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रासलीला : मीरा को मिल गए गिरधर गोपाल, गूंजे जयकारे
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पीलीभीत। श्री राधा माधव संकीर्तन मंडल के तत्वावधान में रासलीला महोत्सव के अंतर्गत मीराबाई से भगवान के मिलन की लीला का मंचन किया गया। जब मीराबाई को गिरधर गोपाल मिले तो पूरा भवन भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज गया।
अग्रवाल भवन में आयोजित रासलीला का प्रसंग में दिखाया गया कि मीरा बाई के बगीचे में कुछ संत आए। वे रोजाना सत्संग किया करते थे। एक दिन मीराबाई अपनी मां के साथ सत्संग सुनने के लिए गईं। वहां देखा कि एक सांवले सलोने ठाकुर जी बाबा के साथ थे। उन्होंने बाबा से उनका नाम पूछा तो पता चला कि यह गिरधर गोपाल हैं।
मीराबाई सोचने लगीं कि यह तो वही गिरधर गोपाल हैं, जिनकी भक्ति में वह लीन होना चाहती हैं। मीरा जी रोने लगीं और बाबा से गिरधर गोपाल मांगने लगीं। बाबा ने विचार किया यदि हम रहेंगे तो मीरा गिरधर गोपाल को हमसे ले लेंगी। इसलिए रात्रि में विश्राम करके यहां से निकल जाएंगे। तभी रात में सपने में संत से ठाकुर जी ने कहा कि वह मेरी अनन्य भक्त हैं, मुझे उनके पास छोड़ दो।
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संत को बड़ा कष्ट हुआ पर भगवान की आज्ञा मानकर संत ने गिरधर गोपाल को मीरा के हवाले कर दिया। मीरा नाचने गाने लगीं। रासलीला भवन में भगवान की जयजयकार हुई। श्री राधा माधव संकीर्तन मंडल के सदस्यों ने नृत्य किया।
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अग्रवाल भवन में आयोजित रासलीला का प्रसंग में दिखाया गया कि मीरा बाई के बगीचे में कुछ संत आए। वे रोजाना सत्संग किया करते थे। एक दिन मीराबाई अपनी मां के साथ सत्संग सुनने के लिए गईं। वहां देखा कि एक सांवले सलोने ठाकुर जी बाबा के साथ थे। उन्होंने बाबा से उनका नाम पूछा तो पता चला कि यह गिरधर गोपाल हैं।
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मीराबाई सोचने लगीं कि यह तो वही गिरधर गोपाल हैं, जिनकी भक्ति में वह लीन होना चाहती हैं। मीरा जी रोने लगीं और बाबा से गिरधर गोपाल मांगने लगीं। बाबा ने विचार किया यदि हम रहेंगे तो मीरा गिरधर गोपाल को हमसे ले लेंगी। इसलिए रात्रि में विश्राम करके यहां से निकल जाएंगे। तभी रात में सपने में संत से ठाकुर जी ने कहा कि वह मेरी अनन्य भक्त हैं, मुझे उनके पास छोड़ दो।
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संत को बड़ा कष्ट हुआ पर भगवान की आज्ञा मानकर संत ने गिरधर गोपाल को मीरा के हवाले कर दिया। मीरा नाचने गाने लगीं। रासलीला भवन में भगवान की जयजयकार हुई। श्री राधा माधव संकीर्तन मंडल के सदस्यों ने नृत्य किया।