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Pilibhit News: तापमान बढ़ने से कीटनाशक नहीं कर रहे काम, किसान परेशान
Sun, 23 Jul 2023 11:33 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sun, 23 Jul 2023 11:33 PM IST
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खेत में कीटनाशक स्प्रे करता किसान ।
पूरनपुर। बारिश न होने से किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। धान की फसल की सिंचाई के लिए महंगा डीजल फूंकना पड़ रहा है। तापमान बढ़ने से सूंड़ी का प्रकोप भी बढ़ गया है। किसानों के सामने मुसीबत यह है कि कीटनाशक का स्प्रे करने के बाद भी सूंड़ी नहीं मर रही है।
दिल्ली सहित कई प्रदेशों में भारी बारिश के चलते बाढ़ आ गई है, लेकिन अब भी कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां बरसात कम हुई है। पूरनपुर क्षेत्र में भी बरसात नाममात्र की हुई है। ऐसे में किसानों के सामने कई मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। धान की फसल में अन्य फसलों के अलावा अधिक नमी चाहिए होती है। रोपाई के साथ ही धान की फसल में पानी का दोहन शुरू हो जाता है।
बरसात न होने से किसान ट्यूबवेल के सहारे धान की फसल की सिंचाई कर रहे हैं जिसमें उनको महंगा डीजल खरीदना पड़ रहा है । इसके अलावा किसानों के सामने बरसात न होने से फसल को कीट और सुंड़ी से बचाने की भी विकट समस्या खड़ी हो गई है। कड़ी धूप और गर्म हवाओं के चलने से तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है।
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ऐसे में कीटनाशक दवाएं असर नहीं कर पा रही है। कई किसानों ने तना छेदक सुंड़ी के लिए कई बार दवाओं का छिडक़ाव किया लेकिन सुंड़ी नहीं मरी। लगातार सुंड़ी धान की फसल को चट कर रही हैं जिसको लेकर किसान परेशान हैं। वर्तमान में पीलीभीत में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस है। इसके चलते दवाएं काम नहीं कर रही हैं। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक शैलेंद्र सिंह ढाका ने बताया कि अधिक तापमान होने पर कीट और सूंड़ी की सक्रियता बढ़ जाती है। दवा उन पर असर नहीं कर पाती है। धान की फसल के लिए अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए।
धान की फसल में दो बार कीटनाशक का छिडक़ाव कर चुका हूं, लेकिन सूंड़ी नहीं मर रही है। बारिश न होने से सिंचाई करते और कीट होने से कीटनाशक का छिड़काव करके परेशान हो गया हूं। - सर्वेश कुमार
चार बीघा धान के खेत में दो बार कीटनाशक दवा की स्प्रे कर चुका हूं। तने में लगी सूंड़ी इसके बाद भी नहीं मर रही है। कीटनाशक पर पैसा बर्बाद हो रहा हैै। - बाबूराम, किसान
किसान धान की फसल में पत्ती लपेट के लिए फ्लूबेनडियामाइड 100 ग्राम प्रति एकड़ और तना छेदक के लिए क्लोरएंटरानीलीप्रोल 60 एमएल प्रति एकड़ का छिड़काव करें। इससे दोनों प्रकार की सूंंड़ी की रोकथाम हो सकेगी। - डॉ. एसएस ढाका, कृषि वैज्ञानिक
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दिल्ली सहित कई प्रदेशों में भारी बारिश के चलते बाढ़ आ गई है, लेकिन अब भी कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां बरसात कम हुई है। पूरनपुर क्षेत्र में भी बरसात नाममात्र की हुई है। ऐसे में किसानों के सामने कई मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। धान की फसल में अन्य फसलों के अलावा अधिक नमी चाहिए होती है। रोपाई के साथ ही धान की फसल में पानी का दोहन शुरू हो जाता है।
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बरसात न होने से किसान ट्यूबवेल के सहारे धान की फसल की सिंचाई कर रहे हैं जिसमें उनको महंगा डीजल खरीदना पड़ रहा है । इसके अलावा किसानों के सामने बरसात न होने से फसल को कीट और सुंड़ी से बचाने की भी विकट समस्या खड़ी हो गई है। कड़ी धूप और गर्म हवाओं के चलने से तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है।
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ऐसे में कीटनाशक दवाएं असर नहीं कर पा रही है। कई किसानों ने तना छेदक सुंड़ी के लिए कई बार दवाओं का छिडक़ाव किया लेकिन सुंड़ी नहीं मरी। लगातार सुंड़ी धान की फसल को चट कर रही हैं जिसको लेकर किसान परेशान हैं। वर्तमान में पीलीभीत में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस है। इसके चलते दवाएं काम नहीं कर रही हैं। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक शैलेंद्र सिंह ढाका ने बताया कि अधिक तापमान होने पर कीट और सूंड़ी की सक्रियता बढ़ जाती है। दवा उन पर असर नहीं कर पाती है। धान की फसल के लिए अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए।
धान की फसल में दो बार कीटनाशक का छिडक़ाव कर चुका हूं, लेकिन सूंड़ी नहीं मर रही है। बारिश न होने से सिंचाई करते और कीट होने से कीटनाशक का छिड़काव करके परेशान हो गया हूं। - सर्वेश कुमार
चार बीघा धान के खेत में दो बार कीटनाशक दवा की स्प्रे कर चुका हूं। तने में लगी सूंड़ी इसके बाद भी नहीं मर रही है। कीटनाशक पर पैसा बर्बाद हो रहा हैै। - बाबूराम, किसान
किसान धान की फसल में पत्ती लपेट के लिए फ्लूबेनडियामाइड 100 ग्राम प्रति एकड़ और तना छेदक के लिए क्लोरएंटरानीलीप्रोल 60 एमएल प्रति एकड़ का छिड़काव करें। इससे दोनों प्रकार की सूंंड़ी की रोकथाम हो सकेगी। - डॉ. एसएस ढाका, कृषि वैज्ञानिक

खेत में कीटनाशक स्प्रे करता किसान ।

खेत में कीटनाशक स्प्रे करता किसान ।