{"_id":"5d51a0d78ebc3e6ced374ea5","slug":"religion-pilibhit-news-bly3721570146","type":"story","status":"publish","title_hn":"आस्था पथ पर निकला शिवभक्तों का कारवां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आस्था पथ पर निकला शिवभक्तों का कारवां
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। सावन के अंतिम सोमवार पर भोले के भक्तों का उत्साह चरम पर रहा। जिले भर के शिवालयों में भोले के पूजन-अभिषेक, महारुद्राभिषेक आदि के लिए शिवभक्तों का तांता लगा रहा। शिवालयों को आकर्षक ढंग से सजाया गया। घरों और मंदिरों में सामूहिक रूप से भजन के कार्यक्रम हुए। वहीं बम भोले के जयकारों के साथ कांवड़ियों के जत्थों के आने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा।
सोमवार सुबह से ही शहर भर के शिवालय हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंजने लगे। श्रावण मास के अंतिम सोमवार पर भगवान शिव के भक्तों ने ऐतिहासिक गौरीशंकर मंदिर, दूधियानाथ मंदिर, अर्द्धनारीश्वर मंदिर, काला मंदिर समेत अन्य शिव मंदिरों में जाकर जलाभिषेक किया। भगवान भोले की कृपा पाने व जलाभिषेक को शिव भक्त बेताब रहे, यह सिलसिला दोपहर बाद तक जारी रहा। शिव भक्त हाथों में पूजा की थाली लेकर मंदिरों में पहुंचे और दूध, दही, शहद, घी, शक्कर, चावल आदि से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया। धतूरा, बेलपत्र, मिठाई आदि चढ़ाकर परिवार की सुख समृद्धि की प्रार्थना की। गौरीशंकर मंदिर और दूधियानाथ मंदिर में शिव भक्तों ने भगवान भोले की पूजा अर्चना की। वहीं कई शिवभक्तों ने घरों में भी भगवान शिव की आराधना की। शिवभक्तों का शिवालयों में पहुंचने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। मंदिरों के बाहर फूल, बेलपत्र आदि की दुकानें सजी रहीं।
पूरनपुर। सावन के अंतिम सोमवार को श्रद्धालुओं ने व्रत रहकर शिव मंदिरों में पहुंचकर जलाभिषेक और पूजा अर्चना की। नगर के देवीस्थान मंदिर, बड़े हनुमान मंदिर, सीताराम मंदिर सहित अन्य मंदिरों में जलाभिषेक और पूजा अर्चना करने वाले श्रद्धालुओं की सुबह से ही भीड़ भाड़ रही। इसके अलावा नगर के सिरसा जंगल में स्थित बाबा इकोहत्तरनाथ मंदिर, त्रेतानाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का जमावड़ा रहा। मेला भी लगा। कांवड़ियों के जत्थों ने शारदा नदी से लाए जल से बाबा इकोहत्तरनाथ मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक किया। गांव खमरिया से कांवड़ियों का एक जत्था गोला गोकर्णनाथ शिव मंदिर में जलाभिषेक को रवाना हुआ।
विज्ञापन
बीसलपुर। सावन के अंतिम सोमवार को श्रद्धालुओं ने व्रत रहकर शिव मंदिरों में पूजा अर्चना की। शिव मंदिरों में पूजा अर्चना का कार्य सुबह से ही शुरू हो गया था, जो दोपहर तक चलता रहा। दोपहर बाद श्रद्धालुओं ने शिव मंदिरों में भजन कीर्तन किए। वहीं गंगा नदी के विभिन्न घाटों से लाया जल गुलेश्वरनाथ मंदिर पर चढ़ाया। कावंड़ियों में काफी जोश देखा गया।
अमरिया। सावन के अंतिम सोमवार पर श्रद्धालुओं ने शिव मंदिरों में पूजा अर्चना कर मनौतियां मांगी। शिव मंदिरों में पूजा अर्चना का कार्य सुबह से ही शुरू हो गया, जो दोपहर तक जारी रहा। हरिद्वार से गंगा जल लेकर आए कांवड़ियों ने शिव मंदिर और भीमसेन मंदिर में जलाभिषेक किया। कांवड़ियों के आने का सिलसिला सुबह से लेकर शाम तक जारी रहा।
कांवड़ियों के जत्थों ने किया जलाभिषेक
पीलीभीत। रविवार रात से ही कांवड़ियों के शिव मंदिरों में पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। कांवड़ियों की आमद से मंदिरों में रात से जयकारों की गूंज सुनाई देने लगी। सोमवार सुबह होते ही कांवड़ियों के जत्थों ने शिवलिंग की पूजा अर्चना कर जलाभिषेक किया। गौरीशंकर मंदिर व दूधियानाथ मंदिरों में बड़ी संख्या में कछला और हरिद्वार से गंगाजल लेकर आए कांवड़ियों ने जलाभिषेक किया। कांवड़ियों के आने का सिलसिला शाम तक जारी रहा। इधर छाया मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से बरेली रोड स्थित तिराहा पर कांवड़ियों का भव्य स्वागत किया गया। कांवड़ियों के जलपान और ठहरने की भी व्यवस्था की गई। यहां अध्यक्ष प्रकाशबाबू, संरक्षक श्यामकिशोर, सुधा देवी, अंकित अवस्थी, प्रेम शंकर, राहुल शर्मा, विनीत शर्मा आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
