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वैक्सीन की पहली डोज लगवाने आए , मायूस होकर लौटना पड़ा
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जिला अस्पताल में बुजुर्ग महिला के वैक्सीन लगाती स्वास्थकर्मी। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। तीस साल के अंकुर सीएमओ कार्यालय में चल रहे टीकाकरण बूथ पर कोरोना वैक्सीन की पहली पहली डोज लगवाने आए। बारह बजे तक खड़े रहे, वैक्सीन लगाने के लिए कोई कर्मी नहीं आया तो मायूस लौटकर जाने लगे। पूछने पर बताया कि दो दिन से लगातार आ रहे हैं। अब कल फिर आएंगे। पास में ही खड़े पचास साल के मोहम्मद नबी बनाने लगे कि दूसरी डोज लगवाने आए हैं। यहां तो बूथ ही बंद है। अब हड़ताल के बाद ही आएंगे। कमोबेश शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक यही तस्वीर देखने को मिली।
स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मचारी तीन दिसंबर से बेमियादी हड़ताल पर हैं। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के बाद लोगों में खौफ पनप रहा है। ऐसे में वैक्सीन का कार्य ठप होना काफी महंगा साबित हो सकता है। जिला अस्पताल के बूथ पर पांच कर्मी वैक्सीनेशन का कार्य देखते हैं जबकि शनिवार को यहां एक आंगनबाड़ी और एक नर्स ड्यूटी पर थी। बाहर विंडो पर भीड़ लगी थी। उनका कहना था स्टाफ कम होने से कार्य प्रभावित हो रहा है। यहां वैक्सीन लगवाने आई सुमन कहती हैं कि लंबी लाइन लगी है। घर का सारा काम छोड़कर आई हैं। ऐसे तो पूरा दिन लग जाएगा। शनिवार को पूरे जिले में चालीस फीसदी वैक्सीनेशन का कार्य प्रभावित हुआ।
कोरोना के खौफ के बीच पहली डोज लेने वालों की संख्या बढ़ी
ओमिक्रॉन वैरिएंट से लोगों में खौफ पनप रहा है। जिन लोगों ने पहली डोज अब तक नहीं ली अब वह भी वैक्सीन लगवाने आ रहे हैं। जिला अस्पताल के बूथ पर तैनात आंगनबाड़ी कार्यकत्री कल्पना शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को 237 लोगों ने पहली डोज लगवाई जबकि दूसरी डोज लगवाने वालों का आंकड़ा 232 है। शनिवार को भी सुबह से साठ लोगों ने पहली डोज लगवाई। इसी बूथ पर तैनात स्टाफ नर्स ऊषा देवी ने बताया कि बूथ पर पांच लोगों की टीम तैनात थी लेकिन दो दिन से दो स्टाफ ही वैक्सीन लगा रहा है। दिक्कत तो आ रही है लेकिन जैसे-तैसे काम किया जा रहा है।
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मांगों को लेकर दूसरे दिन भी हड़ताल पर डटे रहे संविदा कर्मी
सीएमओ कार्यालय के बाहर संविदा कर्मी दूसरे दिन हड़ताल पर डटे रहे। उनका कहना है कि मांगे पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
बरखेड़ा के कई गांवों में टीकाकरण ठप
हड़ताल के चलते बरखेड़ा क्षेत्र के कई गांवों में टीकाकरण कार्य ठप रहा। आसपास के लोग घंटों खड़े रहे लेकिन बूथ पर कर्मी न होने के कारण उनको मायूस लौटना पड़ा। बरखेड़ा सीएचसी के प्रभारी डॉ. एसके सिंह ने बताया कि संविदा कर्मियों के चलते विकास क्षेत्र के गांव गाजीपुर कुंडा,ज्योरहकल्यानपुर, वढैरा, सुहास, मधवापुर, परेवाअनूप, मधुपुरी, सिंधौराबिंदुआ में टीकारण नहीं हो सका। गांव ज्योरहकल्यानपुर में दो दिन से टीकाकरण ठप है। ग्रामीणों का कहना है एएनएम गांव में प्राथमिक विद्यालय में स्थित आंगनबाड़ी सेंटर पर आती हैं उसके बाद गांव की आशा गांव वालों को सूचना देती हैं तभी लोग टीकाकरण कराने आते हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मचारी तीन दिसंबर से बेमियादी हड़ताल पर हैं। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के बाद लोगों में खौफ पनप रहा है। ऐसे में वैक्सीन का कार्य ठप होना काफी महंगा साबित हो सकता है। जिला अस्पताल के बूथ पर पांच कर्मी वैक्सीनेशन का कार्य देखते हैं जबकि शनिवार को यहां एक आंगनबाड़ी और एक नर्स ड्यूटी पर थी। बाहर विंडो पर भीड़ लगी थी। उनका कहना था स्टाफ कम होने से कार्य प्रभावित हो रहा है। यहां वैक्सीन लगवाने आई सुमन कहती हैं कि लंबी लाइन लगी है। घर का सारा काम छोड़कर आई हैं। ऐसे तो पूरा दिन लग जाएगा। शनिवार को पूरे जिले में चालीस फीसदी वैक्सीनेशन का कार्य प्रभावित हुआ।
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कोरोना के खौफ के बीच पहली डोज लेने वालों की संख्या बढ़ी
ओमिक्रॉन वैरिएंट से लोगों में खौफ पनप रहा है। जिन लोगों ने पहली डोज अब तक नहीं ली अब वह भी वैक्सीन लगवाने आ रहे हैं। जिला अस्पताल के बूथ पर तैनात आंगनबाड़ी कार्यकत्री कल्पना शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को 237 लोगों ने पहली डोज लगवाई जबकि दूसरी डोज लगवाने वालों का आंकड़ा 232 है। शनिवार को भी सुबह से साठ लोगों ने पहली डोज लगवाई। इसी बूथ पर तैनात स्टाफ नर्स ऊषा देवी ने बताया कि बूथ पर पांच लोगों की टीम तैनात थी लेकिन दो दिन से दो स्टाफ ही वैक्सीन लगा रहा है। दिक्कत तो आ रही है लेकिन जैसे-तैसे काम किया जा रहा है।
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मांगों को लेकर दूसरे दिन भी हड़ताल पर डटे रहे संविदा कर्मी
सीएमओ कार्यालय के बाहर संविदा कर्मी दूसरे दिन हड़ताल पर डटे रहे। उनका कहना है कि मांगे पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
बरखेड़ा के कई गांवों में टीकाकरण ठप
हड़ताल के चलते बरखेड़ा क्षेत्र के कई गांवों में टीकाकरण कार्य ठप रहा। आसपास के लोग घंटों खड़े रहे लेकिन बूथ पर कर्मी न होने के कारण उनको मायूस लौटना पड़ा। बरखेड़ा सीएचसी के प्रभारी डॉ. एसके सिंह ने बताया कि संविदा कर्मियों के चलते विकास क्षेत्र के गांव गाजीपुर कुंडा,ज्योरहकल्यानपुर, वढैरा, सुहास, मधवापुर, परेवाअनूप, मधुपुरी, सिंधौराबिंदुआ में टीकारण नहीं हो सका। गांव ज्योरहकल्यानपुर में दो दिन से टीकाकरण ठप है। ग्रामीणों का कहना है एएनएम गांव में प्राथमिक विद्यालय में स्थित आंगनबाड़ी सेंटर पर आती हैं उसके बाद गांव की आशा गांव वालों को सूचना देती हैं तभी लोग टीकाकरण कराने आते हैं।