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‘पीलीभीत में स्वतंत्रता संग्राम की संघर्ष गाथा’ पुस्तक का विमोचन
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किताब का विमोचन करते पदाधिकारी। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। लोकतंत्र रक्षक सेनानी संगठन के अध्यक्ष अशोक शम्सा ने आजादी के अमृत महोत्सव पर विश्वमित्र टंडन द्वारा लिखित पुस्तक ‘पीलीभीत में स्वतंत्रता संग्राम की संघर्ष गाथा’ का विमोचन किया। वल्लभनगर में आयोजित कार्यक्रम में शम्सा ने कहा कि ऐसे लोग भी थे, जिन्होंने दशकों तक देश की आजादी के लिए संघर्ष किया। नई पीढ़ी को उनके संघर्ष से प्रेरणा लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अभी तक स्वतंत्रता संग्राम के विभिन्न पहलुओं पर लिखी गई कोई ऐसी पुस्तक उपलब्ध नहीं थी। इसे पढ़कर जिले के स्वतंत्रता संग्राम के बारे में बहुत अधिक जाना और समझा जा सके। आजादी की लड़ाई के बारे में लोग जान सकें, उसके लिए इस पुस्तक से यह कमी पूरी हो जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन से अपील की कि पुस्तक को जिले भर के स्कूलों के विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए उपलब्ध कराया जाए।
लोकतंत्र रक्षक सेनानी संगठन के सहमंत्री अरविंद सिंह ने कहा कि यह पुस्तक आजादी में पीलीभीत जनपद के योगदान की याद दिलाती है। पुस्तक से जिले को नई पहचान मिलेगी। पुस्तक के लेखक विश्वमित्र टंडन ने कहा कि इस पुस्तक में आजादी के संघर्ष की ऐसी तमाम घटनाएं जुटा कर दी गई हैं जो अब तक लोगों के सामने नहीं थी। नई पीढ़ी को आजादी की लड़ाई के बारे में समझने का इस पुस्तक के माध्यम से मौका मिलेगा। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को लोग समझ सकें और जीवन में अन्याय के खिलाफ संघर्ष की प्रेरणा ले सकें। इसी प्रयास में यह किताब लिखी गई है।
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उन्होंने कहा कि अभी तक स्वतंत्रता संग्राम के विभिन्न पहलुओं पर लिखी गई कोई ऐसी पुस्तक उपलब्ध नहीं थी। इसे पढ़कर जिले के स्वतंत्रता संग्राम के बारे में बहुत अधिक जाना और समझा जा सके। आजादी की लड़ाई के बारे में लोग जान सकें, उसके लिए इस पुस्तक से यह कमी पूरी हो जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन से अपील की कि पुस्तक को जिले भर के स्कूलों के विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए उपलब्ध कराया जाए।
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लोकतंत्र रक्षक सेनानी संगठन के सहमंत्री अरविंद सिंह ने कहा कि यह पुस्तक आजादी में पीलीभीत जनपद के योगदान की याद दिलाती है। पुस्तक से जिले को नई पहचान मिलेगी। पुस्तक के लेखक विश्वमित्र टंडन ने कहा कि इस पुस्तक में आजादी के संघर्ष की ऐसी तमाम घटनाएं जुटा कर दी गई हैं जो अब तक लोगों के सामने नहीं थी। नई पीढ़ी को आजादी की लड़ाई के बारे में समझने का इस पुस्तक के माध्यम से मौका मिलेगा। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को लोग समझ सकें और जीवन में अन्याय के खिलाफ संघर्ष की प्रेरणा ले सकें। इसी प्रयास में यह किताब लिखी गई है।
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