फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Power line losses have increased the department's concern, with Amaria suffering the highest loss of 8.68 percent.

Pilibhit News: बिजली के लाइन लॉस ने बढ़ाई विभाग की चिंता, अमरिया में सबसे ज्यादा 8.68 फीसदी नुकसान

Sun, 06 Sep 2026 12:38 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Sun, 06 Sep 2026 12:38 AM IST
विज्ञापन
Power line losses have increased the department's concern, with Amaria suffering the highest loss of 8.68 percent.
शहर की अशोक कॉलोनी में लगे खंभे पर फैला तारों का मकड़जाल। संवाद
पीलीभीत। बिजली आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने और लाइन लॉस कम करने के दावों के बीच जिले के फीडरों से सामने आए आंकड़ों ने विद्युत निगम की चिंता बढ़ा दी है। अलग-अलग क्षेत्रों में बिजली के लाइन लॉस में बड़ा अंतर सामने आया है। अमरिया क्षेत्र 8.68 प्रतिशत लाइन लॉस के साथ सबसे आगे है। शहर के नकटादाना में 6.86 और रामलीला ग्रामीण क्षेत्र में 6.59 प्रतिशत लाइन लॉस दर्ज किया गया है। जहानाबाद में 5.40 और मझोला में 5.56 प्रतिशत लाइन लॉस रहा। अधिक लाइन लॉस वाले क्षेत्रों को लेकर अब विभागीय निगरानी और जांच की जरूरत बढ़ गई है।
विज्ञापन

विभागीय आंकड़ों के मुताबिक अमरिया क्षेत्र में कुल 25,086 उपभोक्ता हैं। यहां 8.68 प्रतिशत लाइन लॉस है। नकटादाना क्षेत्र में 26,772 उपभोक्ताओं के बीच लाइन लॉस 6.86 प्रतिशत रहा। वहीं, रामलीला ग्रामीण क्षेत्र में 42,118 उपभोक्ताओं के सापेक्ष 6.59 प्रतिशत लाइन लॉस दर्ज किया गया। आंकड़े बताते हैं कि बड़े उपभोक्ता आधार वाले कुछ क्षेत्रों में भी लाइन लॉस का प्रतिशत कम नहीं हो सका है।
विज्ञापन

फीडरवार स्थिति देखें, तो माला फीडर में 2.35 और चिखापुर फीडर में 2.21 प्रतिशत लाइन लॉस दर्ज किया गया है। अमरिया टाउन क्षेत्र के अलग-अलग फीडरों पर भी लाइन लॉस एक से दो प्रतिशत से अधिक रहा। स्टोर सेंटर क्षेत्र में यह 2.24 प्रतिशत और रामलीला टाउन में 4.31 प्रतिशत दर्ज किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

---------
लाइन लॉस बढ़ने के पीछे कई कारण
विद्युत निगम में लाइन लॉस को केवल बिजली चोरी से जोड़कर नहीं देखा जाता। इसमें तकनीकी नुकसान, पुरानी या जर्जर लाइन, ट्रांसफाॅर्मर की क्षमता, मीटरिंग में अंतर, बिलिंग संबंधी खामियां और बिजली की वास्तविक खपत एवं दर्ज खपत में अंतर जैसे कारण भी शामिल हो सकते हैं। ऐसे में अधिक लाइन लॉस वाले क्षेत्रों की अलग से पड़ताल कर उनके अलग-अलग कारण चिह्नित किए जाएंगे।
----------
इन फीडरों पर कम नुकसान
फीडरवार आंकड़ों में माला फीडर पर 2.35 प्रतिशत और चिखापुर पर 2.21 प्रतिशत लाइन लॉस दर्ज किया गया है। इन फीडरों की स्थिति को अधिक लाइन लॉस वाले क्षेत्रों के लिए तुलना के तौर पर देखा जा सकता है।


-------
वर्जन:
कई जगह पर लाइन लॉस है। इसको लेकर विभागीय स्तर से निगरानी कराई जा रही है। अमरिया क्षेत्र में लाइन लॉस ज्यादा है। बिजली चोरी रोकने व राजस्व वसूली के लिए चेकिंग अभियान चलेगा। इसके साथ ही अन्य पहलुओं पर भी जांच होगी। - आशीष यादव, एक्सईएन।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed