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किराया तो बढ़ा दिया साहब, बसों की हालत कब सुधारोगे
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पीलीभीत। सरकार ने रोडवेज बसों का किराया दो जनवरी की रात से 10 पैसे प्रति किलोमीटर और एसी बसों का 15 पैसे प्रति किलोमीटर की दर से बढ़ा दिया। पहले से महंगा किराया अब बढ़ोतरी के बाद ट्रेन की तुलना में चार गुना हो गया। इस वृद्धि पर यात्री गुस्से में हैं, उनका कहना है कि परिवहन निगम ने किराया बढ़ाने के साथ यात्री सुविधाएं भी बढ़ाई होतीं तो यह भार भी चुपचाप सहन कर लेते।
पीलीभीत डिपो में 112 साधारण बसों में दर्जनों बसें की सीटें खराब हैं। ये बसें खटारा हो चुकी हैं। लंबे रूट पर खटारा होने के बाद बस लोकल रूट पर चलाने की परिवहन निगम की आदत रही है। इससे रोडवेज का सफर महंगा किराया चुकाने के बाद भी कड़ाके की सर्दी में मुसीबत भरा है। खिड़कियों में शीशे न होने से रात में बस से सफर करने वाले यात्रियों को ठिठुरना पड़ता है। कुल 112 बसों में 13 बसें एसी हैं, जो बरेली, बदायूं, आगरा, रामपुर, शाहजहांपुर, पूरनपुर, लखनऊ, बिजनौर, कानपुर, पालिया, दिल्ली, टनकपुर जाती-आती हैं। इन बसों की हालत सुधारने की तरफ कतई ध्यान नहीं है। यात्री चाहे हिचकोले खाते हुए आधे घंटे का सफर एक घंटे में तय करें या एक घंटे का दो घंटे में।
टूटी खिड़कियां ... चटके शीेशे, खस्ताहाल सीटें
पीलीभीत डिपो की आधे से ज्यादा साधारण बसों में खिड़कियों के शीशे नहीं हैं। सीटों की हालत कुछ ऐसी है कि ड्राइवर ब्रेक मारे तो सीट पर बैठा यात्री खिसककर नीचे फर्श पर गिर पड़े। बरेली से लौटे यात्री अवनीश कुमार का कहना कि रोडवेज बसों के अंदर गंदगी पसरी रहती है। गड्ढायुक्त सड़क पर चलते ही बसों से खटर-पटर की आवाज आने लगती है। यात्री हिचकोले खाते हुए चलते हैं। एक या दो घंटे के सफर में उसकी कमर टेढ़ी होने लगती है। एसी बस में यात्रा करने वाले यात्रियों से जब किराया बढ़ोतरी को लेकर बात की गई तो उनका कहना था कि बस समय पर नहीं आती है। एसी बसों में पानी की बोतल यात्रियों को नही दी जाती है, जबकि नियमानुसार लंबे रूट पर सफर करने वालों को एसी बस में पानी की बोतल मुफ्त में दिए जाने का प्रावधान है क्योंकि इसका पैसा टिकट में ही वसूल लिया जाता है।
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बरेली का रोडवेज में सफर छह रुपये महंगा
रोडवेजों बसों के किराए में बढ़ोत्तरी के बाद रोडवेज बस से बरेली तक के सफर में 6 रुपये की वृद्धि हुई है। पहले बरेली का किराया 56 रुपये था। बढ़ोतरी के बाद 62 रुपये हो गया है।
एसी बस से दिल्ली का सफर 26 रुपये मंहगा
किराया बढ़ोतरी के बाद दिल्ली जाने वाली एसी बस का किराया 555 रुपये के स्थान पर 581 रुपये कर दिया गया है। वहीं साधारण बस का किराया 372 रुपये के स्थान पर 404 रुपये कर दिया गया है। लखनऊ जाने वाली एसी बस में किराया 450 के स्थान पर 496 रुपये का कर दिया गया है।
