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स्ट्रीट लाइट घोटाला : लिपिक के तबादला होने से लटकी वसूली
Wed, 19 Jul 2023 11:30 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Wed, 19 Jul 2023 11:30 PM IST
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पीलीभीत। जिले की ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइट घोटाले को लेकर रिकवरी के आदेश के बाद डीएम ने एक माह में वसूली कराने के आदेश दिए थे। आदेश के तहत मियाद भी पूरी होने जा रही है। अब मामला एक बार फिर से लिपिक के ताबदला होने से लटक गया है। लिपिक की अलमारी में पत्रावली होने के कारण नवागत डीपीआओ को इसकी जानकारी नहीं लग पा रही है।
जिले की ग्राम पंचायतों में करीब दो साल पहले हुए करोड़ों रुपये के स्ट्रीट लाइट घोटाले में जिलाधिकारी की सख्ती के बाद वसूली की प्रक्रिया को शुरू किया गया था। डीएम की ओर से कई बार जांच कराने और रिपोर्ट के बाद एक माह के भीतर घोटाले में शामिल करीब 88 सचिव और प्रधानों से रिकवरी कराने के आदेश दिए थे। रिकवरी के आदेश से सचिवाें और प्रधानों में खलबली मच गई थी।
इधर, प्रक्रिया शुरू हो पाती कि शासन की ओर से तबादला एक्सप्रेस शुरू कर दी गई। इसमें पहले सीडीओ का तबादला हुआ जो बाद में संशोधित हो गया। इसके बाद विकास भवन में पटल देख रहे लिपिक का तबादला सीतापुर हो गया। इससे मामला जहां का तहां ठहर गया। इसी बीच डीपीआरओ वाचस्पति झा को भी पद से हटा दिया गया। ऐसे में कितने लोगों से रिकवरी हो सकी और कितनी हुई किसी को जानकारी नहीं हो पा रही है, इसकी नवागत डीपीआरओ को कोई जानकारी नहीं है।
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वर्जन
लिपिक का तबादला हो जाने के कारण उनको कोई जानकारी नहीं है। पत्रावली अलमारी में ही रखी हुई है। नए लिपिक के चार्ज लेने के बाद ही इसे देखा जाएगा।- सतीश कुमार, डीपीआरओ
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जिले की ग्राम पंचायतों में करीब दो साल पहले हुए करोड़ों रुपये के स्ट्रीट लाइट घोटाले में जिलाधिकारी की सख्ती के बाद वसूली की प्रक्रिया को शुरू किया गया था। डीएम की ओर से कई बार जांच कराने और रिपोर्ट के बाद एक माह के भीतर घोटाले में शामिल करीब 88 सचिव और प्रधानों से रिकवरी कराने के आदेश दिए थे। रिकवरी के आदेश से सचिवाें और प्रधानों में खलबली मच गई थी।
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इधर, प्रक्रिया शुरू हो पाती कि शासन की ओर से तबादला एक्सप्रेस शुरू कर दी गई। इसमें पहले सीडीओ का तबादला हुआ जो बाद में संशोधित हो गया। इसके बाद विकास भवन में पटल देख रहे लिपिक का तबादला सीतापुर हो गया। इससे मामला जहां का तहां ठहर गया। इसी बीच डीपीआरओ वाचस्पति झा को भी पद से हटा दिया गया। ऐसे में कितने लोगों से रिकवरी हो सकी और कितनी हुई किसी को जानकारी नहीं हो पा रही है, इसकी नवागत डीपीआरओ को कोई जानकारी नहीं है।
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लिपिक का तबादला हो जाने के कारण उनको कोई जानकारी नहीं है। पत्रावली अलमारी में ही रखी हुई है। नए लिपिक के चार्ज लेने के बाद ही इसे देखा जाएगा।- सतीश कुमार, डीपीआरओ