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पीलीभीत: भाजपा सांसद वरुण गांधी ने अपनी ही सरकार पर उठाया सवाल, कहा- देश बिक रहा, इसे बर्बाद होते नहीं देख सकते

Wed, 05 Jan 2022 08:01 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, पीलीभीत
अमर उजाला ब्यूरो, पीलीभीत Published by: अनुराग सक्सेना Updated Wed, 05 Jan 2022 08:01 PM IST
सार

भाजपा सांसद ने कहा कि आम इंसान के लिए रोजगार बंद हो जाएंगे। क्या बड़े उद्योगपति रोजगार देने आएंगे। नौजवान को क्या उममीद बचेगी। छोटी मोटी नौकरी मिल जाए बस। किसान की बात करें तो पांच साल में गन्ने का रेट नहीं बढ़ा।

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Pilibhit: MP Varun Gandhi raised the question and said the country is being sold, we cannot see it being ruined
पीलीभीत में वरुण गांधी - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

जिले के दो दिवसीय दौरे पर आए सांसद वरुण गांधी एक बार फिर अपनी सरकार के खिलाफ बेहद मुखर नजर आए। बोले, देश बिक रहा है, निजीकरण के नाम पर देश के संसाधनों को बेचा जा रहा है। पूर्वजों ने कुर्बानियां देकर देश को आजाद कराया और उसे बर्बाद किया जा रहा है। हम इसे बर्बाद होते नहीं देख सकते। महंगाई आसमान छू रही है और देश का युवा बेरोजगार हो रहा है।

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सांसद वरुण गांधी का बुधवार को खमरिया पुल पर कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। बाद में अमरिया ब्लॉक के ग्राम भगा मोहम्मदगंज, उगनपुर, भिखारीपुर, बहादुरगंज, धनकुना, चहलोरा, मझोला, हरदासपुर, कटैया बिरहनी, फरीदपुर गुरद्वारा, भूड़ा कैमोर, देवरनिया, जिठनिया, भगौतीपुर, हैदराबाद आदि डेढ़ दर्जन ग्रामों का भ्रमण किया। इसी दौरान जनता को संबोधित किया।

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उन्होंने अपनी ही सरकार के खिलाफ तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि अगर एयरपोर्ट, रेल, सेल, बीएसएनएल सब बिक जाएगा तो आम इंसान के बच्चों को सरकारी नौकरी कौन देगा। लाखों नौकरियां पूंजीपतियों के हाथों में चली जाएंगी। वो (पूंजीपति) लोगों को नौकरी से हटाएंगे। जो इंसान 40 या 50 साल में नौकरी से हटा दिया जाएगा फिर वो कहां जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि आम इंसान के लिए रोजगार बंद हो जाएंगे। क्या बड़े उद्योगपति रोजगार देने आएंगे। नौजवान को क्या उममीद बचेगी। छोटी मोटी नौकरी मिल जाए बस। किसान की बात करें तो पांच साल में गन्ने का रेट नहीं बढ़ा। उन्होंने कहा कि मैंने हल्ला काटा तब बढ़ा। धान का सरकारी रेट सिर्फ कागजों पर मिला। हकीकत में 1000-1200 रुपये क्विंटल में ही धान बिका। उन्होंने कहा कि मैंने धान मंडी में विरोध किया तब कुछ सुनवाई हुई।

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