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Pilibhit News: पुलिस ने मृत आरोपी का नाम रिपोर्ट से निकाला
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बीसलपुर। कोतवाली पुलिस ने गांव जोगीठेर के सुनील को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में आरोपी बनाए गए एक मृतक का नाम रिपोर्ट से निकाल दिया है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव जोगीठेर निवासी सुनील कश्यप का शव 11 सितंबर को कोतवाली क्षेत्र के ही गांव शेरगंज के रेलवे हाॅल्ट पर फंदे से झूलता मिला था। मृतक के भाई प्रमोद कुमार ने इस मामले में उसी दिन कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हैंगिंग आया था।
इसके बाद पुलिस ने इस मामले को आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने के आरोप में तरमीम कर दिया था। इस रिपोर्ट में गांव के ही अरुण राना, शिवम राना, जतिन राना, सचिन रान, मिथुन राना, विपिन मौर्य, अखिलेश मौर्य और छेदालाल मौर्य को नामजद किया गया था। इस मामले में खास बात यह रही कि जिन छेदालाल मौर्य के खिलाफ खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई उनकी छह वर्ष पहले मौत हो चुकी थी।
पंचायत विभाग इनका मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी किया था। अमर उजाला ने 21 सितंबर को पृष्ठ संख्या चार पर मृतक पर भी दर्ज कराई रिपोर्ट शीर्षक से विस्तृत समाचार प्रकाशित किया। समाचार प्रकाशित होने के बाद हरकत में आई पुलिस ने गांव जाकर छेदालाल के परिजनों से संंपर्क साधा। जिस पर परिजनों ने पुलिस को छेदालाल के मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रतिलिपि दे दी। इसके बाद पुलिस ने रिपोर्ट से छेदालाल मौर्य का नाम हटा दिया है, जिसकी पुष्टि कोतवाल अशोकपाल ने की है।
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कोतवाली क्षेत्र के गांव जोगीठेर निवासी सुनील कश्यप का शव 11 सितंबर को कोतवाली क्षेत्र के ही गांव शेरगंज के रेलवे हाॅल्ट पर फंदे से झूलता मिला था। मृतक के भाई प्रमोद कुमार ने इस मामले में उसी दिन कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हैंगिंग आया था।
इसके बाद पुलिस ने इस मामले को आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने के आरोप में तरमीम कर दिया था। इस रिपोर्ट में गांव के ही अरुण राना, शिवम राना, जतिन राना, सचिन रान, मिथुन राना, विपिन मौर्य, अखिलेश मौर्य और छेदालाल मौर्य को नामजद किया गया था। इस मामले में खास बात यह रही कि जिन छेदालाल मौर्य के खिलाफ खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई उनकी छह वर्ष पहले मौत हो चुकी थी।
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पंचायत विभाग इनका मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी किया था। अमर उजाला ने 21 सितंबर को पृष्ठ संख्या चार पर मृतक पर भी दर्ज कराई रिपोर्ट शीर्षक से विस्तृत समाचार प्रकाशित किया। समाचार प्रकाशित होने के बाद हरकत में आई पुलिस ने गांव जाकर छेदालाल के परिजनों से संंपर्क साधा। जिस पर परिजनों ने पुलिस को छेदालाल के मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रतिलिपि दे दी। इसके बाद पुलिस ने रिपोर्ट से छेदालाल मौर्य का नाम हटा दिया है, जिसकी पुष्टि कोतवाल अशोकपाल ने की है।
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