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Pilibhit News: सेंटरों पर दिखता नहीं धान, फिर भी खरीद का आंकड़ा 50 फीसदी पार

Sun, 17 Dec 2023 11:22 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 17 Dec 2023 11:22 PM IST
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Paddy is not visible in the centers, yet the purchase figure crosses 50 percent
मंडी समिति ​स्थित धान खरीद केंद्र । फाइल फोटो
पीलीभीत। खेत से लेकर मंडी, आढ़त तक कहीं धान नजर नहीं आ रहा, बावजूद इसके धान खरीद का आंकड़़ा तेजी से बढ़ता जा रहा है। पीलीभीत जिला मंडल के अन्य जनपदों को खरीद में पछाड़कर दूसरे पायदान पर पहुंच गया है। अब तक जिले में तय लक्ष्य की 50 फीसदी से ज्यादा यानी 1.5 लाख मीट्रिक टन खरीद हो चुकी है, वो भी इस भीषण कोहरे में।
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पहली अक्तूबर से शुरू हुई धान खरीद शुरुआती दौर में ही दम तोड़ती दिखाई दे रही थी। कारण था कि बाजार में आते ही धान अच्छे भाव में बिक रहा था। खरीद का खाता खोलने के लिए जब प्रशासन का जोर हुआ तो केंद्रों पर सन्नाटा टूटा। इसके बाद भी 15 नवंबर तक महज छह से सात प्रतिशत की खरीद हो सकी थी, जबकि धान बिक्री का यही उचित समय था। किसान अक्तूबर से ही धान बेचना शुरू करता है। नवंबर तक सारा धान बिक जाता है।
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धान खरीद का लक्ष्य पूरा न होता देख अफसरों ने आंकड़ेबाजी का ऐसा हुनर सीखा कि खरीद का ग्राफ दिनों दिन बढ़ने लगा। दिसंबर की शुरुआत होते ही खरीद का आंकड़ा तीस प्रतिशत के पार हो गया। खेल यहीं नहीं थमा, 15 दिसंबर तक जिले में 1.5 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद दिखाकर अधिकारियों ने खरीद का 50 प्रतिशत लक्ष्य तक पूरा कर डाला। आंकड़े के इस खेल ने मंडल के अन्य जिलों को भी पीछे छोड़ दिया है। मंडल में शाहजहांपुर में अधिक केंद्र होने पर वह खरीद के मामले में पहले स्थान पर बना हुआ है। इसके बाद पीलीभीत दूसरे स्थान पर काबिज है।
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मंडल में खरीद का आंकड़ा
जिला खरीद केंद्र
पीलीभीत 1.51 मीट्रिक टन 161
बदायूं 1.31 मीट्रिक टन 46
शाहजहांपुर 1.89 मीट्रिक टन 220
बरेली .750 मीट्रिक टन 151

पहले नमी कहकर लौटाते थे अब कोहरे में खरीद रहे धान
धान खरीद का हुनर देखकर खाद विपणन विभाग के अधिकारी हैरत में हैं। अक्तूबर-नवंबर में जब किसान धान सूखा लेकर आ रहा था, तब उसे नमी ज्यादा होने की बात कहकर लौटा दिया जा रहा था। अब जब जबरदस्त कोहरा है। मौसम में नमी है। तब तेजी से धान खरीद होना दिखाया जा रहा है। साफ है कि इस बार भी पिछली बार की तरह धान खरीद में जमकर धांधली की जा रही है।


धान खरीद के नाम पर किया जा रहा भ्रष्टाचार : मंजीत सिंह
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह का कहना है कि धान खरीद के नाम पर खुलकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। खेतों में धान की फसल काफी पहले कट गई। किसानों ने गेहूं बो दिया अब उसमें पानी लगाया जा रहा है। ऐसे में केंद्रों पर धान पहुंचने का मतलब ही नहीं। धान खरीद के नाम पर जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है।



नियमानुसार पारदर्शिता बरतते हुए धान की खरीद की जा रही है। हालांकि जिले में अब धान काफी कम रह गया है, लेकिन कुछ केंद्रों पर किसान पहुंच रहे हैं। धान खरीद में जिला दूसरे पायदान पर है। - वीके शुक्ला, डिप्टी आरएमओ
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