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धान खरीद में खेल पर केंद्र प्रभारी और बिचौलियों के खिलाफ एफआईआर

Thu, 06 Feb 2020 01:21 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 06 Feb 2020 01:21 AM IST
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Rice purchase scam
पूरनपुर। धान खरीद में बिचौलिए और माफिया हावी थे, यह जांच से पुष्ट हो गया है। किसानों के नाम पर पंजीकरण कराकर धान बेचकर भुगतान लेने में बड़ा खेल किया गया था। शासन स्तर से समीक्षा के बाद यह खेल अब कानूनी शिकंजे में कस गया है। बुधवार को यूपीएसएस और एसएफसी के जिला प्रबंधकों की ओर से क्रय केंद्र प्रभारी समेत एक दर्जन से अधिक बिचौलियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में एफआईआर में दर्ज करा दी गई।
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धान खरीद में शाहजहांपुर के कटरा और फतेहगंज पश्चिमी (बरेली) में रहने वाले माफिया की फर्म पर बीसलपुर के माफिया के शामिल होने के मामलों पर अमर उजाला ने दिसंबर 2019 में प्रमुखता से खबरें प्रकाशित की थीं। उस समय खरीद से जुड़े अफसर धान खरीद घोटाले को बड़ी बेशर्मी से नकारते रहे। मगर, जब शासन स्तर पर इसका संज्ञान लेकर किसानों के भुगतान का सत्यापन कराया गया तो पूरे खेल का खुलासा हो गया। गांव लुकटिहाई टांडा निवासी सुनील, बिलंदपुर अशोक निवासी सत्यवीर, टांडा के जमील, गुलडिया के श्रीपाल, टंडोला के गुरजंट सिंह, रनमस्तपुर निवासी हरस्वरूप के नाम पर दो-तीन बार धान का पंजीकरण कराना पाया गया, जबकि नियमानुसार धान बिक्री को एक ही बार पंजीकरण कराया जाता है। एसएफसी के जिला प्रबंधक बीएस नेगी ने जांच में यह भी पाया कि बिचौलियों का धान खरीदा गया। यूपीएसएस के जिला प्रबंधक श्याम प्रसाद ने गांव देवीपुर निवासी राजेश पांडेय, कमलेश पांडेय, राकेश, कमलेश कुमार, जितेंद्र पांडेय, अवधेश पांडेय, कोमल पांडेय, विविन पांडेय, गांव उदयपुर निवासी राजेश कुमार, देवीपुर निवासी दीपक पांडेय, नत्थूलाल, गांव ककरौआ निवासी जमुना प्रसाद, हीरालाल, गोधनलाल, उदयपुर निवासी चंद्रसेन, नत्थूलाल का उनकी आईडी पर पंजीकरण करवाकर धान बिक्री की धनराशि का दूसरे खाते में भुगतान किया जाना जांच में पाया। यह भी सामने आया कि उदयकरनपुर के धान क्रय केंद्र प्रभारी ने दूसरे किसानों के नाम धान का पंजीकरण करवाकर भुगतान अपने खातों में प्राप्त किया है। पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि केंद्र प्रभारी और अन्य बिचौलियों के खिलाफ धोखाधड़ी पाई गई है। इसके तहत कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। इसके बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की है।
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जांच ठीक से हो तो खुलेंगे बड़े घपले
धान खरीद में बीसलपुर के माफिया समेत कुछ अन्य माफियाओं ने नेताओं से मिलकर क्रय केंद्र प्रभारियों की मदद से जिस स्तर का करोड़ों का खेल किया, उसकी अगर ठीक से जांच हो जाए तो कई बड़े घपलों पर से पर्दा उठेगा। बरेली मंडल में कटरा की एक फर्म को 150 क्रय केंद्रों का ठेका मिल गया। इनमें 50 से 60 फर्मों का एक ही एजेंसी को ठेका पीलीभीत से दिया गया। धान खरीद घोटाले में अफसरों की भूमिका भी पूूरी तरह से संदिग्ध है।
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धान खरीद में गड़बड़ी से जुड़ी दोनों तहरीरों पर कार्रवाई की गई है। उदयकरनपुर के धान क्रय केंद्र प्रभारी और बिचौलियों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। गहनता से विवेचना कर तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- एसके सिंह, कोतवाल
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