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Pilibhit News: पीआरडी जवानों का लटक गया मानदेय
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पीलीभीत। युवा कल्याण अधिकारी के कार्यालय में न आने से स्टाफ के साथ ही पीआरडी जवानों के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। साहब के न होने से जवानों को मार्च से अब तक मानदेय नहीं मिल सका है। ऐसे में जवान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
थानों के साथ की एसडीएम और अन्य स्थानों पर पीआरडी जवानों की ड्यूटी युवा कल्याण विभाग की ओर से लगाई जाती है। इसके लिए उनको प्रतिदिन 395 रुपये के हिसाब से हर माह भुगतान किया जाता है। पीआरडी जवान ड्यूटी तो निभा रहे हैं लेकिन इस समय सभी मानदेय को लेकर परेशान है।
यहां तैनात युवा कल्याण अधिकारी जून माह से नहीं आए हैं। यही नहीं उनसे संपर्क भी नहीं हो पा रहा है। ऐसे में पीआरडी जवानों के मानदेय बिलों पर उनके हस्ताक्षर नहीं हो पा रहे हैं। हस्ताक्षर न होने से कुछ जवानों का मार्च तो कुछ का अप्रैल से मानदेय नहीं मिल सका है।
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कहने को तो प्रभारी के तौर पर तैनाती है लेकिन वित्तीय अधिकार न होने के कारण समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। मौजूदा समय में जिले के 389 पीआरडी जवानों की अलग- अलग विभागों में ड्यूटी चल रही है। मानदेय न मिल पाने से जवानों के सामने परिवार चलाने की समस्या बढ़ गई है। ऐसे में कुछ जवान कर्जदार भी हो गए हैं। जवानों के अलावा कार्यालय के कुछ और लोगों का भी वेतन नहीं मिल पा रहा है।
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ऐसा कुछ है तो इसकी जानकारी नहीं है। उनके पास कोई समस्या लेकर भी नहीं आया है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
- संजय कुमार सिंह, डीएम
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थानों के साथ की एसडीएम और अन्य स्थानों पर पीआरडी जवानों की ड्यूटी युवा कल्याण विभाग की ओर से लगाई जाती है। इसके लिए उनको प्रतिदिन 395 रुपये के हिसाब से हर माह भुगतान किया जाता है। पीआरडी जवान ड्यूटी तो निभा रहे हैं लेकिन इस समय सभी मानदेय को लेकर परेशान है।
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यहां तैनात युवा कल्याण अधिकारी जून माह से नहीं आए हैं। यही नहीं उनसे संपर्क भी नहीं हो पा रहा है। ऐसे में पीआरडी जवानों के मानदेय बिलों पर उनके हस्ताक्षर नहीं हो पा रहे हैं। हस्ताक्षर न होने से कुछ जवानों का मार्च तो कुछ का अप्रैल से मानदेय नहीं मिल सका है।
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कहने को तो प्रभारी के तौर पर तैनाती है लेकिन वित्तीय अधिकार न होने के कारण समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। मौजूदा समय में जिले के 389 पीआरडी जवानों की अलग- अलग विभागों में ड्यूटी चल रही है। मानदेय न मिल पाने से जवानों के सामने परिवार चलाने की समस्या बढ़ गई है। ऐसे में कुछ जवान कर्जदार भी हो गए हैं। जवानों के अलावा कार्यालय के कुछ और लोगों का भी वेतन नहीं मिल पा रहा है।
ऐसा कुछ है तो इसकी जानकारी नहीं है। उनके पास कोई समस्या लेकर भी नहीं आया है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
- संजय कुमार सिंह, डीएम