खराबी व नोकेन में बंद हुई। चीनी मिल की पेराई क्षमता प्रतिदिन 25 हजार क्विंटल है। चीनी मिल को करीब 14,693 किसानों ने गन्ना सप्लाई किया। चीनी मिल के मुख्य गन्ना अधिकारी अजय कुमार यादव ने बताया कि चीनी मिल का पेराई सत्र शनिवार रात बंद कर दिया गया।
20 मार्च को बंद हो सकता है चीनी मिल का पेराई सत्र
बीसलपुर। किसान सहकारी चीनी मिल के अधिकारियों ने क्षेत्र का अधिकांश गन्ना खत्म हो जाने का दावा किया है। रविवार को मिल बंदी का दूसरा नोटिस जारी कर 20 मार्च को पेराई सत्र बंद करने का ऐलान किया है।
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मिल के मुख्य गन्नाधिकारी अवधेश कुमार ने बताया कि मिल क्षेत्र के खेतों में नाममात्र ही गन्ना रह गया है। रविवार को जारी किए गए मिल बंदी के दूसरे नोटिस में कहा गया है कि पेराई सत्र 20 मार्च को बंद कर दिया जाएगा। नोटिस में यह भी कहा गया है कि जिन किसानों के खेतों में गन्ना रह गया है निर्धारित समय तक हर हालत में गन्ना मिल को आपूर्ति कर दें। उसके बाद यदि किसी किसान के खेत में गन्ना रह जाता है तो उसकी जिम्मेदारी मिल प्रशासन की नहीं होगी। नोटिस चीनी मिल, गन्ना समिति और गन्ना परिषद के नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दिया गया है। उधर, किसान मजदूर संगठन के मंडल संयोजक गुल्ल पहलवान ने बरेली मंडल के कमिश्नर को ज्ञापन भेजकर किसान सहकारी चीनी मिल के गन्ना अनुभाग के अधिकारियों पर एक साथ बड़ी संख्या में गन्ने की पर्चियां जारी करने का आरोप लगाया है। संवाद
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चीनी मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ 28 नवंबर को पटला पूजन के साथ किया गया था। हालांकि मिल किसानों के धरना-प्रदर्शन के बाद नियमित रूप से चार दिसंबर से चली। शुरूआत में चार-पांच दिन तक चीनी मिल अक्सर खराबी व नोकेन में बंद हुई। चीनी मिल की पेराई क्षमता प्रतिदिन 25 हजार क्विंटल है। चीनी मिल को करीब 14,693 किसानों ने गन्ना सप्लाई किया। चीनी मिल के मुख्य गन्ना अधिकारी अजय कुमार यादव ने बताया कि चीनी मिल का पेराई सत्र शनिवार रात बंद कर दिया गया।
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20 मार्च को बंद हो सकता है चीनी मिल का पेराई सत्र
बीसलपुर। किसान सहकारी चीनी मिल के अधिकारियों ने क्षेत्र का अधिकांश गन्ना खत्म हो जाने का दावा किया है। रविवार को मिल बंदी का दूसरा नोटिस जारी कर 20 मार्च को पेराई सत्र बंद करने का ऐलान किया है।
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मिल के मुख्य गन्नाधिकारी अवधेश कुमार ने बताया कि मिल क्षेत्र के खेतों में नाममात्र ही गन्ना रह गया है। रविवार को जारी किए गए मिल बंदी के दूसरे नोटिस में कहा गया है कि पेराई सत्र 20 मार्च को बंद कर दिया जाएगा। नोटिस में यह भी कहा गया है कि जिन किसानों के खेतों में गन्ना रह गया है निर्धारित समय तक हर हालत में गन्ना मिल को आपूर्ति कर दें। उसके बाद यदि किसी किसान के खेत में गन्ना रह जाता है तो उसकी जिम्मेदारी मिल प्रशासन की नहीं होगी। नोटिस चीनी मिल, गन्ना समिति और गन्ना परिषद के नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दिया गया है। उधर, किसान मजदूर संगठन के मंडल संयोजक गुल्ल पहलवान ने बरेली मंडल के कमिश्नर को ज्ञापन भेजकर किसान सहकारी चीनी मिल के गन्ना अनुभाग के अधिकारियों पर एक साथ बड़ी संख्या में गन्ने की पर्चियां जारी करने का आरोप लगाया है। संवाद