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Pilibhit News: स्मार्ट मीटर बने समस्या, बिना मेसेज रोजाना सात हजार उपभोक्ताओं की हो रही बिजली गुल
Sun, 29 Mar 2026 03:07 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 29 Mar 2026 03:07 AM IST
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मकान के बाहर लगा स्मार्ट मीटर
- फोटो : amar ujala
पीलीभीत जिले में स्मार्ट मीटर 80 हजार उपभोक्ताओं के लिए समस्या बन रहे हैं। बिल जमा होने के बावजूद रोजाना जिले में बिना किसी पूर्व सूचना और मेसेज के सात हजार उपभोक्ताओं की बत्ती गुल हो रही है। उपभोक्ताओं को आपूर्ति चालू कराने और बिल में संशोधन के लिए अधिकारियों के कई-कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जिम्मेदार दावे तो कर रहे हैं, लेकिन धरातल पर सुधार नहीं दिख रहा।
जिले में करीब 3.65 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें शहर के 80 हजार उपभोक्ता के घरों व प्रतिष्ठानों पर स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें शहरी क्षेत्र के 20 और देहात के 60 हजार उपभोक्ता शामिल हैं।
स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं का बिजली बिल बकाया होने पर कनेक्शन लखनऊ से काटा जा रहा है। घर की बिजली गुल हाेने से उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। वहीं, कनेक्शन कटने से पूर्व उपभोक्ताओं को कोई चेतावनी मेसेज भी नहीं मिल रहा है। इतना ही नहीं बिल जमा करने के बाद भी आपूर्ति चालू नहीं हो रही।
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प्रारंभ से ही स्मार्ट मीटरों को लेकर शिकायतें आ रही हैं, लेकिन जिम्मेदारों ने गंभीरता से नहीं लिया। गर्मियों का सीजन शुरू होने के साथ बिजली की मांग में एक ओर इजाफा हो रहा है और दूसरी ओर कटौती बढ़ गई है। स्मार्ट मीटर भी बिजली गुल कर रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रहीं।
बकाया से 100 रुपये अधिक जमा करने पर बहाल होती है आपूर्ति
जेई जहांगीर ने बताया कि बकाया बिल जमा न होने पर आपूर्ति बाधित हो तो अपने बिल के बारे में पता करें। काउंटर पर आकर या फिर ऑनलाइन बिल जमा कर दें। बकाया बिल की धनराशि से 100 रुपये या इससे अधिक जमा करने पर आपूर्ति शुरू हो जाती है। इसमें ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। समय से बिल जमा करें तो दिक्कत नहीं होगी।
विभागीय प्रचार-प्रसार की कमी भी बन रही रोड़ा
स्मार्ट मीटर लगने के बाद विभागीय अफसरों की ओर से प्रचार-प्रसार पर जोर नहीं दिया गया। ऐसे में इसका उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को जानकारी का अभाव है। आलम यह है कि अधिकांश उपभोक्ताओं को बिल बकाया होने पर किसी तरह कोई मेसेज या जानकारी न मिलने पर कनेक्शन कट रहे हैं। इसके बाद उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है।
इस तरह गुल होती है बिजली
स्मार्ट मीटर की सेटिंग ऑनलाइन नेटवर्किंग डिवाइस से है। बिजली बिल बकाया होने पर जैसे ही निगेटिव बैलेंस की सूचना लखनऊ स्मार्ट मीटर मुख्यालय को मिलती है, इसके बाद ऑनलाइन डिवाइस के माध्यम से वहीं से आपूर्ति रुक जाती है। जेई जहांगीर आलम ने बताया कि कनेक्शन कटने पर मीटर में तो बिजली आपूर्ति दिखेगी, लेकिन घर में आपूर्ति नहीं होगी। बिल जमा करने के 15 मिनट में आपूर्ति अपने आप सुचारू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि निगम के एक लिंक के जरिए उपभोक्ता अपने बिल के जमा और बकाया बैलेंस की जानकारी हासिल कर सकते हैं।
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जिले में करीब 3.65 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें शहर के 80 हजार उपभोक्ता के घरों व प्रतिष्ठानों पर स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें शहरी क्षेत्र के 20 और देहात के 60 हजार उपभोक्ता शामिल हैं।
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स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं का बिजली बिल बकाया होने पर कनेक्शन लखनऊ से काटा जा रहा है। घर की बिजली गुल हाेने से उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। वहीं, कनेक्शन कटने से पूर्व उपभोक्ताओं को कोई चेतावनी मेसेज भी नहीं मिल रहा है। इतना ही नहीं बिल जमा करने के बाद भी आपूर्ति चालू नहीं हो रही।
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प्रारंभ से ही स्मार्ट मीटरों को लेकर शिकायतें आ रही हैं, लेकिन जिम्मेदारों ने गंभीरता से नहीं लिया। गर्मियों का सीजन शुरू होने के साथ बिजली की मांग में एक ओर इजाफा हो रहा है और दूसरी ओर कटौती बढ़ गई है। स्मार्ट मीटर भी बिजली गुल कर रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रहीं।
बकाया से 100 रुपये अधिक जमा करने पर बहाल होती है आपूर्ति
जेई जहांगीर ने बताया कि बकाया बिल जमा न होने पर आपूर्ति बाधित हो तो अपने बिल के बारे में पता करें। काउंटर पर आकर या फिर ऑनलाइन बिल जमा कर दें। बकाया बिल की धनराशि से 100 रुपये या इससे अधिक जमा करने पर आपूर्ति शुरू हो जाती है। इसमें ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। समय से बिल जमा करें तो दिक्कत नहीं होगी।
विभागीय प्रचार-प्रसार की कमी भी बन रही रोड़ा
स्मार्ट मीटर लगने के बाद विभागीय अफसरों की ओर से प्रचार-प्रसार पर जोर नहीं दिया गया। ऐसे में इसका उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को जानकारी का अभाव है। आलम यह है कि अधिकांश उपभोक्ताओं को बिल बकाया होने पर किसी तरह कोई मेसेज या जानकारी न मिलने पर कनेक्शन कट रहे हैं। इसके बाद उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है।
इस तरह गुल होती है बिजली
स्मार्ट मीटर की सेटिंग ऑनलाइन नेटवर्किंग डिवाइस से है। बिजली बिल बकाया होने पर जैसे ही निगेटिव बैलेंस की सूचना लखनऊ स्मार्ट मीटर मुख्यालय को मिलती है, इसके बाद ऑनलाइन डिवाइस के माध्यम से वहीं से आपूर्ति रुक जाती है। जेई जहांगीर आलम ने बताया कि कनेक्शन कटने पर मीटर में तो बिजली आपूर्ति दिखेगी, लेकिन घर में आपूर्ति नहीं होगी। बिल जमा करने के 15 मिनट में आपूर्ति अपने आप सुचारू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि निगम के एक लिंक के जरिए उपभोक्ता अपने बिल के जमा और बकाया बैलेंस की जानकारी हासिल कर सकते हैं।