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Pilibhit News: पीलीभीत टाइगर रिजर्व में मोरों का सौंदर्य सैलानियों के लिए बना खास आकर्षण
Sun, 04 Jan 2026 11:23 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sun, 04 Jan 2026 11:23 PM IST
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पीटीआर के जंगल सफारी वाहन पर नृत्य करते मोर को देखते सैलानी। फाइल फोटो
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पीलीभीत। पीटीआर केवल बाघों के लिए ही नहीं, बल्कि जैव विविधता के लिए भी जाना जाता है। यहां मौजूद राष्ट्रीय पक्षी मोर अपनी मनमोहक छटा और आवाज से सैलानियों को खासा आकर्षित कर रहे हैं। जंगल सफारी के दौरान मोरों के दर्शन सैलानियों के लिए यादगार अनुभव बन रहे हैं।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में देश-विदेश से आने वाले सैलानी मुख्य रूप से बाघों के दीदार की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, लेकिन जंगल भ्रमण के दौरान उन्हें राष्ट्रीय पक्षी मोर के अद्भुत नजारे देखने को मिलते हैं। रंग-बिरंगे पंख फैलाकर नृत्य करते मोर और जंगल में गूंजती उनकी आवाज सैलानियों को रोमांचित कर देती है। मोरों की यह मनोहारी मौजूदगी पीटीआर की प्राकृतिक सुंदरता को और भी निखार रही है। पीटीआर में पक्षियों की कई प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें कुछ दुर्लभ और विलुप्तप्राय प्रजातियां भी शामिल हैं। इन्हीं के बीच राष्ट्रीय पक्षी मोर की संख्या भी अच्छी मानी जा रही है। मोर जंगल के भीतर ही नहीं, बल्कि जंगल से सटे इलाकों में भी बड़ी संख्या में देखे जाते हैं।
खासकर सुबह और शाम के समय मोरों की आवाज और उनका समूह में विचरण करना जंगल के माहौल को जीवंत बना देता है। आंकड़ों के अनुसार पीलीभीत टाइगर रिजर्व की पांचों रेंजों में कुल 4,632 मोर पाए जाते हैं। यह संख्या पीटीआर में अनुकूल पर्यावरण और बेहतर संरक्षण व्यवस्था को दर्शाती है। वन विभाग की ओर से लगातार निगरानी और संरक्षण के चलते मोरों की संख्या में संतोषजनक स्थिति बनी हुई है।
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डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व में मोरों के लिए पर्याप्त प्राकृतिक आवास और भोजन उपलब्ध है। वन विभाग की ओर से वन्यजीवों के संरक्षण के साथ-साथ उनके प्राकृतिक वातावरण को सुरक्षित रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व में देश-विदेश से आने वाले सैलानी मुख्य रूप से बाघों के दीदार की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, लेकिन जंगल भ्रमण के दौरान उन्हें राष्ट्रीय पक्षी मोर के अद्भुत नजारे देखने को मिलते हैं। रंग-बिरंगे पंख फैलाकर नृत्य करते मोर और जंगल में गूंजती उनकी आवाज सैलानियों को रोमांचित कर देती है। मोरों की यह मनोहारी मौजूदगी पीटीआर की प्राकृतिक सुंदरता को और भी निखार रही है। पीटीआर में पक्षियों की कई प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें कुछ दुर्लभ और विलुप्तप्राय प्रजातियां भी शामिल हैं। इन्हीं के बीच राष्ट्रीय पक्षी मोर की संख्या भी अच्छी मानी जा रही है। मोर जंगल के भीतर ही नहीं, बल्कि जंगल से सटे इलाकों में भी बड़ी संख्या में देखे जाते हैं।
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खासकर सुबह और शाम के समय मोरों की आवाज और उनका समूह में विचरण करना जंगल के माहौल को जीवंत बना देता है। आंकड़ों के अनुसार पीलीभीत टाइगर रिजर्व की पांचों रेंजों में कुल 4,632 मोर पाए जाते हैं। यह संख्या पीटीआर में अनुकूल पर्यावरण और बेहतर संरक्षण व्यवस्था को दर्शाती है। वन विभाग की ओर से लगातार निगरानी और संरक्षण के चलते मोरों की संख्या में संतोषजनक स्थिति बनी हुई है।
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डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व में मोरों के लिए पर्याप्त प्राकृतिक आवास और भोजन उपलब्ध है। वन विभाग की ओर से वन्यजीवों के संरक्षण के साथ-साथ उनके प्राकृतिक वातावरण को सुरक्षित रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।