पीलीभीत: मतदाता सूची में दर्ज 10470 गलत नाम होंगे दुरुस्त, मतदाताओं से आवेदन लेकर होगा सुधार
पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में सामने आए 10,470 गलत नामों को अब फार्म-8 प्राप्त करने के बाद ही नियमानुसार ठीक किया जाएगा। इन प्रविष्टियों में संशोधन मतदाताओं से फार्म-8 लिए बिना ही कर दिया गया था। शनिवार को जिलाधिकारी आलोक कुमार ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि 12 नवंबर से विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान शुरू होगा।
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पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में सामने आई 10470 मतदाताओं के गलत नामों को अब नियमानुसार दुरुस्त कराया जाएगा। खास बात यह है कि इन प्रविष्टियों में संशोधन मतदाताओं से फार्म-8 प्राप्त किए बिना ही कर दिया गया था। अब जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में किसी भी प्रविष्टि में सुधार के लिए संबंधित मतदाता को स्वयं फार्म-8 भरकर देना अनिवार्य होगा। इस संबंध में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की ओर से आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 12 नवंबर से शुरू होने वाले विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के दौरान प्राप्त आवेदनों के आधार पर इन त्रुटियों को ठीक कराया जाएगा।
शनिवार को जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी आलोक कुमार ने ईवीएम और वीवीपैट वेयरहाउस का मासिक निरीक्षण किया। इसके बाद राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मतदाता सूची की त्रुटियों के सुधार और आगामी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान की जानकारी दी। बैठक में समाजवादी पार्टी (सपा) के जिला प्रवक्ता अमित पाठक, आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष अमित मिश्रा और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रतिनिधि ईश्वर दयाल पासवान मौजूद रहे।
बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र 127-पीलीभीत की निर्वाचक नामावली में निरंतर पुनरीक्षण अवधि के दौरान कुल 10,470 प्रविष्टियां त्रुटिपूर्ण तरीके से दर्ज की गईं। इन प्रविष्टियों में संशोधन के लिए संबंधित मतदाताओं से भौतिक रूप से फार्म-8 प्राप्त नहीं किए गए थे। निर्वाचन नियमावली के अनुसार मतदाता सूची में दर्ज किसी व्यक्ति के नाम, विवरण, निवास स्थान या अन्य प्रविष्टियों में सुधार के लिए फार्म-8 के माध्यम से उसी व्यक्ति को आवेदन करना होता है, जिसकी प्रविष्टि में संशोधन किया जाना है।
मतदाताओं को भरना होगा फार्म-8
जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स-1960 के नियम 13(3) के तहत मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फार्म-6, नाम हटाने या किसी नाम को शामिल किए जाने पर आपत्ति के लिए फार्म-7 और पहले से दर्ज विवरण में संशोधन के लिए फार्म-8 निर्धारित है। ऐसे में 10,470 त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों को भी संबंधित मतदाताओं से फार्म-8 प्राप्त करने के बाद ही नियमानुसार ठीक किया जा सकता है। इसके लिए निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
12 नवंबर से शुरू होगा विशेष पुनरीक्षण अभियान
जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बताया कि निर्वाचन आयोग की ओर से घोषित एक जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर विधानसभा निर्वाचक नामावलियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान 12 नवंबर से शुरू होगा। इसके तहत 11 दिसंबर तक मतदाताओं से दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। इनकी जांच के बाद निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी 28 दिसंबर तक अंतिम निर्णय लेंगे। इसके बाद चार जनवरी 2027 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि एक जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा भी इस अभियान के दौरान 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक फार्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकेंगे। वहीं, पहले से मतदाता सूची में शामिल लोग अपने नाम, पते और अन्य विवरणों में संशोधन के लिए फार्म-8 भर सकेंगे। अपात्र और मृतक मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फार्म-7 के माध्यम से दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी।
बीएलए नियुक्त कर सहयोग करें राजनीतिक दल
जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अभियान को सफल बनाने के लिए बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने और मतदाताओं को जागरूक करने में सहयोग मांगा। उन्होंने कहा कि 10,470 त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों वाले मतदाताओं से फार्म-8 प्राप्त करने की प्रक्रिया में भी राजनीतिक दल सहयोग करें, ताकि किसी पात्र मतदाता को परेशानी न हो और मतदाता सूची में शुद्धता सुनिश्चित की जा सके। अभियान की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से भी व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाएगा।