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सात सूत्री मांगों को लेकर भाकियू का बेमियादी धरना
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बीसलपुर (पीलीभीत)। भाकियू कार्यकर्ताओं ने गन्ना संबंधी सात सूत्री मांगों को लेकर रविवार से गन्ना समिति परिसर में विभागीय अफसरों के विरोध में बेमियादी धरना शुरू कर दिया। पहले दिन भाकियू के तमाम कार्यकर्ता धरने पर बैठे।
भाकियू कार्यकर्ता रविवार को गन्ना समिति परिसर में पहुंचे और गन्ना संबंधी सात सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गए। धरना देने वालों में भाकियू के तहसील अध्यक्ष संतोष यादव, बिलसंडा ब्लॉक अध्यक्ष संतराम, बेलावती, गोकरण लाल, रामपाल, पप्पू वर्मा और बादाम सिंह आदि शामिल रहे। धरने का नेतृत्व कर रहे संतोष यादव ने कहा कि पिछले वर्ष का भुगतान दिलाने, गन्ना क्रय केंद्रों पर मानक के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराने, किसानों से अभद्र व्यवहार करने वाले गन्ना केंद्रों के कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई कराने, क्रय केंद्रों पर गन्ने की तौल सही समय पर शुरू कराने, सही समय पर खत्म कराने, क्रय केंद्रों पर गन्ने का उतार ठेकेदार के कर्मचारियों से करवाने, गन्ने की पताई फुंकने पर लगी रोक हटवाने और किसानों के गन्ने की पर्चियां उनके घरों पर पर्ची वितरकों द्वारा भिजवाने की मांगों को लेकर शुरू किया गया है। तहसील अध्यक्ष ने यह भी बताया कि यदि समय रहते उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो उनका धरना पहले अनशन में तब्दील किया जाएगा और बाद में आमरण अनशन में तब्दील कर दिया जाएगा। रविवार का अवकाश होने के कारण गन्ना विभाग अथवा प्रशासन के किसी भी अधिकारी ने धरना स्थल पर जाकर कार्यकर्ताओं से वार्ता नहीं की, जिससे उनमें रोष देखा गया।
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भाकियू कार्यकर्ता रविवार को गन्ना समिति परिसर में पहुंचे और गन्ना संबंधी सात सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गए। धरना देने वालों में भाकियू के तहसील अध्यक्ष संतोष यादव, बिलसंडा ब्लॉक अध्यक्ष संतराम, बेलावती, गोकरण लाल, रामपाल, पप्पू वर्मा और बादाम सिंह आदि शामिल रहे। धरने का नेतृत्व कर रहे संतोष यादव ने कहा कि पिछले वर्ष का भुगतान दिलाने, गन्ना क्रय केंद्रों पर मानक के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराने, किसानों से अभद्र व्यवहार करने वाले गन्ना केंद्रों के कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई कराने, क्रय केंद्रों पर गन्ने की तौल सही समय पर शुरू कराने, सही समय पर खत्म कराने, क्रय केंद्रों पर गन्ने का उतार ठेकेदार के कर्मचारियों से करवाने, गन्ने की पताई फुंकने पर लगी रोक हटवाने और किसानों के गन्ने की पर्चियां उनके घरों पर पर्ची वितरकों द्वारा भिजवाने की मांगों को लेकर शुरू किया गया है। तहसील अध्यक्ष ने यह भी बताया कि यदि समय रहते उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो उनका धरना पहले अनशन में तब्दील किया जाएगा और बाद में आमरण अनशन में तब्दील कर दिया जाएगा। रविवार का अवकाश होने के कारण गन्ना विभाग अथवा प्रशासन के किसी भी अधिकारी ने धरना स्थल पर जाकर कार्यकर्ताओं से वार्ता नहीं की, जिससे उनमें रोष देखा गया।
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