पीलीभीत में बाढ़ का अलर्ट: शारदा नदी में छोड़ा गया दो लाख क्यूसेक पानी, तटवर्ती इलाकों में मंडराया खतरा
पीलीभीत जिले में बारिश के बीच बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। शारदा नदी में दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसको देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी किया है। डीएम ने मंगलवार को नदी किनारे के इलाकों का जायजा लिया और अफसरों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।
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पीलीभीत जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच शारदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। परिगांव के पास शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। बनबसा बैराज से नदी में दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। नदी किनारे बसे इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने मंगलवार को नदी किनारे के इलाकों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से नदी के जलस्तर और बैराज से आने वाले पानी की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही निचले इलाकों में रहने वाले लोगों पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से नदी किनारे के गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों को नदी के आसपास न जाने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
पूरनपुर के नदी किनारे इलाकों में बाढ़ का अलर्ट
पूरनपुर तहसील क्षेत्र में बारिश के बीच शारदा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। बनबसा बैराज से करीब दो लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना के बाद पूरनपुर तहसील के नदी तटीय और निचले इलाकों में बाढ़ एवं जलभराव का खतरा मंडराने लगा है। स्थिति को देखते हुए तहसील प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए ग्रामीणों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
प्रशासन ने लोगों को शारदा नदी और अन्य नदियों-नालों के किनारे नहीं जाने की हिदायत दी है। तेज बहाव वाले पानी में प्रवेश करने और जलभराव वाले रास्तों को पार करने से भी बचने को कहा गया है। बच्चों को नदी, नाले और पानी से भरे स्थानों से दूर रखने की विशेष अपील की गई है।
नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को प्रशासन के निर्देश मिलते ही सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर चले जाने को कहा गया है। पशुओं, खासकर गौवंश को भी सुरक्षित स्थान पर रखने की अपील की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पानी का बहाव बढ़ने की स्थिति में लापरवाही भारी पड़ सकती है।
बिजली के तारों से रहें दूर, अफवाहों पर न दें ध्यान
जलभराव के दौरान विद्युत पोल, ट्रांसफार्मर और टूटे तारों से दूर रहने की चेतावनी दी गई है। पानी भरे स्थानों पर बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल नहीं करने को कहा गया है। आवश्यकता पड़ने पर घर छोड़ते समय जरूरी दस्तावेज, मोबाइल फोन, दवाइयां, पेयजल और खाद्य सामग्री साथ रखने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा है। जनहानि, पशुहानि, मकान, फसल या अन्य संपत्ति को नुकसान होने पर तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई है। तहसील प्रशासन ने कहा है कि शारदा नदी की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।