साधारण बसों को दुरुस्त किया गया है। कमियों को तत्काल ठीक कराया जाता है। एसी बसों में पर्याप्त मात्रा में पानी की बोतलें रहती हैं। यात्रियों को नहीं मिलतीं हैं तो जांच कराई जाएगी। -विजय कुमार गंगवार, एआएम, रोडवेज डिपो
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पीलीभीत डिपो में 112 साधारण बसों में दर्जनों बसें की सीटें खराब हैं। ये बसें खटारा हो चुकी हैं। लंबे रूट पर खटारा होने के बाद बस लोकल रूट पर चलाने की परिवहन निगम की आदत रही है। इससे रोडवेज का सफर महंगा किराया चुकाने के बाद भी कड़ाके की सर्दी में मुसीबत भरा है। खिड़कियों में शीशे न होने से रात में बस से सफर करने वाले यात्रियों को ठिठुरना पड़ता है। कुल 112 बसों में 13 बसें एसी हैं, जो बरेली, बदायूं, आगरा, रामपुर, शाहजहांपुर, पूरनपुर, लखनऊ, बिजनौर, कानपुर, पालिया, दिल्ली, टनकपुर जाती-आती हैं। इन बसों की हालत सुधारने की तरफ कतई ध्यान नहीं है। यात्री चाहे हिचकोले खाते हुए आधे घंटे का सफर एक घंटे में तय करें या एक घंटे का दो घंटे में।
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टूटी खिड़कियां ... चटके शीेशे, खस्ताहाल सीटें
पीलीभीत डिपो की आधे से ज्यादा साधारण बसों में खिड़कियों के शीशे नहीं हैं। सीटों की हालत कुछ ऐसी है कि ड्राइवर ब्रेक मारे तो सीट पर बैठा यात्री खिसककर नीचे फर्श पर गिर पड़े। बरेली से लौटे यात्री अवनीश कुमार का कहना कि रोडवेज बसों के अंदर गंदगी पसरी रहती है। गड्ढायुक्त सड़क पर चलते ही बसों से खटर-पटर की आवाज आने लगती है। यात्री हिचकोले खाते हुए चलते हैं। एक या दो घंटे के सफर में उसकी कमर टेढ़ी होने लगती है। एसी बस में यात्रा करने वाले यात्रियों से जब किराया बढ़ोतरी को लेकर बात की गई तो उनका कहना था कि बस समय पर नहीं आती है। एसी बसों में पानी की बोतल यात्रियों को नही दी जाती है, जबकि नियमानुसार लंबे रूट पर सफर करने वालों को एसी बस में पानी की बोतल मुफ्त में दिए जाने का प्रावधान है क्योंकि इसका पैसा टिकट में ही वसूल लिया जाता है।
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बरेली का रोडवेज में सफर छह रुपये महंगा
रोडवेजों बसों के किराए में बढ़ोत्तरी के बाद रोडवेज बस से बरेली तक के सफर में 6 रुपये की वृद्धि हुई है। पहले बरेली का किराया 56 रुपये था। बढ़ोतरी के बाद 62 रुपये हो गया है।
एसी बस से दिल्ली का सफर 26 रुपये मंहगा
किराया बढ़ोतरी के बाद दिल्ली जाने वाली एसी बस का किराया 555 रुपये के स्थान पर 581 रुपये कर दिया गया है। वहीं साधारण बस का किराया 372 रुपये के स्थान पर 404 रुपये कर दिया गया है। लखनऊ जाने वाली एसी बस में किराया 450 के स्थान पर 496 रुपये का कर दिया गया है।
साधारण बसों को दुरुस्त किया गया है। कमियों को तत्काल ठीक कराया जाता है। एसी बसों में पर्याप्त मात्रा में पानी की बोतलें रहती हैं। यात्रियों को नहीं मिलतीं हैं तो जांच कराई जाएगी। -विजय कुमार गंगवार, एआएम, रोडवेज डिपो