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Pilibhit News: हवा में घुलता जहर, बढ़ रहे सांस के रोगी
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जिला अस्पताल में मरीजों को परामर्श लेते चिकित्सक। संवाद
पीलीभीत। प्रकृति की गोद में बसे तराई के जिला पीलीभीत में दिन-प्रतिदिन वायु की गुणवत्ता में सुधार नहीं होने के चलते श्वसन के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। बढ़ता प्रदूषण, वाहनों से निकलता धुआं व मानकों को ताक पर रखकर चलते कारखाने हवा में जहर घोल रहे हैं। यही वजह है कि जिले में पिछले पांच सालों के वायु गुणवत्ता सूचकांक के आंकड़ों के अनुसार चेस्ट रोगी, अस्थमा आदि के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन विशेषज्ञ डॉ. पीयूष के अनुसार, उनकी ओपीडी में नियमित मरीज बढ़ रहे हैं। पहले जहां 100 मरीजों को वह रोज देख रहे थे। अब उनकी संख्या 180 के करीब पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि सांस लेने से संबंधित, सांस फूलने, अस्थमा, दमा आदि के ज्यादातर मरीज सांस लेने में दिक्कत के देखे जा रहे हैं। वायु में प्रदूषण से ही सांस लेने में सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। उन्होंने जिला अस्पताल की ओपीडी में बताया कि अस्पताल में दो साल पहले महीने में सिर्फ 3-4 हजार के मरीज श्वसन रोगी देखे जाते थे, लेकिन अब यहां 5 हजार से भी अधिक मरीज महीने में देखे जा रहे हैं, जिसका कारण वायु में बढ़ता प्रदूषण है। संवाद
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जिला पीलीभीत में 2021 से वायु गुणवत्ता सूचकांक की रिपोर्ट
2021 - 145-160 मध्यम
2022 - 150-170 मध्यम खराब
2023 - 150 - 190 खराब
2024 - 130-170 मध्यम खराब
2025 - 140-160 मध्यम
नोट - पांच वर्ष की वायु गुणवत्ता सूचकांक रिपोर्ट वायु जानकार के अनुसार है।
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जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन विशेषज्ञ डॉ. पीयूष के अनुसार, उनकी ओपीडी में नियमित मरीज बढ़ रहे हैं। पहले जहां 100 मरीजों को वह रोज देख रहे थे। अब उनकी संख्या 180 के करीब पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि सांस लेने से संबंधित, सांस फूलने, अस्थमा, दमा आदि के ज्यादातर मरीज सांस लेने में दिक्कत के देखे जा रहे हैं। वायु में प्रदूषण से ही सांस लेने में सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। उन्होंने जिला अस्पताल की ओपीडी में बताया कि अस्पताल में दो साल पहले महीने में सिर्फ 3-4 हजार के मरीज श्वसन रोगी देखे जाते थे, लेकिन अब यहां 5 हजार से भी अधिक मरीज महीने में देखे जा रहे हैं, जिसका कारण वायु में बढ़ता प्रदूषण है। संवाद
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जिला पीलीभीत में 2021 से वायु गुणवत्ता सूचकांक की रिपोर्ट
2021 - 145-160 मध्यम
2022 - 150-170 मध्यम खराब
2023 - 150 - 190 खराब
2024 - 130-170 मध्यम खराब
2025 - 140-160 मध्यम
नोट - पांच वर्ष की वायु गुणवत्ता सूचकांक रिपोर्ट वायु जानकार के अनुसार है।