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पीलीभीत-मैलानी रुट पर ब्रॉडगेज का काम शुरू होने की उम्मीद बढ़ी
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पीलीभीत। पीलीभीत-मैलानी रूट पर डेढ़ साल से ठप ब्रॉडगेज का काम जल्द शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। माला जंगल में आठ किमी क्षेत्र में पड़ने के वाले हिस्से में निर्माण को लेकर अब रेलवे अफसरों की वन विभाग से एनओसी पर सहमति बन गई है। वन विभाग से रेलवे को एनओसी देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके बाद एक या दो महीने में ब्रॉडगेज कार्य शुरू हो सकता है।
ऐशबाग-पीलीभीत रुट पर तीन चरणों में आमान परिवर्तन का कार्य होना है। इसमें पहले और दूसरे चरण का काम (यानी ऐशबाग से मैलानी तक का) पूरा हो चुका है। तीसरे चरण में पीलीभीत और मैलानी के बीच ब्रॉडगेज का काम अभी बाकी है। इस हिस्से में मीटरगेज की ट्रेनों का संचालन 30 मई 2018 को बंद कर दिया गया था। इसके बाद 68 किमी लंबे इस रेल मार्ग पर ब्रॉडगेज का काम शुरू किया था। मैलानी से शाहगढ़ रेलवे स्टेशन के बीच लगभग 85 फीसदी कार्य पूरा हो चुका हैं, मगर शाहगढ़ से पीलीभीत के बीच टाइगर रिजर्व की जमीन पड़ने से यह काम ठप हो गया क्योंकि टाइगर रिजर्व ने रेलवे को एनओसी नहीं दी। डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी ब्रॉडगेज कार्य ठप चल रहा है।
आठ किलोमीटर का एरिया है टाइगर रिजर्व का
शाहगढ़ और पीलीभीत के बीच आठ किलोमीटर क्षेत्र में टाइगर रिजर्व का जंगल पड़ता है। वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन ने टाइगर रिजर्व से एनओसी के लिए आवेदन किया था। डेढ़ साल बीतने के बाद भी रेल प्रशासन को टाइगर रिजर्व की ओर से एनओसी नहीं मिली। चूंकि एनओसी राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) को देनी है। इसमें अंडरपास बनाने को लेकर रेलवे और टाइगर रिजर्व अधिकारियों में मतभेद हैं। सूत्रों के अनुसार टाइगर रिजर्व चाहता है कि इसमें पांच अंडरपास बनें, लेकिन रेलवे तीन अंडर पास बनाने पर ही सहमत है। इसलिए टाइगर रिजर्व के आठ किमी क्षेत्र में रेल पटरी बिछाने और अंडरपास निर्माण के लिए एनओसी दिए जाने को लेकर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्रधिकरण (एनटीसीए) के डीआईजी निशांत वर्मा ने 11 जुलाई को माला रेंज में पहुंचकर अंडरपास निर्माण वाले स्थानों की गहनता से जांच की थी। डीआईजी ने भी वन्यजीवों की सुरक्षा को देखते हुए अंडरपास को जरूरी बताया था। एनटीसीए डीआईजी के दौरे के बाद पता चला है कि दोनों में एनओसी पर सहमति बन गई है। रेलवे को जल्द ही राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की एनओसी मिल सकेगी। रेल अफसरों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि टाइगर रिजर्व और एनटीसीए से एनओसी का रास्ता साफ हो गया है। एनओसी मिलते ही शाहगढ़-पीलीभीत के बीच रुके पड़े ब्राडगेज कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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पीलीभीत-मैलानी रूट पर एनटीसीए से एनओसी जल्द मिलने की संभावना है। एनटीसीए से एनओसी मिलते ही ब्रॉडगेज का काम शुरू करा दिया जाएगा। इसमें अब बहुत ज्यादा समय नहीं लगेगा। - राजेंद्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर मंडल
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ऐशबाग-पीलीभीत रुट पर तीन चरणों में आमान परिवर्तन का कार्य होना है। इसमें पहले और दूसरे चरण का काम (यानी ऐशबाग से मैलानी तक का) पूरा हो चुका है। तीसरे चरण में पीलीभीत और मैलानी के बीच ब्रॉडगेज का काम अभी बाकी है। इस हिस्से में मीटरगेज की ट्रेनों का संचालन 30 मई 2018 को बंद कर दिया गया था। इसके बाद 68 किमी लंबे इस रेल मार्ग पर ब्रॉडगेज का काम शुरू किया था। मैलानी से शाहगढ़ रेलवे स्टेशन के बीच लगभग 85 फीसदी कार्य पूरा हो चुका हैं, मगर शाहगढ़ से पीलीभीत के बीच टाइगर रिजर्व की जमीन पड़ने से यह काम ठप हो गया क्योंकि टाइगर रिजर्व ने रेलवे को एनओसी नहीं दी। डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी ब्रॉडगेज कार्य ठप चल रहा है।
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आठ किलोमीटर का एरिया है टाइगर रिजर्व का
शाहगढ़ और पीलीभीत के बीच आठ किलोमीटर क्षेत्र में टाइगर रिजर्व का जंगल पड़ता है। वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन ने टाइगर रिजर्व से एनओसी के लिए आवेदन किया था। डेढ़ साल बीतने के बाद भी रेल प्रशासन को टाइगर रिजर्व की ओर से एनओसी नहीं मिली। चूंकि एनओसी राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) को देनी है। इसमें अंडरपास बनाने को लेकर रेलवे और टाइगर रिजर्व अधिकारियों में मतभेद हैं। सूत्रों के अनुसार टाइगर रिजर्व चाहता है कि इसमें पांच अंडरपास बनें, लेकिन रेलवे तीन अंडर पास बनाने पर ही सहमत है। इसलिए टाइगर रिजर्व के आठ किमी क्षेत्र में रेल पटरी बिछाने और अंडरपास निर्माण के लिए एनओसी दिए जाने को लेकर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्रधिकरण (एनटीसीए) के डीआईजी निशांत वर्मा ने 11 जुलाई को माला रेंज में पहुंचकर अंडरपास निर्माण वाले स्थानों की गहनता से जांच की थी। डीआईजी ने भी वन्यजीवों की सुरक्षा को देखते हुए अंडरपास को जरूरी बताया था। एनटीसीए डीआईजी के दौरे के बाद पता चला है कि दोनों में एनओसी पर सहमति बन गई है। रेलवे को जल्द ही राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की एनओसी मिल सकेगी। रेल अफसरों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि टाइगर रिजर्व और एनटीसीए से एनओसी का रास्ता साफ हो गया है। एनओसी मिलते ही शाहगढ़-पीलीभीत के बीच रुके पड़े ब्राडगेज कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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पीलीभीत-मैलानी रूट पर एनटीसीए से एनओसी जल्द मिलने की संभावना है। एनटीसीए से एनओसी मिलते ही ब्रॉडगेज का काम शुरू करा दिया जाएगा। इसमें अब बहुत ज्यादा समय नहीं लगेगा। - राजेंद्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर मंडल