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Pilibhit News: खटीमा में नौकरी कर रहे ग्रामीण को दिया जा रहा पीएम आवास
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- डीएम से शिकायत, बीडीओ को सौंपी गई जांच
- पिता पहले ही ले चुके हैं इस योजना से आवास
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। 15 साल से खटीमा में नौकरी कर रहे एक ग्रामीण का नाम भी पीएम आवास सूची में है, जबकि अन्य पात्रों की उपेक्षा हो रही है। ग्रामीण ने इसकी डीएम से शिकायत की है। डीएम ने बीडीओ को जांच करने के आदेश दिए हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना में प्रधान और सचिवों की मनमानी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। सुविधा शुल्क लेकर आवास दिए जा रहे हैं। अब ललौरीखेड़ा के गांव गौनरीदान का मामला सामने आया है। यहां के रहने वाले सोहन लाल ने डीएम से इस मामले की शिकायत की है। कहा है कि 15 साल से खटीमा में फैक्टरी में नौकरी करने वाले एक व्यक्ति को पीएम आवास दिया जा रहा है। पूर्व में युवक के पिता को भी आवास का लाभ दिया जा चुका है। अब बेटे को भी मिल रहा है, जबकि युवक का खटीमा में प्लॉट भी है। अपात्रों को आवास का लाभ देने के कारण पात्रों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण ने मामले की जांच कराकर आवास निरस्त कराने की मांग की है। डीएम ने ललौरीखेड़ा खंड विकास अधिकारी को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
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- पिता पहले ही ले चुके हैं इस योजना से आवास
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। 15 साल से खटीमा में नौकरी कर रहे एक ग्रामीण का नाम भी पीएम आवास सूची में है, जबकि अन्य पात्रों की उपेक्षा हो रही है। ग्रामीण ने इसकी डीएम से शिकायत की है। डीएम ने बीडीओ को जांच करने के आदेश दिए हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना में प्रधान और सचिवों की मनमानी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। सुविधा शुल्क लेकर आवास दिए जा रहे हैं। अब ललौरीखेड़ा के गांव गौनरीदान का मामला सामने आया है। यहां के रहने वाले सोहन लाल ने डीएम से इस मामले की शिकायत की है। कहा है कि 15 साल से खटीमा में फैक्टरी में नौकरी करने वाले एक व्यक्ति को पीएम आवास दिया जा रहा है। पूर्व में युवक के पिता को भी आवास का लाभ दिया जा चुका है। अब बेटे को भी मिल रहा है, जबकि युवक का खटीमा में प्लॉट भी है। अपात्रों को आवास का लाभ देने के कारण पात्रों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण ने मामले की जांच कराकर आवास निरस्त कराने की मांग की है। डीएम ने ललौरीखेड़ा खंड विकास अधिकारी को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
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