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सेवा का मार्ग अपनाकर प्राप्त की जा सकती है शांति : देवेंद्र मोहन भैया
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बीसलपुर के गांव भीकमपुर में प्रवचन देते देवेंद्र भैया।संवाद
बीसलपुर। गांव भीकमपुर में हो रहे सत्संग में हरदोई के कस्बा संडीला से आए आध्यात्मिक संत देवेंद्र मोहन भैया ने कहा कि सेवा का मार्ग अपनाकर जीवन में शांति और संतोष प्राप्त किया जा सकता है। कहा कि आंतरिक, सामाजिक और वैश्विक शांति के लिए सभी धार्मिक और बाहरी मतभेदों को दूर करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि कृपाल सिंह महाराज सभी धर्मों और पंथों के प्रति समान भाव रखते थे। उन्होंने मानव कल्याण के लिए वसुधैव कुटुंबकम के मंत्र को आधार बनाकर विश्व शांति का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि उनके गुरु स्वामी दिव्यानंद ने परम संत कृपाल सिंह महाराज से दीक्षा ली थी। संत कृपाल सिंह के प्रचलित कथन को याद करते हुए कहा कि परमात्मा को पाना आसान है, इंसान का बनना मुश्किल।
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देवेंद्र मोहन भैया ने बताया कि भारतवर्ष संत महात्माओं की धरती है। प्राचीनकाल से ही गुरु-शिष्य की परंपरा का निर्वहन होता आया है। भारतवर्ष का सत्य सनातन धर्म मानव कल्याण के लिए सारी पृथ्वी को ही अपना परिवार मानता है और मानव सेवा ही प्रभु भक्ति है।
व्यवस्था में गेंदन लाल, मनोज वर्मा, प्रीतम लाल, संजय श्रीवास्तव, रामपाल वर्मा, उदयभान, पुत्तूलाल, महेश कुमार आदि का विशेष सहयोग रहा। संवाद
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उन्होंने कहा कि कृपाल सिंह महाराज सभी धर्मों और पंथों के प्रति समान भाव रखते थे। उन्होंने मानव कल्याण के लिए वसुधैव कुटुंबकम के मंत्र को आधार बनाकर विश्व शांति का संदेश दिया।
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उन्होंने कहा कि उनके गुरु स्वामी दिव्यानंद ने परम संत कृपाल सिंह महाराज से दीक्षा ली थी। संत कृपाल सिंह के प्रचलित कथन को याद करते हुए कहा कि परमात्मा को पाना आसान है, इंसान का बनना मुश्किल।
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देवेंद्र मोहन भैया ने बताया कि भारतवर्ष संत महात्माओं की धरती है। प्राचीनकाल से ही गुरु-शिष्य की परंपरा का निर्वहन होता आया है। भारतवर्ष का सत्य सनातन धर्म मानव कल्याण के लिए सारी पृथ्वी को ही अपना परिवार मानता है और मानव सेवा ही प्रभु भक्ति है।
व्यवस्था में गेंदन लाल, मनोज वर्मा, प्रीतम लाल, संजय श्रीवास्तव, रामपाल वर्मा, उदयभान, पुत्तूलाल, महेश कुमार आदि का विशेष सहयोग रहा। संवाद