सोमवार सुबह से ही शहर भर के शिवालय हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंजने लगे। श्रावण मास के अंतिम सोमवार पर भगवान शिव के भक्तों ने ऐतिहासिक गौरीशंकर मंदिर, दूधियानाथ मंदिर, अर्द्धनारीश्वर मंदिर, काला मंदिर समेत अन्य शिव मंदिरों में जाकर जलाभिषेक किया। भगवान भोले की कृपा पाने व जलाभिषेक को शिव भक्त बेताब रहे, यह सिलसिला दोपहर बाद तक जारी रहा। शिव भक्त हाथों में पूजा की थाली लेकर मंदिरों में पहुंचे और दूध, दही, शहद, घी, शक्कर, चावल आदि से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया। धतूरा, बेलपत्र, मिठाई आदि चढ़ाकर परिवार की सुख समृद्धि की प्रार्थना की। गौरीशंकर मंदिर और दूधियानाथ मंदिर में शिव भक्तों ने भगवान भोले की पूजा अर्चना की। वहीं कई शिवभक्तों ने घरों में भी भगवान शिव की आराधना की। शिवभक्तों का शिवालयों में पहुंचने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। मंदिरों के बाहर फूल, बेलपत्र आदि की दुकानें सजी रहीं।
विज्ञापन
पूरनपुर। सावन के अंतिम सोमवार को श्रद्धालुओं ने व्रत रहकर शिव मंदिरों में पहुंचकर जलाभिषेक और पूजा अर्चना की। नगर के देवीस्थान मंदिर, बड़े हनुमान मंदिर, सीताराम मंदिर सहित अन्य मंदिरों में जलाभिषेक और पूजा अर्चना करने वाले श्रद्धालुओं की सुबह से ही भीड़ भाड़ रही। इसके अलावा नगर के सिरसा जंगल में स्थित बाबा इकोहत्तरनाथ मंदिर, त्रेतानाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का जमावड़ा रहा। मेला भी लगा। कांवड़ियों के जत्थों ने शारदा नदी से लाए जल से बाबा इकोहत्तरनाथ मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक किया। गांव खमरिया से कांवड़ियों का एक जत्था गोला गोकर्णनाथ शिव मंदिर में जलाभिषेक को रवाना हुआ।
विज्ञापन
बीसलपुर। सावन के अंतिम सोमवार को श्रद्धालुओं ने व्रत रहकर शिव मंदिरों में पूजा अर्चना की। शिव मंदिरों में पूजा अर्चना का कार्य सुबह से ही शुरू हो गया था, जो दोपहर तक चलता रहा। दोपहर बाद श्रद्धालुओं ने शिव मंदिरों में भजन कीर्तन किए। वहीं गंगा नदी के विभिन्न घाटों से लाया जल गुलेश्वरनाथ मंदिर पर चढ़ाया। कावंड़ियों में काफी जोश देखा गया।
अमरिया। सावन के अंतिम सोमवार पर श्रद्धालुओं ने शिव मंदिरों में पूजा अर्चना कर मनौतियां मांगी। शिव मंदिरों में पूजा अर्चना का कार्य सुबह से ही शुरू हो गया, जो दोपहर तक जारी रहा। हरिद्वार से गंगा जल लेकर आए कांवड़ियों ने शिव मंदिर और भीमसेन मंदिर में जलाभिषेक किया। कांवड़ियों के आने का सिलसिला सुबह से लेकर शाम तक जारी रहा।
कांवड़ियों के जत्थों ने किया जलाभिषेक
पीलीभीत। रविवार रात से ही कांवड़ियों के शिव मंदिरों में पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। कांवड़ियों की आमद से मंदिरों में रात से जयकारों की गूंज सुनाई देने लगी। सोमवार सुबह होते ही कांवड़ियों के जत्थों ने शिवलिंग की पूजा अर्चना कर जलाभिषेक किया। गौरीशंकर मंदिर व दूधियानाथ मंदिरों में बड़ी संख्या में कछला और हरिद्वार से गंगाजल लेकर आए कांवड़ियों ने जलाभिषेक किया। कांवड़ियों के आने का सिलसिला शाम तक जारी रहा। इधर छाया मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से बरेली रोड स्थित तिराहा पर कांवड़ियों का भव्य स्वागत किया गया। कांवड़ियों के जलपान और ठहरने की भी व्यवस्था की गई। यहां अध्यक्ष प्रकाशबाबू, संरक्षक श्यामकिशोर, सुधा देवी, अंकित अवस्थी, प्रेम शंकर, राहुल शर्मा, विनीत शर्मा आदि शामिल रहे।