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दिल्ली से लौटे छह लोग शेल्टर होम में क्वारंटीन किए
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माधोटांडा। कलीनगर की एक बच्ची की दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में मौत के बाद यहां लौटे परिजनों ने खुद ही सूचना देकर परीक्षण कराया। स्क्रीनिंग करने और नमूने लेने के बाद परिवार के छह लोगों को शेल्टर होम में क्वारंटीन कर दिया गया। यह सब इसलिए हुआ क्योंकि जिस अस्पताल में बच्ची की मौत हुई, वहीं के एक स्वीपर की कोरोना पॉजिटिव पाया गया है।
कलीनगर में एक परिवार के छह लोग पीलिया से पीड़ित आठ वर्षीय बच्ची का दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज कराने गए थे। परिवारवालों पर आने जाने का पास बना था। सोमवार सुबह बच्ची की मौत हो गई, उसका शव परिवार को नहीं दिया गया। इसके बाद परिजन देर रात दिल्ली से कलीनगर लौट आए। फिर कंट्रोल रूम फोन कर स्वयं उन्होंने आने की जानकारी दी। इसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने कलीनगर पहुंचकर परिवार के सभी छह सदस्यों की स्क्रीनिंग की। परिवार की दो अन्य महिलाओं की भी स्क्रीनिंग की गई। सीएचसी के प्रभारी चिकित्सक डॉ. विनीत यादव ने बताया कि सभी का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। इसके साथ परिवार को कलीनगर के शेल्टर होम में 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया गया है।
पैदल चलकर और आठ मजदूर पहुंचे घर
बरखेड़ा। मजदूरों की आवाजाही अब भी जारी है। मंगलवार को भी विभिन्न गांवों के आठ मजदूर पैदल मीलों का सफर तय कर अपने घर लौट आए। इसके बाद ये सभी अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए दोपहर में सीएचसी पहुंचे। डॉ. एसके सिंह ने बताया कि काजरभोजी गांव के दो युवक किच्छा (उत्तराखंड) और दो युवक लालकुआं से वापस आए हैं। इनके अलावा शेरगंज खुर्द गांव का एक युवक और लखाखास के तीन लोग मथुरा से वापस आए हैं। सभी को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
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कलीनगर में एक परिवार के छह लोग पीलिया से पीड़ित आठ वर्षीय बच्ची का दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज कराने गए थे। परिवारवालों पर आने जाने का पास बना था। सोमवार सुबह बच्ची की मौत हो गई, उसका शव परिवार को नहीं दिया गया। इसके बाद परिजन देर रात दिल्ली से कलीनगर लौट आए। फिर कंट्रोल रूम फोन कर स्वयं उन्होंने आने की जानकारी दी। इसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने कलीनगर पहुंचकर परिवार के सभी छह सदस्यों की स्क्रीनिंग की। परिवार की दो अन्य महिलाओं की भी स्क्रीनिंग की गई। सीएचसी के प्रभारी चिकित्सक डॉ. विनीत यादव ने बताया कि सभी का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। इसके साथ परिवार को कलीनगर के शेल्टर होम में 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया गया है।
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पैदल चलकर और आठ मजदूर पहुंचे घर
बरखेड़ा। मजदूरों की आवाजाही अब भी जारी है। मंगलवार को भी विभिन्न गांवों के आठ मजदूर पैदल मीलों का सफर तय कर अपने घर लौट आए। इसके बाद ये सभी अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए दोपहर में सीएचसी पहुंचे। डॉ. एसके सिंह ने बताया कि काजरभोजी गांव के दो युवक किच्छा (उत्तराखंड) और दो युवक लालकुआं से वापस आए हैं। इनके अलावा शेरगंज खुर्द गांव का एक युवक और लखाखास के तीन लोग मथुरा से वापस आए हैं। सभी को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
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