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आबादी के पास मिला बाघ का पगचिह्न
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पूरनपुर (पीलीभीत)। जंगल से दूर नगर की सीमा में पहुंचे बाघ की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। रविवार को बाघ की निगरानी में जुटी टीम को नगर की आबादी के समीप स्थित शंकर लाल के घर के बाहर बाघ के पगचिह्न मिले। जिससे खलबली मच गई। इसके बाद विभागीय स्तर से निगरानी बढ़ाने के साथ लोगों को भी सतर्क किया गया है। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ भी आसपास इलाके के लोगों को जागरूक करने में जुटी है। हालांकि ताजे पगचिह्न न मिलने से विभाग की ओर से कैमरे नहीं लगाए गए हैं।
जंगल से बाहर अधिकांश इलाकों में आबादी क्षेत्र के निकट बाघ की चहलकदमी इंसानों के लिए मुसीबत का पर्याय बनी हुई है। पूरनपुर नगर के माधोटांडा क्रॉसिंग के नकट स्थित सेंट जोसेफ स्कूल है। शनिवार को स्कूल के नजदीक कुछ लोगों ने बाघ के पगचिह्न देखे थे। इसकी सूचना के बाद वनविभाग की टीम सक्रिय हुई। हालांकि बाघ किधर निकल गया, इसकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो सकी है। इधर रविवार को बाघ की लोकेशन जानने के लिए वन एवं वन्यजीव प्रभाग के क्षेत्रीय रेंजर गोविंदराम ने नेतृत्व में टीम ने निगरानी शुरू की। जिस पर आबादी के निकट एक घर तक बाघ के पगचिह्न तो मिले, लेकिन यहां से बाघ किधर निकल गया विभाग को इसकी लोकेशन नहीं मिल सकी है।
पगचिह्न बाघ के निकले हैं। स्कूल के नजदीक से होते हुए करबला के पास स्थित शंकर लाल के घर तक बाघ की लोकेशन ट्रेस हुई है। हालांकि पगचिह्न दो दिन पुराने हैं। बाघ की निगरानी के साथ ही स्कूल प्रबंधन और आसपास के लोगों को भी सतर्क किया गया है। - गोविंदराम, रेंजर, वन एवं वन्यजीव प्रभाग
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जंगल से बाहर अधिकांश इलाकों में आबादी क्षेत्र के निकट बाघ की चहलकदमी इंसानों के लिए मुसीबत का पर्याय बनी हुई है। पूरनपुर नगर के माधोटांडा क्रॉसिंग के नकट स्थित सेंट जोसेफ स्कूल है। शनिवार को स्कूल के नजदीक कुछ लोगों ने बाघ के पगचिह्न देखे थे। इसकी सूचना के बाद वनविभाग की टीम सक्रिय हुई। हालांकि बाघ किधर निकल गया, इसकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो सकी है। इधर रविवार को बाघ की लोकेशन जानने के लिए वन एवं वन्यजीव प्रभाग के क्षेत्रीय रेंजर गोविंदराम ने नेतृत्व में टीम ने निगरानी शुरू की। जिस पर आबादी के निकट एक घर तक बाघ के पगचिह्न तो मिले, लेकिन यहां से बाघ किधर निकल गया विभाग को इसकी लोकेशन नहीं मिल सकी है।
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पगचिह्न बाघ के निकले हैं। स्कूल के नजदीक से होते हुए करबला के पास स्थित शंकर लाल के घर तक बाघ की लोकेशन ट्रेस हुई है। हालांकि पगचिह्न दो दिन पुराने हैं। बाघ की निगरानी के साथ ही स्कूल प्रबंधन और आसपास के लोगों को भी सतर्क किया गया है। - गोविंदराम, रेंजर, वन एवं वन्यजीव प्रभाग
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