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केरल के टाइगर रिजर्व की तर्ज पर सजाया संवारा जाएगा पीटीआर

Thu, 12 Dec 2019 02:33 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 12 Dec 2019 02:33 AM IST
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पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) सिर्फ वन्यजीवों के लिए ही नहीं, बल्कि निकट भविष्य में अपनी खूबसूरती के लिए भी जाना जाएगा। दक्षिण भारत के टाइगर रिजर्व के भ्रमण पर गए एसडीओ उमेश राय ने लौटकर अपनी रिपोर्ट फील्ड डायरेक्टर और डिप्टी डायरेक्टर को दी। इसके बाद पीटीआर प्रशासन ने केरल के परम्बिकुलम टाइगर रिजर्व की तर्ज पर पीटीआर में कायाकल्प करने का निर्णय लिया है। इसको लेकर पीटीआर दिल्ली की संस्था से टाइगर रिजर्व का नया डिजाइन तैयार करने को कहा गया है। पीटीआर भी देश के अन्य टाइगर रिजर्व की तरह विकसित होगा। इसके तहत हटों को व्यवस्थित किया जाएगा और पर्यटकों के लिए जिप्सी की जगह मिनी बसें भी दौड़ती नजर आएंगी। वन्यजीवों की जानकारी के लिए ऑडियो-वीडियो सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
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करीब 73000 हेक्टेयर में फैले साल के पेड़ों के इस विशाल जंगल में कई नदियां और नहरें भी हैं। वन्यजीवों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। जनपद के जंगल को नौ जून 2014 को टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया गया। इसमें 60279.80 हेक्टेयर कोर एरिया है जबकि 12745.18 हेक्टेयर में बफर जोन है। गत माह वन विभाग के उच्चाधिकारियों के निर्देश पर प्रदेश के दो वन अफसरों को दक्षिण भारत के टाइगर रिजर्व में अध्ययन को भेजा गया था। इसमें पीटीआर से एसडीओ माला उमेश राय को भी भेजा गया था। उन्होंने केरल के पालक्कड जिले के पराम्बिकुलम टाइगर रिजर्व, तमिलनाडु के सत्यमंगलम टाइगर रिजर्व समेत कुछ अन्य टाइगर रिजर्वों में जाकर वहां टूरिज्म आदि के बारे में जानकारी जुटाई। लौटने पर उन्होंने अपनी रिपोर्ट पीटीआर के फील्ड डायरेक्टर एच राजामोहन और डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल को दी। इसके बाद तय किया गया कि दक्षिण भारत के टाइगर रिजर्व की भांति पीटीआर को भी खूबसूरत तरीके से सजाने संवारने जाएगा।
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परम्बिकुलम टाइगर रिजर्व की तर्ज पर संवारा जाएगा पीटीआर
पीटीआर प्रशासन ने टाइगर रिजर्व को केरल के परम्बिकुलम टाइगर रिजर्व की तर्ज पर खूबसूरत बनाने का निर्णय लिया है। वर्ष 2010 में पीलीभीत के जंगल को टाइगर रिजर्व के रूप में घोषित किया गया था। एसडीओ उमेश राय के मुताबिक वहां जलाशय में नौका बिहार के साथ पर्यटकों को मिनी बसों से भ्रमण कराने की भी व्यवस्था है। हटें भी अस्थायी तरीके से स्थापित की गई हैं, जिन्हें कभी आसानी से हटाया जा सकता है। वन्यजीव भी काफी फ्रेंडली नेचर के हैं। पीटीआर के अफसरों के मुताबिक पीटीआर को खूबसूरत बनाने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। पीटीआर प्रशासन ने दिल्ली की एक संस्था से डिजायन तैयार को कहा है। यदि शासन से अनुमति मिलती है तो पीटीआर अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए भी पहचाना जाएगा। इसके तहत मुख्य रूप से शारदा सागर डैम के आसपास सौंदर्यकरण किया जाएगा।
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टाइगर रिजर्व को अन्य टाइगर रिजर्व की भांति बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। केरल के टाइगर रिजर्व की भांति यहां भी कार्य कराने का निर्णय लिया गया है। एक संस्था को डिजाइन तैयार करने को कहा गया है। इसके बाद इसे मंजूरी के लिए शासन को भेजा जाएगा। -नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीटीआर
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