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सांसद आदर्श गांव में समाप्त होगी मैला ढोने की प्रथा
पूरनपुर।
Updated Sat, 24 Jan 2015 12:34 AM IST
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सांसद मेनका गांधी द्वारा गोद लिए गए आदर्श गांव गुलरिया भूपसिंह में मैला ढोने की जारी प्रथा को समाप्त किए जाने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत अधिकारी से शौचालय के पात्रों की सूची मांगी है। ताकि जल प्रवाहित शौचालयों का शीघ्र निर्माण शुरू हो सके।
सांसद आदर्श गांव गुलड़िया भूपसिंह में अधिकांश शुष्क शौचालय होने से मैला ढोने की प्रथा जारी है। गांव की इस समस्या की ओर अमर उजाला ने अपने दस नवंबर के अंक में ‘आदर्श गांव में सिर पर ढोया जा रहा मैला’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर शासन, प्रशासन का ध्यान खींचा था। जिसके बाद से ही जिला प्रशासन ने इस गांव में मैला ढोने की प्रथा समाप्त किए जाने के प्रयास शुरू कर दिए थे। सप्ताह भर पहले एसडीएम संजय कुमार ने गांव में बैठक कर विकास के प्रति लोगों से रायश्ुमारी की थी। विकास और राजस्व विभाग के कर्मचारियों को लगाकर पूरे गांव के आधारभूत आंकड़े एकत्र किए थे। इसके बाद ही गांव के अधिकांश शुष्क शौचालयों को जल प्रवाहित शौचालय में बदलने को विकास विभाग के कर्मचारियों ने सर्वे किया था। ताकि शतप्रतिशत लोगों को जल प्रवाहित शौचालय दिए जा सके। इसी क्रम में डीपीआरओ वीसी सक्सेना ने ग्राम पंचायत अधिकारी हरीश भारती को जल प्रवाहित शौचालयों के निर्माण को पात्रता के आधार पर एडीओ (पंचायत) और बीडीओ के माध्यम से पात्रों की सूची मांगी है। ताकि अनुदान पर जल प्रवाहित शौचालयों का निर्माण कराया जा सके।
सांसद आदर्श गांव गुलड़िया भूपसिंह में अधिकांश शुष्क शौचालय होने से मैला ढोने की प्रथा जारी है। गांव की इस समस्या की ओर अमर उजाला ने अपने दस नवंबर के अंक में ‘आदर्श गांव में सिर पर ढोया जा रहा मैला’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर शासन, प्रशासन का ध्यान खींचा था। जिसके बाद से ही जिला प्रशासन ने इस गांव में मैला ढोने की प्रथा समाप्त किए जाने के प्रयास शुरू कर दिए थे। सप्ताह भर पहले एसडीएम संजय कुमार ने गांव में बैठक कर विकास के प्रति लोगों से रायश्ुमारी की थी। विकास और राजस्व विभाग के कर्मचारियों को लगाकर पूरे गांव के आधारभूत आंकड़े एकत्र किए थे। इसके बाद ही गांव के अधिकांश शुष्क शौचालयों को जल प्रवाहित शौचालय में बदलने को विकास विभाग के कर्मचारियों ने सर्वे किया था। ताकि शतप्रतिशत लोगों को जल प्रवाहित शौचालय दिए जा सके। इसी क्रम में डीपीआरओ वीसी सक्सेना ने ग्राम पंचायत अधिकारी हरीश भारती को जल प्रवाहित शौचालयों के निर्माण को पात्रता के आधार पर एडीओ (पंचायत) और बीडीओ के माध्यम से पात्रों की सूची मांगी है। ताकि अनुदान पर जल प्रवाहित शौचालयों का निर्माण कराया जा सके।
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