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मोदी लहर के आगे सपा-बसपा की बिखरी बिसात
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Sat, 11 Mar 2017 04:32 PM IST
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जिले की सभी चार सीटों पर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों ने दमदार जीत दर्ज कराई है। इसके पीछे प्रत्याशियों, कार्यकर्ताओं की मेहनत से अधिक मोदी लहर अहम रही। मोदी लहर के आगे सत्ता पर काबिज सपा के दो मंत्री, एक विधायक अपनी साख बचाने में नाकाम रहे। वहीं दो सीटों पर दमखम का दावा कर रही बसपा की बिसात भी पूरी तरह बिखर गई। पिछले चुनाव में जिले की चार सीटों में तीन पर सपा का कब्जा था। सदर से हाजी रियाज अहमद कैबिनेट मंत्री, बरखेड़ा से हेमराज वर्मा राज्यमंत्री और पूरनपुर में पीतमराम थे। बीसलपुर की सीट पर पहले से ही भाजपा के रामसरन वर्मा काबिज थे। पांच साल सत्ता में रहने के बाद चुनाव नजदीक आते ही सभी अपने द्वारा कराए गए कार्यों को गिनाते हुए जीत का दावा करते रहे। इधर, बसपा से बरखेड़ा प्रत्याशी शैलेंद्र गंगवार और बीसलपुर से दिव्या गंगवार खुद को भाजपा से मजबूत बताने में जुटे रहे। मतदान से पहले तक सपा, बसपा और कांग्रेस समेत अन्य छोटे दलों के प्रत्याशी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से की गई नोटबंदी को भाजपा के लिए हार का कारण और अपनी जीत का आधार बताते रहे। इधर, भाजपा शुरुआत से ही नोटबंदी के फायदे गिनाने के साथ ही मोदी लहर को लेकर चुनाव मैदान में डटी रही। शनिवार को मतगणना के बाद सामने आए परिणामों ने मोदी लहर के असर को साफ तौर पर स्पष्ट कर दिया। सपा के दो मंत्री, एक विधायक और बसपा के धुरंधरों की ओर से मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए बिछाई गई बिसात बिखर गई। कोई भी भाजपा प्रत्याशियों के आगे टिक नहीं सका। पहले से भाजपा के खाते में शामिल बीसलपुर सीट पर इस बार भी रामसरन वर्मा ने 40,988 वोटों से विजय हासिल की। सदर सीट पर संजय सिंह गंगवार 43,048, बरखेड़ा से किशनलाल राजपूत 58034 और पूरनपुर से बाबूराम पासवान 39,280 वोटों से विजयी रहे। यह भी कहा जा सकता है कि मोदी की नोटबंदी भाजपा के लिए संजीवनी साबित हुई। भाजपा के विजयी प्रत्याशी भी इसको स्वीकारते रहे।
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