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Pilibhit News: बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में बनाई जा रही आवासीय कॉलोनी

Thu, 25 Jul 2024 05:09 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Thu, 25 Jul 2024 05:09 AM IST
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Residential colony being built in flood-prone area
पूर्व में आई बाढ़ में डूबी सिचाई विभाग की निर्माणाधीन कॉलोनी।फाइल फोटो
कलीनगर/पीलीभीत। नहरों की देखरेख करने वाले कर्मचारियों के ठहरने के लिए आठ करोड़ की लागत से बनाई जा रही आवासीय कॉलोनी का निर्माण बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में हो रहा है। मानसून की शुरूआत में ही यहां कई-कई फुट पानी भर गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां हर साल जलभराव होता है। ऐसे में यहां आवासीय कॉलोनी का निर्माण करना बजट की बर्बादी है।
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कलीनगर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत वर्ष 1926 में सिंचाई विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बाइफरकेशन में स्थाई कॉलोनी बनाई गई थी। देखरेख के अभाव में कॉलोनी जर्जर हो गई। पूर्व में शासन की ओर से मरम्मत के लिए बजट आवंटित होने के बाद कार्य कराए गए, लेकिन वह लंबे समय तक नहीं टिक सके।
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एक साल पहले कर्मचारियों के लिए नई कॉलोनी बनाने के प्रयास शुरू हुए। इसके लिए सिंचाई विभाग की हेडवर्क्स खंड के स्थानीय अभियंताओं ने बाइफरकेशन के बजाय दस किलोमीटर दूर माधोटांडा-खटीमा मार्ग पर पिपरिया संतोष गांव में जगह चयनित की। यह क्षेत्र बाढ़ग्रस्त है। हर साल बाढ़ इलाके में तबाही मचाती है।
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इसकी अनदेखी करते हुए प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के साथ बजट भी जारी हो गया। फिलहाल यहां चहारदीवारी बनाने के साथ मिट्टी का भराव कराया गया है। अब कॉलोनी के अधिकांश इलाके में जलभराव हो गया। कॉलोनी में अभी भवन का निर्माण, रास्ता आदि बनना शेष है। जलभराव के बाद कॉलोनी के स्थान को लेकर उठ रहे सवालों के बीच क्षेत्र के लोग भी चर्चाएं करने लगे हैं। दबी जुबान से कर्मचारी भी अफसरों के इस निर्णय से संतुष्ट नहीं हैं।
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पेड़ों का भी हो गया सफाया
सिंचाई विभाग ने यह जमीन सामाजिक वानिकी विभाग को पौधरोपण के लिए दी थी। लंबे समय के बाद जमीन पर पौध को पेड़ का रूप मिल सका था। कॉलोनी निर्माण के चलते अब यहां गिने-चुने पेड़ ही बचे हैं।

वर्जन:
बाइफरकेशन में मोबाइल नेटवर्क नहीं आते हैं। जिसके चलते समस्या बनी रहती है। पिपरिया संतोष के निकट आवासीय कॉलोनी के क्षेत्र में जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए मिट्टी डलवाई जाएगी। मुख्यमार्ग तक रास्ता भी बनाया जाएगा। - आर के शर्मा, अधिशासी अभियंता, हेड वर्क्स खंड
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