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Lakhimpur Kheri News: कुंभकरण और मेघनाथ वध देखने उमड़े लोग

Tue, 24 Oct 2023 11:24 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 24 Oct 2023 11:24 PM IST
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People gathered to watch Kumbhkaran and Meghnath slaughter
पलिया की रामलीला में सीता खोज के दौरान का मंचन करते कलाकार।
लखीमपुर खीरी। 15 अक्तूबर से शुरू हुए रामलीला कार्यक्रम में कंभकरण वध के अलावा कई लीलाओं का मंचन हुआ। वहीं देर शाम मेला मैदान में रावण पुतला दहन का कार्यक्रम हुआ। रावण दहन देखने के लिए शहर सहित आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग मैदान में पहुंचे। भीड़ को संभालने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। रावण दहन होते ही मेला मैदान में जय श्रीराम के जयकारे लगने लगे।
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रामलीला कार्यक्रम मंगलवार को हुए रावण दहन के बाद अब समापन की ओर है। मंगलवार को मेला मैदान में कुंभकरण-मेघनाथ वध की लीलाओं का मंचन हुआ। ट्रस्ट के सरवराकार विपुल सेठ ने बताया कि बालि वध के बाद हनुमान जी माता सीता के लंका में होने की जानकारी प्रभु श्रीराम को देते हैं। इसके बाद श्रीराम अपने सैनिकों के साथ लंका पर चढ़ाई करते हैं।
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उधर, भगवान श्रीराम अपनी वानर सेना के साथ सागर में सेतु की मदद से लंका में प्रवेश करते हैं। लंका में श्रीराम के आने की सूचना मिलने के बाद रावण अपने भाई मेघनाथ को युद्ध के लिए भेजता है, जहां पर मेघनाथ मारा जाता है। इसके बाद कुंभकरण युद्ध में उतारा जाता है, जहां पर भगवान श्रीराम उसका भी वध करते हैं। दोनों भाइयों की मौत होने के बाद रावण खुद युद्ध करने के लिए पहुंचता है, जहां पर श्रीराम के बाणों के प्रहार से रावण भी मार गिराया जाता है। यह लीला देखकर मौजूद दर्शक जय श्रीराम के उद्घोष लगाने लगे इससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
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हे खग, हे मृग, हे मधुकर श्रेनी, तुम देखी सीता मृग नयनी



मोहम्मदी। मंगलवार को रामलीला कार्यक्रम में सीताहरण की लीला का मंचन हुआ। मारीच स्वर्ण मृग बनकर पंचवटी में आता है। सीताजी श्रीराम से उसकी मृगछाला लाने के लिए कहती हैं। उनके जाने के कुछ देर बाद ही एक पुकार सुनकर माता सीता अपने देवर लक्ष्मण को उनकी रक्षा के लिए भेज देती हैं। इसी बीच साधु का वेश धरकर रावण माता सीता का हरण कर ले जाता है। उधर, राम-लक्ष्मण पंचकुटी लौटते हैं तो सीताजी वहां नहीं मिलतीं। राम-लक्ष्मण उनको वन में तलाश करते हैं। हे खग, हे मृग, हे मधुकर श्रेनी, तुम देखी सीता मृग नयनी। संवाद

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अस कहि चला बिभीषनु जबहीं, आयू हीन भए सब तबहीं.....



गोला गोकर्णनाथ। श्रीरामलीला महोत्सव में वृंदावन के कलाकारों ने विभीषण के शरणागत और सेतुबंध रामेश्वरम का भावपूर्ण मंचन किया। कलाकारों ने मंचन में दिखाया कि रावण को जब विभीषण ने समझाया तो उसने विभीषण को लात मारकर लंका से निकाल दिया। राम दल में पहुंचकर शरणागत विभीषण का भगवान श्रीराम ने समुद्र के जल से राज्याभिषेक कर लंकेश कहकर संबोधित किया। इसके बाद भगवान शिव का पूजन कर नल, नील और जामवंत की मदद से समुद्र पर सेतु बनाया। इस मौके पर रामलीला कमेटी अध्यक्ष धर्मेंद्र गिरि मोंटी, जनार्दन गिरि, अरविंद गुप्ता राम जी, सुरेश ठाकुर, खुशाल सिंह, रामस्वरूप यादव, हंसराम स्वर्णकार आदि मौजूद रहे। संवाद






हनुमान ने राख कर दी रावण की लंका



पलियाकलां। श्रीरामलीला मेला कमेटी की तरफ से श्रीरामलीला दशहरा मेला 2023 में मंगलवार को सुग्रीव मित्रता, बाली वध व सीता की खोज के बाद लंका दहन की गई। मेला मैदान में आयोजित रामलीला में दिखाया गया कि जब हनुमान जी सीता जी की खोज करने के लिए समुद्र लांघकर लंका में पहुंचे तो उन्होंने पंचवटी में सीता जी से मिलकर उन्हें मुद्रिका भेंट की। इसके बाद पेड़ों पर लगे फल माता की आज्ञा लेकर खाए। तब राक्षसों ने उनकी पूंछ में आग लगाई तो उन्होंने पूली लंका जला डाली। संवाद

पलिया की रामलीला में सीता खोज के दौरान का मंचन करते कलाकार।

पलिया की रामलीला में सीता खोज के दौरान का मंचन करते कलाकार।

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