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पीलीभीत में सेल्हा बाबा के उर्स में उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब
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कलीनगर। सूफी संत सैयद सेल्हा बाबा के सालाना उर्स पर अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ा। जिले में यह ऐसी पहली दरगाह है, जहां मन्नत पूरी होने पर मुर्गे चढ़ाए जाते हैं। दुकानदारों के बताए पर यकीन करें तो दो दिन में 15 हजार से अधिक मुर्गे चढ़ाए चुके हैं।
सेल्हा बाबा के पांच दिवसीय उर्स की शुरूआत शुक्रवार को हुई थी। देर रात तक वाहनों से जायरीनों के आने का सिलसिला बना रहा। शनिवार को मेला क्षेत्र में वाहन खड़ा करने के लिए जगह कम पड़ गई। पुलिस फोर्स व्यवस्था को सुचारु रखने के प्रयास में जुटी रही। मेले में आने वाले जायरीन मन्नत पूरी होने पर मुर्गे काटकर चढ़ा रहे हैं। इससे मुर्गे की दुकानों पर भी रौनक बढ़ी हुई है।
दो दिन में 15 हजार से अधिक मुर्गे कट गए। इसके अलावा अन्य दुकानों पर भी जायरीनों की भीड़ देखी जा रही है। जायरीन दरगाह पर चादरपोशी के साथ ही चढ़ावा भी कर रहे हैं। मजार शरीफ पर अव्यवस्था न हो सके, इसके लिए कमेटी के सदस्य निगरानी बनाए हुए हैं। वन और वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग की टीम भी मेला क्षेत्र में निगरानी करने में जुटी है।
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दिशा बताने के लिए नहीं लगाए बोर्ड - सेल्हा दरगाह जाने वाले जायरीन बाइफरकेशन से शारदा डैम के रास्ते तलहटी तक तो आसानी से पहुंच रहे हैं। कमेटी और पुलिस की ओर से जाम से निजात के लिए वाहनों को पुरैना के रास्ते दरगाह जाने के बजाय धुरिया रास्ते से भेजने का निर्णय लिया गया। दो ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की ड्यूटी भी लगाई गई है लेकिन दिशा को दर्शाते हुए कोई बोर्ड नहीं लगाया गया। वहीं, ट्रैफिक पुलिसकर्मी रात दस बजे ही ड्यूटी स्थल से नदारद हो रहे हैं। इससे जायरीन परेशान होते हैं।
देर रात तक जंगल की सड़कों पर रहते हैं अकीदतमंद- टाइगर रिजर्व में बाघों की मौजूदगी के बावजूद अकीदतमंदों को न तो बाघ का भय सता रहा है और ही किसी अन्य वन्यजीव का। मुराद पूरी होने के बाद हर कोई बाबा का फैज ओ करम पाने दरगाह की ओर सरपट दौड़ा जाता दिखाई दे रहा है। देर रात जंगल मार्गों पर वाहनों का आवागमन हो रहा है। हालांकि मेले में कुछ अव्यवस्थाएं भी बनी हुई हैं। वाहनों के खड़ा करने वाले स्थान पर प्रकाश व्यवस्था न होने से जायरीनों को समस्याओं का सामना पड़ रहा है।
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सेल्हा बाबा के पांच दिवसीय उर्स की शुरूआत शुक्रवार को हुई थी। देर रात तक वाहनों से जायरीनों के आने का सिलसिला बना रहा। शनिवार को मेला क्षेत्र में वाहन खड़ा करने के लिए जगह कम पड़ गई। पुलिस फोर्स व्यवस्था को सुचारु रखने के प्रयास में जुटी रही। मेले में आने वाले जायरीन मन्नत पूरी होने पर मुर्गे काटकर चढ़ा रहे हैं। इससे मुर्गे की दुकानों पर भी रौनक बढ़ी हुई है।
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दो दिन में 15 हजार से अधिक मुर्गे कट गए। इसके अलावा अन्य दुकानों पर भी जायरीनों की भीड़ देखी जा रही है। जायरीन दरगाह पर चादरपोशी के साथ ही चढ़ावा भी कर रहे हैं। मजार शरीफ पर अव्यवस्था न हो सके, इसके लिए कमेटी के सदस्य निगरानी बनाए हुए हैं। वन और वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग की टीम भी मेला क्षेत्र में निगरानी करने में जुटी है।
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दिशा बताने के लिए नहीं लगाए बोर्ड - सेल्हा दरगाह जाने वाले जायरीन बाइफरकेशन से शारदा डैम के रास्ते तलहटी तक तो आसानी से पहुंच रहे हैं। कमेटी और पुलिस की ओर से जाम से निजात के लिए वाहनों को पुरैना के रास्ते दरगाह जाने के बजाय धुरिया रास्ते से भेजने का निर्णय लिया गया। दो ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की ड्यूटी भी लगाई गई है लेकिन दिशा को दर्शाते हुए कोई बोर्ड नहीं लगाया गया। वहीं, ट्रैफिक पुलिसकर्मी रात दस बजे ही ड्यूटी स्थल से नदारद हो रहे हैं। इससे जायरीन परेशान होते हैं।
देर रात तक जंगल की सड़कों पर रहते हैं अकीदतमंद- टाइगर रिजर्व में बाघों की मौजूदगी के बावजूद अकीदतमंदों को न तो बाघ का भय सता रहा है और ही किसी अन्य वन्यजीव का। मुराद पूरी होने के बाद हर कोई बाबा का फैज ओ करम पाने दरगाह की ओर सरपट दौड़ा जाता दिखाई दे रहा है। देर रात जंगल मार्गों पर वाहनों का आवागमन हो रहा है। हालांकि मेले में कुछ अव्यवस्थाएं भी बनी हुई हैं। वाहनों के खड़ा करने वाले स्थान पर प्रकाश व्यवस्था न होने से जायरीनों को समस्याओं का सामना पड़ रहा है।