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प्रतिद्वंदी सारे मिलकर नहीं पा सके संजय के बराबर वोट
समीउद्दीन नीलू पीलीभीत।
Updated Sun, 12 Mar 2017 10:36 PM IST
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भाजपा का लोगो
- फोटो : अमर उजााला
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बसपा के तीन प्रत्याशियों समेत 37 की जमानत जब्त
भाजपा को मिले आधे से अधिक वोट, बदलाव चाहती थी जनता
जिले की चारों विधानसभा सीटों पर भाजपा की लहर ऐसी चली कि भाजपा प्रत्याशियों के अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों से किस्मत आजमा रहे बसपा के तीन उम्मीदवारों समेत 37 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। यही नहीं शहर विधानसभा सीट से विधायक निर्वाचित हुए संजय गंगवार और पूरनपुर (सुरक्षित) सीट से विधायक चुने गए बाबूराम पासवान को अकेले जितने मत प्राप्त हुए जो उनके खिलाफ चुनाव लड़ रहे थे, उन सभी उम्मीदवारों को मिले वोट के जोड़ से अधिक हैं। यही नहीं चारों विधान सभा सीटों पर कुल 931140 मतदाताओं ने वोट डाले इनमें से भाजपा के चारों प्रत्याशियों के खाते में 472131 मत आए। भाजपा को आधे से अधिक मिले इन वोटों से साफ है कि जिले की जनता हर हाल में बदलाव चाहती थी।
पीलीभीत शहर सीट से भाजपा टिकट पर विधायक चुने गए संजय गंगवार को 1,35,865 मत प्राप्त हुए। जिले के इतिहास में इससे पहले इतना अधिक मत अब तक किसी भी विधान सभा क्षेत्र के किसी उम्मीदवार को नहीं मिला था। यहां कुल 2,50,721 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। यहां चुनाव मैदान में संजय समेत कुल 12 उम्मीदवार मैदान में थे। इनमे से सपा प्रत्याशी एवं कैबिनेट मंत्री रहे रियाज अहमद ही अपनी जमानत बचा सके। यहां बसपा प्रत्याशी अरशद खां समेत अन्य सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। यहां हाजी रियाज अहमद समेत शेष सभी उम्मीदवारों व नोटा को जो वोट मिला उसका योग 1,15,256 होता है। इस तरह संजय को अपने सभी प्रतिद्धंदियों को मिले वोट से करीब 20 हजार वोट अधिक प्राप्त करने में कामयाब हो गए।
पूरनपुर (सुरक्षित) सीट से भाजपा के बाबूराम 1,28,386 मत प्राप्त कर विधायक बने हैं। वहां उनके समेत कुल आठ उम्मीदवार मैदान में थे। सपा उम्मीदवार पीतमराम यहां अपनी जमानत बचाने में सफल जरूर रह गए, लेकिन बसपा के केके अरविंद समेत अन्य सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। पीतमराम समते सभी सात उम्मीदवारों और नोटा को जो वोट मिले उससे 10080 वोट अधिक अकेले बाबूराम के खाते में गए।
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बरखेड़ा विधान सभा से सबसे अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज करने का रिकार्ड बनाने वाले किशनलाल राजपूत 1,04,512 मत प्राप्त किए। सपा सरकार में राज्यमंत्री रहे हेमराज वर्मा ही अपनी जमानत बचा सके। बसपा के डा. शैलेंद्र गंगवार समेत शेष सभी 11 उम्मीदवारों की यहां जमानत जब्त हो गई।
बीसलपुर में भाजपा के रामसरन वर्मा को भी 1.33 लाख से अधिक मत प्राप्त हुए। यहां कुल नौ उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। इसमे निकटतम प्रतिद्दंदी रहे पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस उम्मीदवार अनीस अहमद उर्फ फूल बाबू और बसपा उम्मीदवार दिव्या गंगवार ही जमानत बचा सकीं।
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भाजपा को मिले आधे से अधिक वोट, बदलाव चाहती थी जनता
जिले की चारों विधानसभा सीटों पर भाजपा की लहर ऐसी चली कि भाजपा प्रत्याशियों के अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों से किस्मत आजमा रहे बसपा के तीन उम्मीदवारों समेत 37 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। यही नहीं शहर विधानसभा सीट से विधायक निर्वाचित हुए संजय गंगवार और पूरनपुर (सुरक्षित) सीट से विधायक चुने गए बाबूराम पासवान को अकेले जितने मत प्राप्त हुए जो उनके खिलाफ चुनाव लड़ रहे थे, उन सभी उम्मीदवारों को मिले वोट के जोड़ से अधिक हैं। यही नहीं चारों विधान सभा सीटों पर कुल 931140 मतदाताओं ने वोट डाले इनमें से भाजपा के चारों प्रत्याशियों के खाते में 472131 मत आए। भाजपा को आधे से अधिक मिले इन वोटों से साफ है कि जिले की जनता हर हाल में बदलाव चाहती थी।
पीलीभीत शहर सीट से भाजपा टिकट पर विधायक चुने गए संजय गंगवार को 1,35,865 मत प्राप्त हुए। जिले के इतिहास में इससे पहले इतना अधिक मत अब तक किसी भी विधान सभा क्षेत्र के किसी उम्मीदवार को नहीं मिला था। यहां कुल 2,50,721 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। यहां चुनाव मैदान में संजय समेत कुल 12 उम्मीदवार मैदान में थे। इनमे से सपा प्रत्याशी एवं कैबिनेट मंत्री रहे रियाज अहमद ही अपनी जमानत बचा सके। यहां बसपा प्रत्याशी अरशद खां समेत अन्य सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। यहां हाजी रियाज अहमद समेत शेष सभी उम्मीदवारों व नोटा को जो वोट मिला उसका योग 1,15,256 होता है। इस तरह संजय को अपने सभी प्रतिद्धंदियों को मिले वोट से करीब 20 हजार वोट अधिक प्राप्त करने में कामयाब हो गए।
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पूरनपुर (सुरक्षित) सीट से भाजपा के बाबूराम 1,28,386 मत प्राप्त कर विधायक बने हैं। वहां उनके समेत कुल आठ उम्मीदवार मैदान में थे। सपा उम्मीदवार पीतमराम यहां अपनी जमानत बचाने में सफल जरूर रह गए, लेकिन बसपा के केके अरविंद समेत अन्य सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। पीतमराम समते सभी सात उम्मीदवारों और नोटा को जो वोट मिले उससे 10080 वोट अधिक अकेले बाबूराम के खाते में गए।
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बरखेड़ा विधान सभा से सबसे अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज करने का रिकार्ड बनाने वाले किशनलाल राजपूत 1,04,512 मत प्राप्त किए। सपा सरकार में राज्यमंत्री रहे हेमराज वर्मा ही अपनी जमानत बचा सके। बसपा के डा. शैलेंद्र गंगवार समेत शेष सभी 11 उम्मीदवारों की यहां जमानत जब्त हो गई।
बीसलपुर में भाजपा के रामसरन वर्मा को भी 1.33 लाख से अधिक मत प्राप्त हुए। यहां कुल नौ उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। इसमे निकटतम प्रतिद्दंदी रहे पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस उम्मीदवार अनीस अहमद उर्फ फूल बाबू और बसपा उम्मीदवार दिव्या गंगवार ही जमानत बचा सकीं।