अब सिद्धनगर में कृषि भूमि का शारदा ने शुरू किया कटान
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लगातार हो रही बारिश के बाद से शारदा के बढ़े जल स्तर के चलते नदी ने कटान तेज कर दिया है। क्षेत्र के राणा प्रताप नगर और नहरोसा क्षेत्र के बाद नदी ने अब ग्राम सिद्धनगर में भी कृषि भूमि का कटान तेज गति से शुरू कर दिया है। नदी यहां तीव्र गति से कटान करते हुए गांव की आबादी की ओर बढ़ रही है। यहां पूर्व में बाढ़ खंड द्वारा कराए गए बचाव कार्य भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके चलते गांव की आबादी और इस गांव में बने ऐतिहासिक गुरुद्वारे को भी कटान से खतरा पैदा हो गया है। खास बात यह है कि बाढ़ खंड के साथ-साथ राजस्व विभाग के अधिकारी भी इस ताजा कटान से अनभित्र है। कटान की रफ्तार इतनी तेज है कि बीते 48 घंटे में ही 20 एकड़ से अधिक कृषि भूमि मय लहलहाती फसलों के नदी में समा चुकी है। इसके बावजूद कोई भी प्रशासनिक अधिकारी यहां स्थिति का जायजा लेने नहीं पहुंच सका है। इससे गांव के लोगों में रोष है। पिछले कई दिन से पहाड़ों पर व क्षेत्र में रुक रुक कर हुई बारिश के बाद से शारदा नदी का जल स्तर बढ़ा हुआ चल रहा है। नदी पहले से ही क्षेत्र के राणाप्रताप नगर और नहरोसा क्षेत्र में कृषि भूमि का कटान करते हुए तेजी के साथ गांव की आबादी की ओर बढ़ रही है। बाढ़ खंड की ओर से कुछ ठेकेदारों के माध्यम से वहां बचाव कार्य भी शुरू कराया है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि मानक के अनुरूप कार्य न होने के चलते वह कारगर साबित नहीं हो पा रहा है। इधर नदी ने ग्राम सिद्धनगर के ग्रामीणों की भी कृषि भूमि का कटान तेज गति से शुरू कर दिया है। जिसके चलते ग्रामीणों की धान और गन्ना की फसल समेत कई एकड़ कृषि भूमि नदी में समा गई हैं। बीते 48 घंटे के भीतर ग्राम सिद्ध नगर निवासी पंचायत मित्र शिवनाथ ने बताया की सिद्धनगर के कृपाशंकर की छह एकड़, राणा सिंह की सात एकड़, अनोख सिंह की सवा तीन एकड़, मुन्ना सिंह की पांच एकड़, विनोद सिंह की चार एकड़, रघुराई की सवा तीन एकड़ और पहवारी की सवा तीन एकड़ कृषि भूमि मय लहलहाती फसलों समेत नदी की भेंट चढ़ चुकी है। सैकड़ों एकड़ गन्ना और धान की फसलें डूब गई है। वही सिद्धनगर गांव की दूरी नदी से मात्र 1000 मीटर रह गई है, लेकिन शासन प्रशासन की तरफ से अभी तक कटान रोकने का कोई उपाय यहां शुरू नहीं किया जा सका है। इस ताजा कटान के चलते गांव के लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन और बाढ़ खंड के अधिकारियों से यहां तत्काल बचाव कार्य शुरू कराने की मांग की है।