फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Strong claims experience between the

मजबूत दावे के बीच पुराने अनुभव का भी डर

Mon, 04 Jan 2016 11:32 PM IST
plibhit
plibhit Updated Mon, 04 Jan 2016 11:32 PM IST
विज्ञापन

जिला पंचायत अध्यक्ष पद चुनाव को लेकर सपाई भले ही अपने को मजबूत स्थिति में होने का दावा कर रहे हों, लेकिन जातीय समीकरण व पुराने अनुभव कुछ ऐसे हैं, जिसका डर भी है। हालांकि सर्वाधिक सदस्यों के पाले में होने का दावा सपाई कर रहे हैं, लेकिन क्रास वोटिंग को लेकर वह भीतर ही भीतर सशंकित भी हैं।

विज्ञापन

जिला पंचायत के इस बार 34 सदस्य हैं। नाम वापसी के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर दो प्रत्याशियों में सीधा मुकाबला है। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो जिला पंचायत चुनाव में सबसे अधिक सदस्य सपा के ही जीते हैं। बसपा व भाजपा/मेनका समर्थित जीते सदस्यों की संख्या लगभग बराबर है। जिपं अध्यक्ष का पद यहां अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित है।
विज्ञापन

सपा ने पूरनपुर विधायक पीतमराम की पुत्र वधू आरती देवी को प्रत्याशी बनाया है। वहीं भाजपा/मेनका ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य मलखान सिंह की पत्नी आशा रानी को प्रत्याशी बनाया है। जातिगत आंकड़ों की बात करें तो 34 जिपं सदस्यों में से सबसे अधिक 11 संख्या लोध-किसान बिरादरी के सदस्यों की है। मुस्लिम व सिख जिपं सदस्यों की संख्या चार-चार है। कुछ समय पहले तक यहां सपा में अंदरूनी गुटबाजी थी, लेकिन जिपं अध्यक्ष पद चुनाव को लेकर प्रदेश नेतृत्व द्वारा कुछ नेताओं पर की गई कार्रवाई के बाद यहां का सीन बदल गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अब सभी सपाई एकजुट हो पार्टी उम्मीदवार को जिताने में जुट गए हैं। जीत के लिए कम से कम 18 सदस्यों का समर्थन चाहिए। सपा सूत्रों की मानें तो उनके पाले में 25 से अधिक सदस्य आ चुके हैं। इनमें करीब 20 सदस्यों को सैर सपाटे पर भी भेजा जा चुका है। जो मतदान के दिन यहां पहुंचेंगे।
उधर भाजपा/मेनका समर्थित प्रत्याशी आशा रानी के पति मलखान सिंह लोध-किसान बिरादरी के हैं। मेनका समर्थकों का दावा है कि बिरादरी व पार्टी समर्थित सदस्यों का वोट उन्हें ही मिलेगा। क्रासवोटिंग से भी इंकार नहीं किया जा सकता। वर्ष 1995 में ऐसा हो भी चुका है। उस समय भी प्रदेश में सपा की सरकार थी। तब जिपं में 21 सदस्य हुआ करते थे। सपा के 16 व भाजपा के पास पांच सदस्य थे। बाद में सपा की गुटबाजी से हुई क्रास वोटिंग के चलते भाजपा के बुद्धसेन वर्मा सपा की जाहिदा बेगम से चुनाव जीत गए थे।
राजनीतिज्ञों की मानें तो हालात पहले जैसे भले नहीं हैं, लेकिन सपा क्रास वोटिंग की आशंका को लेकर सशंकित जरूर है। मेनका गांधी के लोग जीत का जो दावा कर रह हैं उसका आधार भी यही है।

000
जिले के सभी सपा नेता पार्टी प्रत्याशी आरती देवी को जिताने में एकजुट हो चुके हैं। 25 से अधिक सदस्य पाले में आ चुके हैं। विपक्षी उम्मीदवार के पास सदस्यों की संख्या पांच से अधिक नहीं है। कोशिश होगी की अंत तक उनमें से भी अधिकांश पाले में आ जाएं।
- हाजी रियाज अहमद, स्वतंत्र प्रभार मंत्री
0000
आशा रानी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरी हैं। उनके पाले में इतने सदस्य हैं जिससे उनकी जीत सुनिश्चित हो सके।
- रंजीत सिंह, पीआरओ मेनका गांधी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed