{"_id":"5ed7f2948ebc3e90591e578f","slug":"pathology-related-issue-pilibhit-news-bly40802223","type":"story","status":"publish","title_hn":"पैथोलॉजी खुलवाने के विवाद में चिकित्साधिकारी के कमरे में हुई मारपीट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पैथोलॉजी खुलवाने के विवाद में चिकित्साधिकारी के कमरे में हुई मारपीट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूरनपुर। बिना रजिस्ट्रेशन चलने वाली पैथोलॉजी बंद कराने और उसके संचालन को लेकर प्रभारी चिकित्साधिकारी का कुछ लोगों से कमरे के अंदर झगड़ा हो गया। शोर-शराबा मचने पर जब कमरा खुला तो दोनों पक्षों में धक्का मुक्की हुई। पैथोलॉजी खुलवाने आए लोगों पर वरिष्ठ क्षय रोग प्रयोगशाला पर्यवेक्षक ने अभद्रता करने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और धमकाने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी। दूसरे पक्ष ने भी मारपीट और अभद्रता का आरोप लगाया। कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज न कराने को लेकर करीब डेढ़ घंटा तक पंचायत का दौर चला, जिसके बाद तहरीर वापस ले ली गई।
मोहल्ला साहूकारा में पैथोलॉजी बगैर रजिस्ट्रेशन के चलने की शिकायत पर बुधवार को प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सीपी सिंह और वरिष्ठ क्षय रोग प्रयोगशाला पर्यवेक्षक शेर सिंह ने पहुंचकर उसमें ताले डलवा दिए। पंजीयन न होने तक पैथोलॉजी न खोलने की चेतावनी संचालक को दी गई। संचालक अपने परिवार के चार सदस्यों के साथ प्रभारी चिकित्साधिकारी से मिलने सीएचसी पहुंचे। वहां बंद कक्ष में दोनों की बातचीत चल रही थी। तभी कक्ष में शोर-शराबा के साथ चीख पुकार की आवाजें आने लगीं। जब दरवाजा खुला तो दोनों ओर से धक्का-मुक्की चल रही थी। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर अभद्रता और मारपीट करने के आरोप लगाए। नायब तहसीलदार अनुराग सिंह भी पहुंचे। पुलिस पैथालॉजी संचालक सहित तीन को कोतवाली ले आई। वरिष्ठ क्षय रोग प्रयोगशला पर्यवेक्षक शेर सिंह ने दूसरे पक्ष के लोगों पर अभद्रता, सरकारी काम में बाधा डालने और जान से मारने की धमकी देने की तहरीर पुलिस को दी। तहरीर वापस लेने के लिए पैथालॉजी संचालक की ओर से घंटों मान मनोबल चलता रहा। डॉक्टरों ने पैथालॉजी संचालक से समझौता से इनकार कर दिया। कोतवाल ने बताया कि बाद में तहरीर वापस ले ली गई।
बिना पंजीयन पैथोलॉजी बंद करा दी गई थी। चार साथियों के साथ पैथोलॉजी संचालक खुलवाने का दवाब बना रहा था। कक्ष में भीड़ होने पर सामाजिक दूरी का पालन करने को कहा गया। इस पर उसके साथी मारपीट पर उतारू हो गए। - डॉ. सीपी सिंह, प्रभारी चिकित्साधिकारी
विज्ञापन
भतीजे दानवीर को पैथोलॉजी खुलवाई थी। लॉकडाउन में पंजीकरण नहीं करा पाए। पैथोलॉजी में ताले की चाबी लेने के लिए सीएचसी बुलाया गया था। कई पैथोलॉजी संचालक और झोलाछाप डाक्टर ऐसे ही चला रहे हैं। जब यह बात कही तो डॉक्टरों ने स्टाफ को बुला लिया। पुलिस को झूठी तहरीर दी गई है। - गजेंद्र सिंह, आनंदपुर उर्फ भगवंतापुर
विज्ञापन
मोहल्ला साहूकारा में पैथोलॉजी बगैर रजिस्ट्रेशन के चलने की शिकायत पर बुधवार को प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सीपी सिंह और वरिष्ठ क्षय रोग प्रयोगशाला पर्यवेक्षक शेर सिंह ने पहुंचकर उसमें ताले डलवा दिए। पंजीयन न होने तक पैथोलॉजी न खोलने की चेतावनी संचालक को दी गई। संचालक अपने परिवार के चार सदस्यों के साथ प्रभारी चिकित्साधिकारी से मिलने सीएचसी पहुंचे। वहां बंद कक्ष में दोनों की बातचीत चल रही थी। तभी कक्ष में शोर-शराबा के साथ चीख पुकार की आवाजें आने लगीं। जब दरवाजा खुला तो दोनों ओर से धक्का-मुक्की चल रही थी। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर अभद्रता और मारपीट करने के आरोप लगाए। नायब तहसीलदार अनुराग सिंह भी पहुंचे। पुलिस पैथालॉजी संचालक सहित तीन को कोतवाली ले आई। वरिष्ठ क्षय रोग प्रयोगशला पर्यवेक्षक शेर सिंह ने दूसरे पक्ष के लोगों पर अभद्रता, सरकारी काम में बाधा डालने और जान से मारने की धमकी देने की तहरीर पुलिस को दी। तहरीर वापस लेने के लिए पैथालॉजी संचालक की ओर से घंटों मान मनोबल चलता रहा। डॉक्टरों ने पैथालॉजी संचालक से समझौता से इनकार कर दिया। कोतवाल ने बताया कि बाद में तहरीर वापस ले ली गई।
विज्ञापन
बिना पंजीयन पैथोलॉजी बंद करा दी गई थी। चार साथियों के साथ पैथोलॉजी संचालक खुलवाने का दवाब बना रहा था। कक्ष में भीड़ होने पर सामाजिक दूरी का पालन करने को कहा गया। इस पर उसके साथी मारपीट पर उतारू हो गए। - डॉ. सीपी सिंह, प्रभारी चिकित्साधिकारी
विज्ञापन
भतीजे दानवीर को पैथोलॉजी खुलवाई थी। लॉकडाउन में पंजीकरण नहीं करा पाए। पैथोलॉजी में ताले की चाबी लेने के लिए सीएचसी बुलाया गया था। कई पैथोलॉजी संचालक और झोलाछाप डाक्टर ऐसे ही चला रहे हैं। जब यह बात कही तो डॉक्टरों ने स्टाफ को बुला लिया। पुलिस को झूठी तहरीर दी गई है। - गजेंद्र सिंह, आनंदपुर उर्फ भगवंतापुर