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निजी डॉक्टर मुख्यालय से दूर के गांव में लगाएं कैंप
पीलीभीत।
Updated Sat, 20 Jun 2015 10:52 PM IST
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केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने आईएमए और नीमा के सदस्य चिकित्सकों की बैठक में उसने अपनी साख बनाए रखने की अपील की। साथ ही उन्होंने मरीजों को शोषण से बचाने के लिए प्रत्येक अस्पताल में रेट लिस्ट लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निजी डॉक्टर एक टीम गठित करें और माह में एक बार किसी दूरस्थ गांव में कैंप लगाकर मरीजों की जांच और इलाज करें। इसमें स्वास्थ्य विभाग सहयोग करेगा।
कलेक्ट्रेट स्थित गांधी सभागार में हुई बैठक में केंद्रीय मंत्री स्वास्थ्य के प्रति काफी गंभीर दिखीं। शहर सहित क्षेत्र में झोलाछाप डाक्टरों पर अंकुश न लगने पर उन्होंने सीएमओ डॉ. ओम चौहान को फटकार लगाई। उन्होंने इसे गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। जिले में खुले में चल रही मीट की दुकानों पर अंकुश लगाने के निर्देश एडीएम और सीएमओ को दिए। साथ ही इसकी गाइड लाइन की बुकलेट भी अधिकारियों को दी।
उन्होंने निजी डॉक्टरों से अपील की कि वह मुख्यालय से दूर क्षेत्रों में मरीजों को सेवाएं देने के कैंप सीएमओ माध्यम से करने की बात कही। निजी डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय के लिए जिला विकलांग पुनर्वास केंद्र के प्रबंधक सुखवीर सिंह भदौरिया को कोआर्डिनेटर नियुक्त किया है। केंद्रीय मंत्री ने सरकारी चिकित्सकों के निजी प्रैक्टिस करने और बीआरएस लिए बिना प्राइवेट अस्पताल चलाने को गंभीरता से लिया। इस पर उन्होंने सीएमएस डॉ. आरसी शर्मा को कार्रवाई के निर्देश दिए।
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बैठक में एडीएम अजयकांत सैनी, आईएमए के कार्यवाहक डॉ. पीडी सिंह, सचिव डॉ. एसके मित्रा, केंद्रीय मंत्री के पीआरओ रंजीत कुमार, प्रतिनिधि प्रमोद अग्रवाल, प्रवक्त एमआर मलिक, रेखा परिहार सहित कई लोग मौजूद रहे। बैठक के बाद उन्होंने मरौरी ब्लाक के गांव पंडरी, अलीगंज और सडा में जनसभाएं की। इसमें बाबूराम पासवान, देवेंद्र सिह टोनी, जेएस परिहार, प्रवक्तानंद मौजूद रहे।
दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना से रोशन होंगे गांव
पीलीभीत। केंद्रीय मंत्री ने शाम को गांधी सभागार में डीएम एवं विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना शुरू की है। इसके तहत ऐसे गांव को चिह्नित कर विद्युतीकरण किया जाना है जहां अब तक लाइन नहीं है। इसके लिए जिले के 300 गांव के लिए 127 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने डीएम ओएन सिंह कहा कि ऐसे गांव का चुनाव कर वहां पोल, ट्रांसफार्मर, लोड की स्थिति आदि का सर्वे करा लें ताकि समय से काम पूरा कराया जा सके।
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कलेक्ट्रेट स्थित गांधी सभागार में हुई बैठक में केंद्रीय मंत्री स्वास्थ्य के प्रति काफी गंभीर दिखीं। शहर सहित क्षेत्र में झोलाछाप डाक्टरों पर अंकुश न लगने पर उन्होंने सीएमओ डॉ. ओम चौहान को फटकार लगाई। उन्होंने इसे गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। जिले में खुले में चल रही मीट की दुकानों पर अंकुश लगाने के निर्देश एडीएम और सीएमओ को दिए। साथ ही इसकी गाइड लाइन की बुकलेट भी अधिकारियों को दी।
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उन्होंने निजी डॉक्टरों से अपील की कि वह मुख्यालय से दूर क्षेत्रों में मरीजों को सेवाएं देने के कैंप सीएमओ माध्यम से करने की बात कही। निजी डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय के लिए जिला विकलांग पुनर्वास केंद्र के प्रबंधक सुखवीर सिंह भदौरिया को कोआर्डिनेटर नियुक्त किया है। केंद्रीय मंत्री ने सरकारी चिकित्सकों के निजी प्रैक्टिस करने और बीआरएस लिए बिना प्राइवेट अस्पताल चलाने को गंभीरता से लिया। इस पर उन्होंने सीएमएस डॉ. आरसी शर्मा को कार्रवाई के निर्देश दिए।
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बैठक में एडीएम अजयकांत सैनी, आईएमए के कार्यवाहक डॉ. पीडी सिंह, सचिव डॉ. एसके मित्रा, केंद्रीय मंत्री के पीआरओ रंजीत कुमार, प्रतिनिधि प्रमोद अग्रवाल, प्रवक्त एमआर मलिक, रेखा परिहार सहित कई लोग मौजूद रहे। बैठक के बाद उन्होंने मरौरी ब्लाक के गांव पंडरी, अलीगंज और सडा में जनसभाएं की। इसमें बाबूराम पासवान, देवेंद्र सिह टोनी, जेएस परिहार, प्रवक्तानंद मौजूद रहे।
दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना से रोशन होंगे गांव
पीलीभीत। केंद्रीय मंत्री ने शाम को गांधी सभागार में डीएम एवं विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना शुरू की है। इसके तहत ऐसे गांव को चिह्नित कर विद्युतीकरण किया जाना है जहां अब तक लाइन नहीं है। इसके लिए जिले के 300 गांव के लिए 127 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने डीएम ओएन सिंह कहा कि ऐसे गांव का चुनाव कर वहां पोल, ट्रांसफार्मर, लोड की स्थिति आदि का सर्वे करा लें ताकि समय से काम पूरा कराया जा सके।