{"_id":"58c1a47d4f1c1bc350dc41c1","slug":"pregnancy-chemistry-at-chc","type":"story","status":"publish","title_hn":"गर्भवती की मौत पर सीएचसी में हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गर्भवती की मौत पर सीएचसी में हंगामा
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Fri, 10 Mar 2017 12:22 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव रसायाखानपुर की गर्भवती महिला और गर्भस्थ शिशु की गुरुवार को मौत हो गई। मृतका के घरवालों ने स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदार ठहराते हुए स्वास्थ्य केंद्र में काफी हंगामा किया। उनका कहना था कि प्रसव पीड़ा होने पर 102 एंबुलेंस को फोन किया गया लेकिन वह तीन घंटे बाद पहुंची, जिससे गर्भवती की हालात बिगड़ गई। वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि एंबुलेंस समय से पहुंची थी। गांव रसायाखानपुर निवासी अंसार खां ने बताया कि उनकी 32 वर्षीय गर्भवती पत्नी रेहाना बेगम को गुरुवार को सुबह आठ बजे प्रसव पीड़ा हुई थी, तभी उसने 102 एंबुलेंस को फोन किया। आरोप है कि एंबुलेंस पूरे तीन घंटे बाद यानी पूर्वाह्न 11 बजे गांव पहुंची। उसके बाद अंसार खां अपनी गर्भवती पत्नी को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। साथ ही गर्भ में पल रहे शिशु ने भी दम तोड़ दिया। अंसार खां ने पत्नी की मौत के लिए स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदार ठहराते हुए स्वास्थ्य केंद्र में काफी हंगामा किया। अंसार खां का कहना था कि यदि एंबुलेंस सही समय पर पहुंच जाती तो उसकी पत्नी और बच्चे की मौत नहीं होती। अंसार खां ने स्वास्थ्य विभाग वालों को काफी बुरा भला भी कहा। हंगामे के कारण मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई थी और थोड़ी देर के लिए स्वास्थ्य केंद्र का कामकाज भी ठहर गया था। बाद में स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. ठाकुरदास के समझाने पर अंसार खां शांत हुआ और अपनी पत्नी के शव को लेकर घर चला गया। इस बाबत अधीक्षक ने बताया कि अंसार खां ने काफी विलंब से एंबुलेंस को कॉल किया था। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस बिल्कुल सही समय पर पहुंची थी। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों का कोई दोष नहीं है।
नवजात की गंभीर हालत को देखते हुए सीएचसी के चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया था, लेकिन परिवार वाले उसे नहीं ले गए। परिवार वालों की लापरवाही से मौत हुई है।
- डॉ. सीएम चतुर्वेदी, एसीएमओ
विज्ञापन
नवजात की गंभीर हालत को देखते हुए सीएचसी के चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया था, लेकिन परिवार वाले उसे नहीं ले गए। परिवार वालों की लापरवाही से मौत हुई है।
विज्ञापन
- डॉ. सीएम चतुर्वेदी, एसीएमओ