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Pilibhit News: संसाधन सुधरे, सुविधाएं-यात्री भी बढ़े, साप्ताहिक ट्रेनों को नियमित करने की जरूरत
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शाहजहांपुर रेलखंड पर ब्राॅडगेज के बाद चल रही हैं लंबी दूरी की करीब आठ ट्रेनें
पीलीभीत। जिले की रेल परिवहन सेवाओं और यात्री सुविधाओं में इजाफा हुआ है, मगर अभी नियमित ट्रेनों के संचालन की जरूरत है। ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में भी साल दर साल बढ़ोतरी हुई है। यात्रियों ने इस रूट पर साप्ताहिक ट्रेनों को नियमित करने की मांग की है।
जिले के यात्रियों को देश और प्रदेश की राजधानी दिल्ली व लखनऊ के सस्ते, सुरक्षित और आसान सफर की सुविधा मिली है। दिल्ली व लखनऊ के लिए अन्य नियमित सुबह और शाम के समय ट्रेनें चलाई जा रही हैं। अमृत स्टेशन योजना से पीलीभीत स्टेशन का सुंदरीकरण, लिफ्ट, स्वचालित सीढ़ियां और अन्य काम कराए जा रहे हैं।
पीलीभीत से उत्तराखंड के टनकपुर, मैलानी से लखीमपुर- सीतापुर होकर लखनऊ, शाहजहांपुर और बरेली रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन होता है। मौजूदा समय में लखनऊ के लिए दो ट्रेन हैं। इसमें गोरखपुर- इज्जतनगर एक्सप्रेस और एक पैसेंजर ट्रेन शामिल है। टनकपुर, शाहजहांपुर और बरेली रेलखंड पर भी पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेन संचालित हैं। अभी कई नियमित ट्रेनों की आवश्यकता भी है। लोगों को कहना है कि चार साप्ताहिक ट्रेनें इस रूट पर चल रही हैं। इसको नियमित कर दिया जाता है तो यात्रियों को सहूलियत मिलेगी। व्यापारी और आमजन ने केंद्रीय राज्यमंत्री/ सांसद जितिन प्रसाद से लेकर अन्य जन प्रतिनिधियों को पत्र भी भेजा है। संवाद
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जिले से इन स्थानों के लिए हैं ट्रेनें
पीलीभीत रेलवे स्टेशन से 22 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा दौराई एक्सप्रेस, देहरादून एक्सप्रेस सहित अन्य साप्ताहिक ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। वहीं, त्रिवेणी जनशताब्दी और गोरखपुर एक्सप्रेस का नियमित संचालन किया जा रहा है।
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शाहजहांपुर रेलखंड पर लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन कम
मीटरगेज के बाद ब्राॅडगेज होने पर शाहजहांपुर रेलखंड पर लंबी दूरी की ट्रेनों की मिलने की उम्मीद जगी, मगर सालों बीत जाने के बाद भी इस मार्ग पर लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन कम ही हो सका। मीटरगेज की अपेक्षा ब्राॅडगेज में ट्रेनों की संख्या भी कम हुई। क्षेत्रीय लोगों ने इस मार्ग पर साप्ताहिक ट्रेनों को नियमित करने पर जोर दिया है।
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पीलीभीत। जिले की रेल परिवहन सेवाओं और यात्री सुविधाओं में इजाफा हुआ है, मगर अभी नियमित ट्रेनों के संचालन की जरूरत है। ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में भी साल दर साल बढ़ोतरी हुई है। यात्रियों ने इस रूट पर साप्ताहिक ट्रेनों को नियमित करने की मांग की है।
जिले के यात्रियों को देश और प्रदेश की राजधानी दिल्ली व लखनऊ के सस्ते, सुरक्षित और आसान सफर की सुविधा मिली है। दिल्ली व लखनऊ के लिए अन्य नियमित सुबह और शाम के समय ट्रेनें चलाई जा रही हैं। अमृत स्टेशन योजना से पीलीभीत स्टेशन का सुंदरीकरण, लिफ्ट, स्वचालित सीढ़ियां और अन्य काम कराए जा रहे हैं।
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पीलीभीत से उत्तराखंड के टनकपुर, मैलानी से लखीमपुर- सीतापुर होकर लखनऊ, शाहजहांपुर और बरेली रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन होता है। मौजूदा समय में लखनऊ के लिए दो ट्रेन हैं। इसमें गोरखपुर- इज्जतनगर एक्सप्रेस और एक पैसेंजर ट्रेन शामिल है। टनकपुर, शाहजहांपुर और बरेली रेलखंड पर भी पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेन संचालित हैं। अभी कई नियमित ट्रेनों की आवश्यकता भी है। लोगों को कहना है कि चार साप्ताहिक ट्रेनें इस रूट पर चल रही हैं। इसको नियमित कर दिया जाता है तो यात्रियों को सहूलियत मिलेगी। व्यापारी और आमजन ने केंद्रीय राज्यमंत्री/ सांसद जितिन प्रसाद से लेकर अन्य जन प्रतिनिधियों को पत्र भी भेजा है। संवाद
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जिले से इन स्थानों के लिए हैं ट्रेनें
पीलीभीत रेलवे स्टेशन से 22 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा दौराई एक्सप्रेस, देहरादून एक्सप्रेस सहित अन्य साप्ताहिक ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। वहीं, त्रिवेणी जनशताब्दी और गोरखपुर एक्सप्रेस का नियमित संचालन किया जा रहा है।
शाहजहांपुर रेलखंड पर लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन कम
मीटरगेज के बाद ब्राॅडगेज होने पर शाहजहांपुर रेलखंड पर लंबी दूरी की ट्रेनों की मिलने की उम्मीद जगी, मगर सालों बीत जाने के बाद भी इस मार्ग पर लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन कम ही हो सका। मीटरगेज की अपेक्षा ब्राॅडगेज में ट्रेनों की संख्या भी कम हुई। क्षेत्रीय लोगों ने इस मार्ग पर साप्ताहिक ट्रेनों को नियमित करने पर जोर दिया है।