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पशुशाला में घुसकर बाघ उठा ले गया बछड़ा, बनाया निवाला
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पीलीभीत। जंगल से निकलकर मैदानी क्षेत्रों में घूम रहे बाघों के चलते गांवों में दहशत का माहौल है। बिलसंडा के गांव सिमरा महीपतपुर में पशुशाला में घुसकर बाघ एक बछड़े को उठा ले गया। पास के खेत में उसे निवाला बना डाला। वही गजरौला क्षेत्र के गांव सुहास के समीप एक गेहूं के खेत में बाघ के पगचिह्न मिलने से ग्रामीणों में दहशत है। वन कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर पगचिह्न ट्रेस करने के साथ ही ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की है।
बिलसंडा कस्बे से करीब चार किमी की दूर स्थित गांव सिमरा महीपतपुर में रात बाघ ने दस्तक दी। गांव निवासी जैतराम ने बताया कि रात को बाघ के दहाड़ने की आवाज सुनाई दी थी। डर के चलते वे रात को बाहर नहीं निकले। सुबह पशुशाला में जाकर देखा तो वहां बंधा बछड़ा गायब मिला। आसपास जाकर बछड़े की तलाश की तो घर से करीब 300 मीटर की दूरी पर खेत में बछड़े का अधखाया शव पड़ा मिला। बछड़े अधखाया शव मिलने की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के बाहर के खेतों में भी बाघ के चहलकदमी बनी हुई है। इस मामले में ग्रामीणों ने वन विभाग को जानकारी दी, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई।
गजरौला क्षेत्र के गांव सुहास निवासी गुरविंद सिंह और केवल सिंह के गेहूं के खेत में बाघ के ताजा पैरों के निशान मिलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। आसपास खेतों में काम रहे ग्रामीणों को जब इसकी भनक लगी तो वे गांव की ओर भाग खड़े हुए। खेत स्वामी ने इसकी सूचना सामाजिक वानिकी बीसलपुर को दूरभाष पर दी। सूचना पर वन दरोगा नोनीराम टीम के साथ मौके पर पहुंचे टीम ने बाघ के पगचिह्न ट्रेस किए। गजरौला क्षेत्र में बाघ पिछले एक पखवाड़े में दो पशुओं को निवाला बना चुका है। इधर सामाजिक वानिकी बीसलपुर के डिप्टी रेंजर मोहम्मद अयूब ने बताया कि सुहास के पास बाघ की चहलकदमी दिखाई दे रही है। पैरों के निशान ट्रेस कर लिए गए हैं। यह बाघ कुछ दिन पूर्व गांव घियोना में चला गया था, लेकिन अब यह वापस सुहास क्षेत्र में आ गया है। ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कह दिया गया है। टीम निगरानी के लिए मौके पर ही है।
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बाघ की चहलकदमी से लोग खेतों में काम करने से डरने लगे हैं। इससे काफी नुकसान हो रहा है। गन्ने की छिलाई भी प्रभावित हो रही है। -सुधीर कुमार, सिमरा महीपतपुर
बाघ के हमले के बाद से ज्यादातर लोगों को रात जागकर ही गुजारनी पड़ रही है। पशुओं की भी अलग से रखवाली करनी पड़ रही है।-राजीव कुमार, सिमरा महीपतपुर
बाघ के हमलेे की सूचना मुझे नहीं मिली है। यदि ऐसा है तो मैं अपने स्टाफ को मौके पर भेजकर जानकारी कराता हूं।
वजीर हसन, रेंजर, बीसलपुर
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बिलसंडा कस्बे से करीब चार किमी की दूर स्थित गांव सिमरा महीपतपुर में रात बाघ ने दस्तक दी। गांव निवासी जैतराम ने बताया कि रात को बाघ के दहाड़ने की आवाज सुनाई दी थी। डर के चलते वे रात को बाहर नहीं निकले। सुबह पशुशाला में जाकर देखा तो वहां बंधा बछड़ा गायब मिला। आसपास जाकर बछड़े की तलाश की तो घर से करीब 300 मीटर की दूरी पर खेत में बछड़े का अधखाया शव पड़ा मिला। बछड़े अधखाया शव मिलने की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के बाहर के खेतों में भी बाघ के चहलकदमी बनी हुई है। इस मामले में ग्रामीणों ने वन विभाग को जानकारी दी, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई।
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गजरौला क्षेत्र के गांव सुहास निवासी गुरविंद सिंह और केवल सिंह के गेहूं के खेत में बाघ के ताजा पैरों के निशान मिलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। आसपास खेतों में काम रहे ग्रामीणों को जब इसकी भनक लगी तो वे गांव की ओर भाग खड़े हुए। खेत स्वामी ने इसकी सूचना सामाजिक वानिकी बीसलपुर को दूरभाष पर दी। सूचना पर वन दरोगा नोनीराम टीम के साथ मौके पर पहुंचे टीम ने बाघ के पगचिह्न ट्रेस किए। गजरौला क्षेत्र में बाघ पिछले एक पखवाड़े में दो पशुओं को निवाला बना चुका है। इधर सामाजिक वानिकी बीसलपुर के डिप्टी रेंजर मोहम्मद अयूब ने बताया कि सुहास के पास बाघ की चहलकदमी दिखाई दे रही है। पैरों के निशान ट्रेस कर लिए गए हैं। यह बाघ कुछ दिन पूर्व गांव घियोना में चला गया था, लेकिन अब यह वापस सुहास क्षेत्र में आ गया है। ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कह दिया गया है। टीम निगरानी के लिए मौके पर ही है।
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बाघ की चहलकदमी से लोग खेतों में काम करने से डरने लगे हैं। इससे काफी नुकसान हो रहा है। गन्ने की छिलाई भी प्रभावित हो रही है। -सुधीर कुमार, सिमरा महीपतपुर
बाघ के हमले के बाद से ज्यादातर लोगों को रात जागकर ही गुजारनी पड़ रही है। पशुओं की भी अलग से रखवाली करनी पड़ रही है।-राजीव कुमार, सिमरा महीपतपुर
बाघ के हमलेे की सूचना मुझे नहीं मिली है। यदि ऐसा है तो मैं अपने स्टाफ को मौके पर भेजकर जानकारी कराता हूं।
वजीर हसन, रेंजर, बीसलपुर