राहुल गांधी पर भाजपा का तंज: कहा- 'हमेशा मॉक प्रधानमंत्री ही बनाए रखिए', कांग्रेस के आरोपों पर भी किया पलटवार
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के जन महाभियोग कार्यक्रम पर भाजपा ने पलटवार किया है। संबित पात्रा ने राहुल गांधी को जिंदगीभर मॉक प्रधानमंत्री बनाए रखने का तंज कसा। वहीं, एसआईआर और वोट चोरी के आरोपों को खारिज किया। सुधांशु त्रिवेदी ने गरीबी पर विश्व बैंक की रिपोर्ट का हवाला दिया। आखिर भाजपा ने मॉक संसद और राहुल गांधी को लेकर क्या-क्या कहा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
विस्तार
कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मॉक जन महाभियोग कार्यक्रम आयोजित करने के बाद भाजपा ने विपक्ष पर पलटवार किया है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष चाहे कितनी भी मॉक संसद चलाए या रैलियां निकाले, राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की उसकी कोशिश सफल नहीं होगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष राहुल गांधी को जिंदगीभर अपना 'मॉक प्रधानमंत्री' बनाए रख सकता है। पात्रा ने कहा कि दुनिया समझ चुकी है कि राहुल गांधी में आगे बढ़ने की क्षमता नहीं है और यह सैटेलाइट कभी लॉन्च नहीं होने वाला। उन्होंने विपक्ष के कार्यक्रम को संसद और लोकतंत्र का मजाक बताया।
संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर क्या तंज कसा?
भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संबित पात्रा ने कहा कि विपक्ष ने जो मॉक संसद बनाई है, उसे खत्म नहीं करना चाहिए। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि राहुल गांधी को संसद में सत्ता पक्ष की सीटों पर बैठा देना चाहिए। उन्हें टी-शर्ट की जगह कुर्ता-पायजामा पहनाकर प्रधानमंत्री की तरह बैठाया जाए और विपक्षी नेता हर दिन प्रधानमंत्री-प्रधानमंत्री के नारे लगाएं। पात्रा ने कहा कि कांग्रेस राहुल गांधी को जिंदगीभर अपना मॉक प्रधानमंत्री बनाए रख सकती है, भाजपा को इससे कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर बार-बार राहुल गांधी को राजनीतिक रूप से स्थापित करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि विपक्ष का यह कार्यक्रम लोकतंत्र का मजाक बनाने जैसा है।
वोट चोरी और एसआईआर पर कांग्रेस के आरोपों को भाजपा ने क्या जवाब दिया?
पात्रा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कांग्रेस के आरोपों को झूठ बताया। उन्होंने कहा कि किसी का वोट चोरी नहीं हुआ है और इस मामले में किसी को भ्रमित होने की जरूरत नहीं है। पात्रा के मुताबिक, एसआईआर की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। जो मतदाता फिलहाल अनुपस्थित हैं, उनके नाम जोड़े जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले के पते से दूसरी जगह जा चुके करीब छह करोड़ मतदाताओं को भी जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। ऐसे लोगों को फॉर्म-6 भरना होगा। उन्होंने कहा कि फॉर्म-6 में केवल एक घोषणा जोड़ी गई है। पात्रा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर इस मुद्दे पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया।
घुसपैठियों और फॉर्म-6 को लेकर क्या बोले भाजपा प्रवक्ता?
संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि केवल घुसपैठिए ही जानबूझकर फॉर्म-6 नहीं भर रहे हैं और न ही नोटिस का जवाब दे रहे हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में बड़ी संख्या में लोगों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय नागरिक बनाया गया। हालांकि, ये भाजपा प्रवक्ता के आरोप हैं। पात्रा ने लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष और कांग्रेस नेता मीरा कुमार की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मीरा कुमार को इस बात पर आत्ममंथन करना चाहिए कि विपक्ष के इस मॉक संसद कार्यक्रम में स्पीकर की भूमिका निभाना उनके लिए उचित था या नहीं। विपक्ष ने खरगे के आवास पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया था।
गरीबी पर विश्व बैंक की रिपोर्ट का हवाला देकर भाजपा ने क्या कहा?
भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने भी कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने विश्व बैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भारत में अत्यधिक गरीबी की दर 2011 के 27.1 प्रतिशत से घटकर 2023 में 2.6 प्रतिशत रह गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस अवधि में करीब 49.60 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए। त्रिवेदी ने कहा कि विश्व बैंक के आंकड़ों ने विपक्ष की मॉक संसद पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने राहुल गांधी के भारतीय अर्थव्यवस्था को मृत बताने वाले पुराने बयान पर भी पलटवार किया। त्रिवेदी ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि विपक्ष का विवेक और तार्किक सोच खत्म हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस देश के हितों के खिलाफ सोचते हैं। भाजपा नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा और एनडीए सरकार गरीबी खत्म करने और लोगों का जीवन स्तर सुधारने के लिए काम कर रही है। भाजपा ने अपने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान को भी इसी दिशा में जागरूकता की पहल बताया।