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Pilibhit News: मझोला क्षेत्र में घूम रही बाघिन को पकड़ने के लिए मांगी अनुमति
Wed, 02 Jul 2025 12:18 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Wed, 02 Jul 2025 12:18 AM IST
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पीलीभीत। उत्तराखंड से सटे मझोला क्षेत्र में कई दिनों से घूम रही बाघिन को पकड़ने के लिए सामाजिक वानिकी के अफसरों ने पत्राचार किए हैं। बाघिन की लगातार आबादी की ओर रुख करने की बात सामने आने पर उसे पकड़ने के लिए अनुमति मांगी गई है। अफसरों कहना है कि अनुमति मिलने के बाद जरूरी प्रयास शुरू किए जाएंगे।
मझोला क्षेत्र में करीब आठ दिन पूर्व से बाघिन की सक्रियता बनी हुई है। पांच किलोमीटर दायरे में बाघिन आबादी क्षेत्र से सटे इलाके में चहलकदमी कर ग्रामीणों के लिए दहशत का पर्याय बनी हुई है। बाघिन ने एक छुट्टा पशु को मारने के साथ सोमवार को एक अन्य गाय को घायल भी कर दिया था। इसके अलावा बाघिन ने बाइक सवार पर छलांग भी लगाई थी। बाघिन की बढ़ती सक्रियता के बाद सामाजिक वानिकी प्रभाग के अफसर गंभीर हुए हैं। डीएफओ भरत कुमार डीके के अनुसार बाघिन की नियमित रूप से निगरानी के लिए क्षेत्रीय टीम को निर्देश दिए गए हैं। टीम निगरानी में जुटी भी हैं, लेकिन बाघिन के लगातार आबादी क्षेत्र की ओर रुख करने की बात सामने आने पर उसको पकड़ने के लिए अनुमति मांगी गई है। इसके लिए शासन स्तर पर पत्राचार किए गए हैं। अनुमति मिलने के बाद जरूरी प्रयास शुरू किए जाएंगे।
इधर, बाघिन की क्षेत्र में मौजूदगी बनी है। करीब पांच गांवों के लोग खेतों की ओर जाने से कतरा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हर समय हमले का खतरा बना हुआ है। विभाग भी खतरे को देखते हुए जरूरी जानकारी देकर ग्रामीणों को जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है।
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मझोला क्षेत्र में करीब आठ दिन पूर्व से बाघिन की सक्रियता बनी हुई है। पांच किलोमीटर दायरे में बाघिन आबादी क्षेत्र से सटे इलाके में चहलकदमी कर ग्रामीणों के लिए दहशत का पर्याय बनी हुई है। बाघिन ने एक छुट्टा पशु को मारने के साथ सोमवार को एक अन्य गाय को घायल भी कर दिया था। इसके अलावा बाघिन ने बाइक सवार पर छलांग भी लगाई थी। बाघिन की बढ़ती सक्रियता के बाद सामाजिक वानिकी प्रभाग के अफसर गंभीर हुए हैं। डीएफओ भरत कुमार डीके के अनुसार बाघिन की नियमित रूप से निगरानी के लिए क्षेत्रीय टीम को निर्देश दिए गए हैं। टीम निगरानी में जुटी भी हैं, लेकिन बाघिन के लगातार आबादी क्षेत्र की ओर रुख करने की बात सामने आने पर उसको पकड़ने के लिए अनुमति मांगी गई है। इसके लिए शासन स्तर पर पत्राचार किए गए हैं। अनुमति मिलने के बाद जरूरी प्रयास शुरू किए जाएंगे।
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इधर, बाघिन की क्षेत्र में मौजूदगी बनी है। करीब पांच गांवों के लोग खेतों की ओर जाने से कतरा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हर समय हमले का खतरा बना हुआ है। विभाग भी खतरे को देखते हुए जरूरी जानकारी देकर ग्रामीणों को जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है।
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