पीलीभीत-सितारगंज हाईवे: 27 गांवों की 72 हेक्टेयर जमीन होगी अधिगृहीत, मुआवजे के लिए अभिलेखों का सत्यापन शुरू
Pilibhit News: सितारगंज के लिए मंजूर फोरलेन हाईवे की जद में अमरिया तहसील क्षेत्र के गांवों के किसानों की जमीन आ रही है। हाईवे निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण के बाद सत्यापन कर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
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पीलीभीत-सितारगंज नेशनल हाईवे के दूसरे चरण के निर्माण में अमरिया तहसील क्षेत्र के 27 गांवों की 72 हेक्टेयर जमीन ली जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से मुआवजा के लिए दस्तावेजों का सत्यापन कराया जा रहा है। सिटी मजिस्ट्रेट ने शनिवार को अपने कार्यालय में भूमि स्वामियों को बुलाकर जमीन का सत्यापन किया और अभिलेखों को चेक किया।
सदर तहसील के गांवों से होकर सितारगंज के लिए मंजूर फोरलेन हाईवे की जद में अमरिया तहसील क्षेत्र के गांवों के किसानों की जमीन भी आ रही है। जमीन अधिग्रहण के बाद सत्यापन कर मुआवजा दिया जाएगा। मंडलायुक्त की ओर से मिले निर्देशों पर दूसरे चरण के निर्माण के लिए तहसील क्षेत्र के 27 गावों के किसानों की जमीन से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन शुरू किया गया है।
सिटी मजिस्ट्रेट ने मुआवजा के लिए आए जमीन से संबंधित प्रपत्रों का सत्यापन शुरू किया है। उन्होंने कार्यालय में बुलाकर सभी से जमीन से संबंधित जानकारी ली। सत्यापन पूरा होने पर जमीन के सर्किल रेट से अधिकतम चार गुना के हिसाब से उनको मुआवजा देने की बात कही जा रही है।
इन गांवों की ली जाएगी जमीन
फोरलेन हाईवे के निर्माण में जिन गांवों की जमीन आ रही है, उसमें गांव बढेपुरा, हुसैन नगर, मुडलियागौसू, धुधरी, कल्याणपुर चक्रतीर्थ, बल्लिया, दबका, सरदार नगर, बिलहरा माफी, भौनी, कैंचूटांडा, माधोपुर, मुडलिया इलाही बख्स, लाहोरगंज, भौना, भैसहा, अमरिया, हेतमडांडी, कुकरीखेड़ा, विलाई पसियापुर, उगनपुर, हंड, देवीपुरा, बारात भोज शामिल हैं। इन गांवों की 72.2407 हेक्टेयर जमीन अधिगृहीत की जाएगी।
सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार सिंह ने बताया कि मुआवजा को लेकर जमीन से संबंधित कागजों का भू स्वामी को बुलाकर सत्यापन करवाया जा रहा है। इसके बाद उनको तय मुआवजा दिया जाएगा।